आईपीएस राहुल भगत को सराहनीय सेवाओं के लिए पुलिस पदक
रायपुर,25 जनवरी 2025 (ए)। स्वतंत्रता दिवस 2024 के अवसर पर महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग के 25 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को वीरता पदक, विशिष्ट सेवा पदक एवं सराहनीय सेवा पदक से विभूषित करने की घोषणा की है। इसके बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, गृहमंत्री विजय शर्मा और डीजीपी अशोक जुनेजा ने पदक से विभूषित पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिजनों को शुभकामनाएं दी है।
15 पुलिसकर्मियों को वीरता पदक
जिन पुलिसकर्मियों को वीरता पदक मिलेगा उनमें शिशुपाल सिन्हा, निरीक्षक, जिला बालोद, निर्मल जांगड़े, उप निरीक्षक, हाल निरीक्षक, जिला कांकेर, अमैया चिलमुल, प्रधान आरक्षक, जिला बीजापुर, फुल्ला गोपाल, प्रधान आरक्षक, जिला बीजापुर, तुलाराम कुहरामी, प्रधान आरक्षक, जिला बीजापुर, गोपाल बोड्डु, आरक्षक, जिला बीजापुर, हेमन्त एण्डि्रक, आरक्षक, जिला बीजापुर, मोती लाल राठौर, आरक्षक, जिला बीजापुर, गोविन्द सोढ़ी, आरक्षक, जिला बीजापुर, सुकारू राम, आरक्षक, जिला बीजापुर,मुन्ना कड़ती, आरक्षक, जिला बीजापुर, कृष्णा गाली, आरक्षक, जिला बीजापुर, भीमा, आरक्षक, जिला बीजापुर, धनीराम कोरसा, आरक्षक, जिला बीजापुर, कृष्णा ताती, आरक्षक, जिला बीजापुर शामिल हैं।
विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक
आनंद सिंह रावत, सहायक सेनानी, पीटीसी बोरगांव को राष्ट्रपति पुलिस पदक से नवाजा जाएगा।
सराहनीय सेवाओं के लिए पुलिस पदक
सुशील चंद्र द्विवेदी, पुलिस महानिरीक्षक, अअवि, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर, राहुल भगत, सचिव, मुख्यमंत्री, छग शासन, रायपुर, राजकुमार मिंज, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, पुलिस प्रशिक्षण शाला, माना-रायपुर, गुरजीत सिंह ठाकुर, उप पुलिस अधीक्षक, जिला रायपुर,प्रशांत श्रीवास्तव, सहायक सेनानी, मुख्यमंत्री सुरक्षा, वीआईपी सुरक्षा, रायपुर, प्रभु लाल कोमरे, कंपनी कमाण्डर, 19वीं वाहिनी, छसबल, जगदलपुर, द्वारिका प्रसाद मिश्रा, उप निरीक्षक, जिला बस्तर, धरम सिंह नरेटी, प्रधान आरक्षक, जिला सुकमा, रविन्द्र कुमार ठाकुर, प्रधान आरक्षक, जिला कांकेर शामिल हैं।
केंद्र सरकार ने की पद्म पुरस्कारों की घोषणा
पंडी राम मंडावी पुरस्कारों की सूची में शामिल
केंद्र सरकार ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कारों की घोषणा कर दिया है। इस बार छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के गोंड मुरिया जनजाति के जाने-माने कलाकार पंडी राम मंडावी को भी पद्मश्री पुरस्कारों की सूची में शामिल किया गया है। पारंपरिक वाद्ययंत्र निर्माण और लकड़ी की शिल्पकला के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए पंडी राम मंडावी को पद्मश्री से नवाजा जाएगा। 67 वर्षीय पंडी राम मंडावी की विशेष पहचान बांस की बस्तर बांसुरी, जिसे सुलुर’ कहा जाता है, के निर्माण में है। इसके अलावा, उन्होंने लकड़ी के पैनलों पर उभरे हुए चित्र, मूर्तियां और अन्य शिल्पकृतियों के माध्यम से अपनी कला को वैश्विक स्तर पर पहुंचाया है। पंडी राम मंडावी ने मात्र 12 वर्ष की आयु में अपने पूर्वजों से यह कला सीखी और अपने समर्पण व कौशल के दम पर छत्तीसगढ़ की कला और संस्कृति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। सिर्फ इतना ही नहीं एक सांस्कृतिक दूत के रूप में उन्होंने अपनी कला का प्रदर्शन 8 से अधिक देशों में किया है। साथ ही, अपने कार्यशाला के जरिए 1,000 से अधिक कारीगरों को प्रशिक्षण देकर इस परंपरा को नई पीढिय़ों तक पहुंचाने का कार्य किया है। गौरतलब है कि नामों के ऐलान के बाद मार्च या अप्रैल महीने में राष्ट्रपति भवन में आयोजित किये जाने वाले सम्मान समारोहों में भारत के राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा पद्म पुरस्कार विजेताओं को दिया जाता है। पद्म पुरस्कारों को तीन श्रेणियों में दिया जाता हैं, जिनमें पद्म विभूषण,पद्म भूषण और पद्मश्री शामिल हैं।
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