- किसानों को शाल, श्रीफल और फूलमाला से किया गया सम्मानित,वहीं जिला कलेक्टर के कार्यक्रम में विद्यालय के समय में जनपद उपाध्यक्ष के शिक्षक पति की उपस्थिति भी बनी आश्चर्य का विषय
- जनपद उपाध्यक्ष के शिक्षक पति किसी फोटो के फ्रेम में तो नहीं आए,बल्कि फोटो वीडियो से बचते रहे
- एक तरफ जिला कलेक्टर द्वारा शिक्षा व्यवस्था सुचारु करने के लिए चलाई जा रही मुहिम, वहीं दूसरी तरफ विद्यालय के समय में शिक्षक उन्हीं के कार्यक्रम में पीठ पीछे शिरकत करते आया नजर
-रवि सिंह-
कोरिया,14 नवम्बर 2024 (घटती-घटना)। शासन की महत्वाकांक्षी योजना प्रदेश के किसानों से एक-एक दाना उपार्जित अन्न समर्थन मूल्य खरीदी करने का शुभारंभ सत्र 2024-25 में धान खरीदी केंद्रों में आज से प्रारंभ हुआ। पूरे प्रदेश के सभी धान खरीदी केंद्रों में एक साथ विधिवत धान खरीदी का शुभारंभ पूरे प्रदेश में जिले के अधिकारियों, निर्वाचित जनप्रतिनिधि, और प्रदेश की राजनीति में अपनी पैठ रखने वाले राजनीतिज्ञों की उपस्थिति में संपन्न हुआ। कोरिया जिले में निर्धारित लगभग सभी धान खरीदी केंद्रों में भी आज से धान खरीदी पर्व का शुभारंभ हुआ। जिले की तेज तर्रार महिला कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी द्वारा आदिम जाति सेवा सहकारी समिति तरगांव में विधिवत पूजा पाठ के द्वारा धान खरीदी का शुभारंभ किया गया। इस दौरान उपस्थित किसानों का शाल, श्रीफल, और फूलमालाओं द्वारा स्वागत भी किया गया। जिले के कलेक्टर द्वारा समिति में समुचित व्यवस्था करने, किसानों को किसी प्रकार की तकलीफ ना हो इसका ध्यान रखने, और खरीदी में पारदर्शिता रखने का भी निर्देश समिति के कर्मचारियों को दिया गया।
ज्ञात हो की जैसा रुख वर्तमान कलेक्टर के जिले में पदस्थापना के बाद देखा जा रहा है, इस बात की पूरी संभावना है कि किसी प्रकार की गड़बड़ी उत्पन्न होने और करने से पहले कर्मचारियों को कई बार सोचना पड़ेगा। परंतु धान खरीदी केंद्र तरगांव में शुभारंभ के कार्यक्रम में एक अजीब बात यह देखने को मिली कि कोरिया जिले के बैकुंठपुर जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष श्रीमती आशा साहू के पति जो पेशे से शासकीय शिक्षक है, वह भी कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहा। धान खरीदी के शुभारंभ का यह कार्यक्रम जिस वक्त चल रहा था, वह विद्यालय के समय का था। और जनपद उपाध्यक्ष के पति को अपने विद्यालय में उपस्थित होना था। परंतु वह अपनी राजनीतिज्ञ पत्नी के साथ जिला कलेक्टर के कार्यक्रम में मौजूद दिखाई दिया। हालांकि कार्यक्रम में मौजूद होने के बाद भी उक्त शिक्षक किसी फोटो, वीडियो में आने से बचता रहा। परंतु प्रत्यक्ष दर्शकों ने उसकी वहां मौजूदगी को लेकर आश्चर्य जताया और तरह-तरह की चर्चाएं की। क्योंकि एक तरफ जहां जिला कलेक्टर द्वारा जिले के शिक्षण व्यवस्था को सुधार करने के लिए मुहिम चलाई गई है, शिक्षकों की नियमित और समय अनुसार उपस्थिति, छात्रों के विधिवत अध्यापन और अन्य गतिविधियों की मॉनिटरिंग करने के लिए जिला कलेक्टर द्वारा जहां जिले के छह दर्जन से अधिक अधिकारी कर्मचारियों को निर्देशित किया है। वही विद्यालय के समय में शिक्षक द्वारा विद्यालय में उपस्थित न होकर जिला कलेक्टर के कार्यक्रम में ही पीठ पीछे शिरकत करते हुए नजर आना लोगों के लिए चर्चा का विषय बना रहा। और लोगों द्वारा यह भी कहा गया कि जब शिक्षक ही राजनीति करेंगे, विद्यालय में उपस्थित नहीं रहेंगे तो छात्रों के भविष्य का तो भगवान ही मालिक है।
