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कोरिया/पटना,@छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शासकीय योजनाओं के प्रचार प्रसार के लिए निर्धारित किए गए होर्डिंग बोर्ड पर कब्जा

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जनपद पंचायत क्षेत्र क्रमांक 11 की प्रत्याशी ने शासकीय होर्डिंग बोर्ड के स्थान पर कब्जा कर लगाया चुनाव प्रचार वाला पोस्टर
प्रत्येक ग्राम पंचायत में पिछली सरकार के समय से ही निर्धारित किए गए हैं यह स्थान

-रवि सिंह-
कोरिया/पटना,09 फरवरी 2025 (घटती-घटना)। छत्तीसगढ़ प्रदेश में पिछली कांग्रेस सरकार ने पूरे प्रदेश के प्रत्येक ग्राम पंचायत के प्रमुख चौक चौराहों पर शासकीय योजनाओं के प्रचार प्रसार और उपलब्धियां की जानकारी देने के लिए शासन के स्तर पर होर्डिंग बोर्ड लगाने के लिए खंबे लगवाए थे। जिसमें शासन की उन प्रमुख और महती योजनाओं के जिक्र के बैनर पोस्टर लगाए जाते रहे हैं, जिनका सीधा संबंध आम जनता के लाभान्वित होने से है। इसके अतिरिक्त शासन के कार्यक्रमों की रूपरेखा और उपलब्धि को जन-जन तक पहुंचाने के लिए पूरे प्रदेश में इन होर्डिंग बोर्ड के स्थान को सुनिश्चित किया गया था। सरकार बदलने पर कांग्रेस शासन की योजनाओं और उपलçधयां को हटाकर वर्तमान भाजपा सरकार के द्वारा जनता के हित में किये जा रहे कार्यों के प्रचार प्रसार के लिए इन स्थानों का प्रयोग किया जाता रहा है।
परंतु त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2025 के जनपद पंचायत चुनाव के क्षेत्र क्रमांक 11 से प्रत्याशी और पूर्व जनपद उपाध्यक्ष श्रीमती आशा साहू ने शासकीय बैनर पोस्टर को हटाकर अपने चुनाव प्रचार वाले बैनर पोस्टर को ग्राम पंचायत चिरगुडा में लगा दिया है। जबकि आचार संहिता में शासकीय स्थानों और शासकीय संपत्ती का प्रयोग चुनावी कार्य के लिए पूरी तरह प्रतिबंधित है। क्योंकि मामला ग्राम पंचायत का है, शायद इसलिए अभी तक निर्वाचन आयोग के अधिकारियों की नजर इस पर नहीं पड़ी है। परंतु पंचायत में पदस्थ सचिव द्वारा भी इसे अनदेखा किया जाना घोर लापरवाही का सूचक है। क्योंकि आचार संहिता में पंचायत की बागडोर पंचायत में पदस्थ सचिवों पर है। वहीं किसी प्रत्याशी द्वारा भी इस प्रकार की कृत्य किया जाना कहीं ना कहीं उनकी गलती को दर्शाता है। अब देखना यह है कि शासन की नीतियों के प्रचार प्रसार के लिए लगाए गए होर्डिंग बोर्ड को अनधिकृत रूप से हटाकर जनपद सदस्य की प्रत्याशी श्रीमती आशा साहू द्वारा अपने चुनाव प्रचार के लिए लगाए गए बैनर पोस्टर पर निर्वाचन अधिकारी क्या कार्यवाही करते हैं।


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