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चिरमिरी@डॉक्टर वकील का करेगा इलाज या फिर वकील खोलेगा डॉक्टर के भ्रष्टाचार की पोल…नगर निगम चिरमिरी चुनाव होने वाला है वकील वर्सेस डॉक्टर

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-रवि सिंह-
चिरमिरी,27 जनवरी 2025 (घटती-घटना)। नगर निगम चिरमिरी के लिए महापौर प्रत्याशी का चयन दोनों दलों के लिए बड़ा मुश्किल नजर आ रहा था,वहीं जैसे ही दोनों दलों ने टिकट तय किया यह भी स्पष्ट हो गया कि कहीं न कहीं मामला आपसी तालमेल का है और यह हम नहीं कह रहे हैं यह आरोप दोनों ही दलों के कार्यकर्ता सोशल मीडिया पर लगा रहे हैं और भाजपा के कार्यकर्ताओं का कहना है कि कमजोर प्रत्याशी मैदान में उतारकर कांग्रेस प्रत्याशी पूर्व विधायक डॉक्टर विनय जायसवाल को जीत दिलाने की रणनीति पर काम हुआ है। वैसे कांग्रेस के भी कार्यकर्ता और पदाधिकारी नाराज हैं और उनका कहना है कि एक निष्कासित पूर्व विधायक को पार्टी ने प्रत्याशी बनाया है और जबकि उसका विधानसभा चुनाव में समर्थन भाजपा प्रत्याशी को था जिस कारण उसका निष्कासन हुआ था और ऐसे में प्रश्न भी उठाया है वरिष्ठ कांग्रेसियों सहित कार्यकर्ताओं ने की विधायक का निष्कासन या उनका टिकट कटना सही था या पुनः उन्हें महापौर का टिकट देना सही है। चिरमिरी में पूर्व के एक चुनाव की तरह बस न दौड़ जाए इसकी सम्भावना बलवती हो रही है क्योंकि नाराजगी दोनों दलों में है और यदि कोई निर्दल लड़ गया और उसको समर्थन मिला जनता का वह जीत दर्ज कर ले जाएगा। अब यह भी तय हो चुका है कि चुनाव डॉक्टर विरुद्ध वकील होगा और यह भी देखने वाली बात होगी कि डॉक्टर वकील का इलाज कर पाएंगे या फिर वकील डॉक्टर की पोल खोल पाएंगे। वैसे चुनाव में दिलचस्प यह भी होगा कि डॉक्टर चुनाव में भाजपा विधायक स्वास्थ्य मंत्री को मंच से घेरते हैं कि नहीं आरोप प्रत्यारोप का मामला सामने आता है कि नहीं वहीं यह भी दिलचस्प होगा कि क्या खुद मंत्री जी डॉक्टर के विरुद्ध आक्रामक होकर बयानबाजी करते हैं कि नहीं।
डॉक्टर विरुद्ध वकील का चुनाव होना तय
डॉक्टर विनय जायसवाल का महापौर के लिए टिकट लाना उसके लिए जोर लगाना और सभी अन्य को पछाड़ना यह बतलाता है कि उन्हें जीत का विश्वास अत्यंत अधिक है और वह आश्वस्त हैं कि वह चुनाव जीत जाएंगे,वैसे अब सोशल मीडिया का विरोध यह भी बतला रहा है कि उनके लिए राह इतना भी आसान नहीं है,भाजपा का प्रत्याशी भले कमजोर माना जा रहा है एक तरह से डमी माना जा रहा है लेकिन यदि कोई निर्दलीय चुनाव में उतर गया उसे दोनों दलों के नाराज लोगों का साथ मिल जाएगा और वह चुनाव जीत जाएगा। शेष अब टिकट वितरण हो चुका है और यह तय है कि डॉक्टर विरुद्ध वकील ही चुनाव होना है।
