- 20 से अधिक शराब के ब्रांड नहीं है छाीसगढ़ के सरकारी शराब दुकानों में
- शराब प्रेमियों के मध्य प्रदेश की शराब में अब दिखने लगी दिलचस्पी जिससे छाीसगढ़ के शराब बिक्री में आ सकती है गिरावट
-रवि सिंह –
मनेंद्रगढ़,07 जनवरी 2025 (घटती-घटना)। मिलावट से तो छत्तीसगढ़ के शराब प्रेमी परेशान है ही अब उनके साथ दूसरी समस्या आ चुकी है ब्रांडेड शराब न मिलने की,यही वजह है कि छत्तीसगढ़ के शराब प्रेमियों को अब अपने पड़ोसी राज्य यानी कि मध्य प्रदेश की शराब पर निर्भर होना पड़ रहा है, उन्हें अपने प्रदेश की शराब से ज्यादा पसंद अब अपने पड़ोसी राज्य की शराब आ रही है, यही वजह है कि वह छत्तीसगढ़ की शराब पीने से ज्यादा मध्य प्रदेश की शराब पीना ज्यादा पसंद कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें वहां के शराब में मिलावट न होना के साथ ही उन्हें मनपसंद ब्रांड भी मिल जा रहा है, ऐसे में छत्तीसगढ़ की शराब बिक्री पर असर पड़ सकता है पर क्या छत्तीसगढ़ इस समस्या को लेकर तैयार है या फिर आबकारी विभाग में ही कमी है या फिर कोई भ्रष्टाचार इस सरकार में भी होने वाला?
सूत्रों का दावा है की एमसीबी जिले की शराब दुकानों में करीब 15 से 20 ब्रांडेड शराब आउट आफ मार्केट हो गए हैं। यहां की शराब दुकानों में मनपसंद ब्रांड की शराब की आपूर्ति नहीं होने से बिक्री बाधित है जिसके चलते आबकारी विभाग को राजस्व भी प्रभावित हो रहा है। शराब दुकानों में मांग के अनुरूप ब्रांडेड शराब की आपूर्ति नहीं हो पा रही है, जिसके चलते दुकानों से बिक्री प्रभावित हो रही है। ग्राहकों के लगातार शिकायत के बावजूद आबकारी अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं। लेकिन इसका स्थाई समाधान नहीं निकल पाया है। बताया जा रहा है कि ब्रांडेड शराब की आपूर्ति ठीक से नहीं होने से राजस्व लक्ष्य का तेजी से गिरता जा रहा है। आबकारी विभाग के दबाव नही होंने के कारण राजस्व बहुत कम आ रहा है।
नई उत्पाद नीति लागू होने के बाद से ही सवालों के घेरे में सरकार क्यों?
छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में नई उत्पाद नीति के तहत शराब बेच रही है। नई उत्पाद नीति को लागू करने के पीछे उद्देश्य यह था कि राज्य में लोगों को नकली शराब न मिले, गुणवाा ठीक हो, जिसकी पूरी निगरानी होगी। इससे भी वृद्धि होगी। वर्तमान में स्थिति इससे विपरीत है। निगरानी के मानक अब तक पूरे नहीं हो सके, कई मनचाहे ब्रांड के लिए लोग इंतजार करते रह गए और राजस्व का भी हाल बेहाल है। जिला मुख्यालय सहित जिले के प्रायःसभी देशी- विदेशी शराब दुकानों में खुलेआम ओवर रेट में शराब बेचकर व ब्रांडेड शराब व बियर नही मिल पाने के साथ ही दुकानदारों द्वारा नये नाम के लोकल शराब देने के कारण ग्राहकों की जेब में डाका डालने का काम आबकारी विभाग की नाक के नीचे दुकान के कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा है। राज्य में साा परिवर्तन के बाद से लगातार मनपसंद ब्रांड नही मिलने, ओवर रेट में शराब बेचने का खेल जारी है। ओव्हर रेट में शराब बेचकर लाखों रुपए की अवैध कमाई की जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया की आबकारी विभाग के जिम्मेदार अधिकारी को फोन पर सूचना देने पर भी कार्यवाही करने नहीं आते। और कोई सुनवाई नहीं होती। विभागीय अधिकारियों के संरक्षण के बिना शराब दुकान के कर्मचारी ऐसी हिमाकत नहीं कर सकते। जब से शासन द्वारा शराब को ठेका पध्दति से दूर किया है तब से एक ओर शराब के लिए ब्रांड को लेकर विवाद की स्थिति उतपन्न होती रहती है। सेल्समैनों की मनमानी की भी शिकायत लगातार सामने आती रहती है। ग्राहकों से अभद्रता व देशी व विदेशी शराब दुकानों में चिल्हर को लेकर सेल्समैनों की कांटामारी की शिकायतें भी सामने आती रहती है। इस तरह की मनमानी को लेकर कभी भी कोई बडी घटना घटित हो सकती है।
शराब दुकानों में नही मनचाहा ब्रांड, होता है विवाद
एमसीबी जिला की हालत यह है कि हाई रेंज की शराब व बियर नहीं मिलने से बिक्री भी प्रभावित हो रही है रॉयल चैलेंज, ब्लैक लेबल, ब्लू लेबल, एंटीम्टिी, रॉयल चैलेंज, वाइन व फास्टर,किंगफिशर, 5000, थंडर बोल्ट जैसे ब्रांड की बोतल उपलब्ध नही है। इसके साथ ही मध्यम रेंज की शराब रायल स्टेग, ब्लेंडर प्राइड, आईबी, मेकडल नम्बर वन दुकान से नदारद है। शराब प्रेमियों को पसंदीदा ब्रांड नही मिल पाने से एतराज भी जता रहे है।
मध्यप्रदेश की शराब में ले रहे रुचि
मनेंद्रगढ़ में शराब प्रेमियों को शासकीय शराब दुकान में मनपसंद ब्रांड नही मिलने से शराब प्रेमियों द्वारा मध्यप्रदेश की शराब लेकर पी रहे। शहर में कोचियों द्वारा शराब प्रेमियों को उनकी मनपसंद ब्रांड उपलब्ध कराई जा रही।जिस वजह से अवैध शराब की बिक्री करने वालो की दिन पर दिन बढ़ोतरी होती जा रही है।और अवैध शराब की बिक्री से छत्तीसगढ़ सरकार को लाखो रुपए की राजस्व की भी हानि हो रही है।समय रहते इस ओर जिम्मेदार अधिकारियों को ध्यान देने की आवश्यकता है।ताकि सरकार को राजस्व की हानि से बचाया जा सके।
आबकारी विभाग की नही दिखी कोई बड़ी कार्यवाही
पिछले कुछ सालो पर नजर डाली जाए तो आबकारी विभाग की ऐसी कोई बड़ी मध्यप्रदेश की अवैध शराब पर कार्यवाही की गई हो।जिस वजह से भी मध्यप्रदेश की शराब मनेंद्रगढ़ के हर एक वार्ड में खुलेआम बेची जा रही है।
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