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मनेन्द्रगढ़@क्या सरकारी संपत्ती को भू-माफिया अपनी जागीर समझ बैठे हैं?

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  • सरकारी जमीन हथियाकर कमाना चाहते हैं करोड़ भू माफिया?
  • भू माफिया के ऊपर अधिग्रहण कर प्लाटिंग करने का आरोप

रवि सिंह-
मनेन्द्रगढ़,10 जनवरी 2025 (घटती-घटना)। राजस्व विभाग भी अजीब विभाग है यहां पर कभी भ्रष्टाचार खत्म नहीं होने वाला इसके पीछे का कारण यहां पर बैठने वाले अधिकारी हैं, इन्हें जिम्मेदारी गया है शासकीय जमीन को बचाने की पर यह तो शासकीय जमीनों को लूटने की ओर काम करते नजर आ रहे हैं यह कहना गलत नहीं होगा, शासकीय जमीन कैसे बचेगी इस और कोई काम नहीं होता पर शासकीय जमीन कैसे निजी हो जाएगी कैसे कब्जा हो जाएगा यह सब इनके आंखों के सामने होता है, इस पर इनका कोई भी ध्यान नहीं रहता है। यदि ईमानदारी से तहसीलदार एसडीएम व राजस्व का पूरा अमला कम करें तो क्या शासकीय जमीन का 1 इंच भी कोई ले पाएगा? पर सवाल यह है कि आखिर यह इमानदारी से काम करेंगे कब? कौन सी सरकार इनसे ईमानदारी से काम करवा पाएगी? जिन्हें आना है वह चढ़ावा चढ़ा कर आता है ताकि जाकर पूरी बेईमानी से कम कर सके?
कुछ ऐसा ही मामला सामने आया जन्हा मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में मुख्यालय मनेन्द्रगढ़ में कार्यालय कार्यपालन अभियंता (संचा. संघा) संभाग,छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी मर्यादित जिला -मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (छ.ग.) की बेशकीमती भूमि के बारे में जानकारी सामने आई है, जिस पर भूमाफिया ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। भूमाफिया ने इस भूमि का अवैध रूप से अधिग्रहण किया और यहां प्लाटिंग का कार्य शुरू कर दिया, जिससे यह भूमि अब अवैध रूप से बिकने के लिए तैयार हो गई है। यह भूमि पहले से ही सरकारी संपत्ती है, जिसे भूमाफिया ने जलसाजी करके अपनी निजी संपçा बना कर भूमि का स्वरूप बदला और उसके बाद उसे प्लॉट्स में विभाजित कर बेचने का काम शुरू किया गया।
कलेक्टर से शिकायत
इस मामले में स्थानीय लोगों ने कलेक्टर से शिकायत की थी और प्रशासन से कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत में बताया गया था कि भूमाफिया ने न केवल सरकारी भूमि का अवैध रूप से कब्जा किया है, बल्कि वे यहां पर प्लाटिंग भी कर रहा है, जिससे भविष्य में यह भूमि अवैध रूप से बेची जा सकेगी। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। कलेक्टर को इस मामले में कार्रवाई करने के लिए कई बार निवेदन किया गया था, लेकिन किसी भी स्तर पर कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। इस कारण भूमाफिया का हौसला बढ़ गया है और वे इस भूमि पर अपनी अवैध गतिविधियों को और भी विस्तार देने का प्रयास कर रहे हैं।
क्या इसे प्रशासन की लापरवाही समझे?
यह स्थिति न केवल प्रशासन की लापरवाही को दर्शाती है, बल्कि यह भी सवाल खड़ा करती है कि क्या सरकारी अधिकारी अपने कर्तव्यों का सही तरीके से पालन कर रहे हैं। लोगों में गहरी चिंता व्याप्त है, क्योंकि यदि समय रहते इस अवैध कजे और प्लाटिंग पर कार्रवाई नहीं की जाती है, तो यह बेशकीमती भूमि पूरी तरह से भूमाफिया के कब्जे में चली जाएगी, जिससे भविष्य में न केवल सरकारी संपत्ती का नुकसान होगा, बल्कि यह अन्य अवैध गतिविधियों के लिए भी प्रेरणा का कारण बनेगा। स्थानीय लोग और समाजसेवी अब प्रशासन से इस मामले में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि अवैध कजा हटाया जा सके और इस भूमि की सही देखरेख की जा सके। इसके अलावा, कड़ी कानूनी कार्रवाई की भी आवश्यकता महसूस की जा रही है ताकि भूमाफिया के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकें और सार्वजनिक संपत्ती को बचाया जा सके। इस स्थिति में सरकार और प्रशासन की तत्परता पर प्रश्न चिन्ह उठ रहे हैं, और अगर जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता, तो यह मामला गंभीर रूप ले सकता है।


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