चुनाव से पहले ही भाजपा ने खोला विकास का पिटारा
सत्ताधारी दल भाजपा ने चुनाव मतदान से पूर्व विकास का पिटारा भी खोल दिया है जिसमे 120 कार्यों की स्वीकृति चिरमिरी नगर निगम को मिल सकी है। अब विकास कार्यों के भरोसे भी भाजपा प्रत्याशी को चुनाव जीतना आसान होगा।
ठेकेदारी सहित हर मामले में डॉक्टर विनय के परिवार का रहता था विधायक रहते दखल,अब पुनःवही होगा यह है कांग्रेसियों का डर
बताया जा रहा है कि कांग्रेसी डॉक्टर विनय के प्रत्याशी बनाए जाने से डरे हुए हैं और वह यह मानकर चल रहे हैं कि जब वह विधायक और उनकी पत्नी महापौर थीं तब जिस तरह हर काम और हर मामले में उनके ही परिवार वालों का दखल था अब यदि पुनः जीत जाएंगे तो वैसा ही होगा। परिवार के लोग ठेकेदारी करेंगे और किसी और का नंबर शराब दुकान के किराए के लिए भी नहीं लगेगा।
पुराने डॉक्टर समर्थक जो अभी हैं भाजपा में वह भी लौट जाएंगे चुनाव जीतते डॉक्टर विनय खेमे मेंःसूत्र
सूत्रों का कहना है कि डॉक्टर विनय का वह खेमा जो अभी वर्तमान विधायक के साथ है वह चुनाव जीतते ही डॉक्टर विनय के पास लौट जाएगा। माना जा रहा है कि चुनाव में वही खेमा हावी होगा इसलिए पार्टी के वरिष्ठ ज्यादा नाराज हैं।
डॉक्टर विरुद्ध वकील का रोचक होगा चुनाव,एक नब्ज पकड़ने का करेगा प्रयास एक भ्रष्टाचार को बना सकता है आधार
चिरमिरी नगर निगम का चुनाव महापौर पद के लिए डॉक्टर विरूद्ध वकील होना तय है, अब डॉक्टर अपने पेशे अनुसार लोगों की नज पकड़ने की कोशिश करेंगे उसे टटोलने की जुगत लगाएंगे वहीं एक भ्रष्टाचार की पोल डॉक्टर की वकील खोल सकते हैं और उसे उजागर कर चुनाव जीतने का प्रयास कर सकते हैं। वकील को डॉक्टर सहित उनकी पत्नी के कार्यकाल के भ्रष्टाचार को उजागर करने का मौका मिलेगा और यह उनके लिए बड़ा चुनावी हथियार हो सकता है। अब देखना है कि क्या वकील ऐसा करते हैं या फिर वह सामान्य प्रचार प्रसार के ही भरोसे चुनाव लड़ते हैं? सामान्य प्रचार प्रसार के रास्ते वैसे वकील चुनाव जीत पाएंगे यह लगता नहीं है, डॉक्टर के भ्रष्टाचार जिसमे वैश्विक महामारी के दौरान किए गए बड़े भ्रष्टाचार को वकील उजागर कर सकते हैं जिसमें बंद फैक्ट्री से सेनिटाइजर खरीदी घोटाला,आपदा में अवसर वाला मामला है जो वकील को डॉक्टर के विरुद्ध मजबूत बना सकेगा।
क्या डॉक्टर अपना जराधार साबित करने लड़ रहे हैं महापौर का चुनाव?
डॉक्टर विनय जायसवाल पार्टी विरुद्ध कार्य की वजह से पार्टी से निष्कासित हुए थे वहीं उन्हें चुनाव में विधानसभा विश्वासपात्र कांग्रेस ने नहीं माना था। अब पुनः कांग्रेस ने उन्हें विश्वासपात्र माना है और उन्हें टिकट दिया है महापौर का। वैसे क्या डॉक्टर विनय अपना जनाधार साबित करने मैदान में हैं चुनावी।। वैसे माना भी ऐसा ही जायेगा,यदि वह चुनाव जीत गए उनका जनाधार था चिरमिरी में वह विधानसभा चुनाव भी जीत जाते यह तय हो जायेगा वहीं उनकी जीत के बात वह भविष्य में पार्टी के विधानसभा प्रत्यासी होंगे कांग्रेस के यह भी तय हो जाएगा। वैसे उनकी जीत से यह भी तय होगा कि उनका और वर्तमान विधायक का टक्कर होता तो वही विजेता होते।
भाजपा भ्रष्टाचार के बारात वाली सीन को फिर से करने लगी है वायरल
भाजपा अब उस बारात का वीडियो वायरल कर रही है जो वर्तमान विधायक स्वास्थ्य मंत्री ने विपक्ष में रहते हुए निकाला था और डॉक्टर विनय के पोल को भ्रष्टाचार के खोला था। अब देखना है कि क्या जनता डॉक्टर विनय को पुनः मौका देती है या उन्हें उनके भ्रष्टाचार की वजह से घर में ही बैठा देती है। भ्रष्टाचार की बारात की वीडियो हर मोबाइल सोशल मीडिया में वायरल हो रही है ।
भाजपा प्रत्याशी को लेकर मंत्री की छवि भी दाव पर
भाजपा प्रत्याशी के जीत हार के साथ विधायक साथ ही मंत्री की छवि भी दांव पर होगी। भाजपा के प्रत्याशी की जीत मंत्री के जनाधार को साबित करेगी वरना पुनः डॉक्टर विनय का पलड़ा भारी हो जाएगा। यह कहना भी गलत नहीं होगा कि यदि डॉक्टर चुनाव जीत जाते हैं वह भविष्य में विधानसभा भी पहुंचने मजबूत नजर आने लगेंगे वहीं यदि वह हार जाते हैं मंत्री जी का जनाधार जाहिर हो जाएगा। वैसे मंत्री जी को जी जान से मेहनत कर भाजपा प्रत्याशी को जिताना होगा और ऐसा हुआ तो वह पुनः विधायक बनेंगे यह भी तय हो जायेगा।
जो विपक्ष में होते हुए अपने क्षेत्र के विधायक को नहीं घेर पाए अब क्या उसके सामने वह चुनाव जीत पाएंगे?
डॉक्टर विनय विपक्ष में रहते हुए अब तक एकबार भी क्षेत्रीय विधायक साथ ही मंत्री को उनकी कार्यप्रणाली के आधार पर घेर पाने में असमर्थ रहे हैं। अब डॉक्टर विनय के समाने भले ही भाजपा का प्रत्याशी होगा लेकिन उनका मुकाबला सीधे मंत्री जो क्षेत्रीय विधायक हैं उनके साथ है। वर्तमान विधायक साथ ही मंत्री विपक्ष में रहते हुए डॉक्टर विनय को घेरने में कभी पीछे नहीं हटते थे। अब क्या इन परिस्थितियों के बाद डॉक्टर विनय चुनाव जीत पाएंगे,यह देखने वाली बात होगी?
चिरमिरी कांग्रेस में डॉक्टर विनय के महापौर प्रत्याशी बनते ही पार्टी छोड़ने लगी कतार
डॉक्टर विनय के कांग्रेस से चिरमिरी नगर निगम महापौर प्रत्याशी घोषित होते ही पार्टी छोड़ने कतार लगनी शुरू हो गई है। कई पदाधिकारियों ने लिखित रूप से पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया है। प्रदेश संयुक्त महामंत्री बबीता सिंह जहां पार्टी छोड़ने पत्र लिख चुकी हैं निर्दलीय उन्होंने चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है वहीं लॉक अध्यक्ष बलदेव दास ने भी पार्टी छोड़ने की बात कह दी है। पार्टी के वरिष्ठ नेता ओम प्रकाश गुप्ता भी अब चुनाव से दूरी बनाने की बात कह रहे हैं। कुल मिलाकर डॉक्टर विनय को पार्टी के अधिकांश लोग नकार चुके हैं। बता दें कि डॉक्टर विनय ने विधायक रहते परिवारवाद का उदाहरण प्रस्तुत किया था और महापौर तब प्रभाव से अपनी पत्नी को बनवा लिया था वहीं कइयों को जो तब महापौर के दावेदार थे उन्हें उन्होंने निपटा दिया था। अब देखना है क्या उन्हें उनकी ही करनी की यह सजा मिलने जा रही है। पदाधिकारी कार्यकर्ता उन्हें नकारने जा रहे हैं।


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