विशेष आवश्यकता पर ऑनलाइन अवकाश की व्यवस्था है राज्य सरकार द्वारा…
पूरे प्रदेश में शिक्षकों के लिए राज्य सरकार ने विभिन्न आवश्यकताओं की प्रतिपूर्ति में अवकाश की व्यवस्था दी है। परंतु इस सत्र में यह अनिवार्य कर दिया गया है कि यह विभिन्न प्रकार के अवकाश उन्हें विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करने पर ही प्राप्त होंगे। इस प्रकार जिले के शिक्षकों को भी अवकाश के लिए ऑनलाइन तथा ऑफलाइन दोनों प्रकार का आवेदन करना अनिवार्य है। यदि उपाध्यक्ष पति ने अवकाश लेकर अपनी पत्नी के साथ कार्यक्रम में शिरकत किया तो यह अवकाश ऑनलाइन पोर्टल पर दिखाई देगा। परंतु बड़ा सवाल यह भी है कि शासन द्वारा प्रदत्त विभिन्न प्रकार के अवकाश विशेष परिस्थितियों और निजी कार्यों के संपादन के लिए दिए जाते हैं। ना की राजनीति करने के लिए। यदि उपाध्यक्ष पति द्वारा अवकाश लेकर कार्यक्रम में शिरकत किया गया तो तो उन्हें फोटो वीडियो से छुपने की आवश्यकता नहीं थी। अब आगे देखने वाली बात यह होगी कि जिले के कलेक्टर द्वारा शिक्षण व्यवस्था को सुधारने के लिए चलाई जा रही मुहिम को सफलता मिलेगी, या ऐसे शिक्षक जो वेतन तो राज्य सरकार से ले रहे हैं, परंतु विद्यालयों से अनुपस्थित रहकर, ठेकेदारी, नेतागिरी और अन्य गतिविधियों में संलिप्त होकर शासकीय विद्यालय में अध्ययन कर रहे छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। क्या वे कलेक्टर महोदय के मुहिम और उद्देश्य को धता बताने में सफल होंगे।
जिला कलेक्टर के महत्वाकांक्षी मुहिम को तथाकथित नेता जैसे शिक्षक लगा रहे पलीता
जब से वर्तमान कलेक्टर ने जिले में पदभार संभाला है, उनकी विशेष रुचि शिक्षण व्यवस्था को सुधारने में है। और जिसके क्रियान्वयन के लिए जिला कलेक्टर द्वारा लगातार विद्यालय में निरीक्षण भी किया जा रहा है। इसकी अतिरिक्त समय-समय पर विभागीय अधिकारियों की मीटिंग लेकर आवश्यक दिशा निर्देश भी जिला कलेक्टर द्वारा जारी किए जा रहे हैं। जिनको आगे बढ़ाते हुए जिला कलेक्टर ने जिले के लगभग 70 से अधिक अधिकारी कर्मचारियों की ड्यूटी विद्यालय के मॉनिटरिंग कार्य में लगा कर रखी है। जिनका मुख्य उद्देश्य शिक्षकों की समय अनुसार नियमित उपस्थिति की निगरानी, छात्रों को उचित शिक्षण प्राप्त हो रहा है कि नहीं, इसकी निगरानी, गैर शैक्षणिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं या नहीं, इसकी निगरानी के लिए आदेशित किया गया है। जिला कलेक्टर के इस कड़ाई के बावजूद भी जिले के कई शिक्षक बाज नहीं आ रहे हैं, और विद्यालय के समय में अपनी नेतागिरी चमका रहे हैं। जिसकी बानगी धान खरीदी 2024-25 के शुभारंभ के अवसर पर आदिम जाति सेवा सहकारी समिति तरगांव में देखने को मिली, जहां बैकुंठपुर जनपद के उपाध्यक्ष श्रीमती आशा साहू के पति, जिन्हें उक्त समय पर अपने विद्यालय में उपस्थित रहकर बच्चों को अध्यापन कार्य करना था, वह भी जिला कलेक्टर के कार्यक्रम में नजर आए। हालांकि उपाध्यक्ष पति ने इतनी सतर्कता बरती की वह किसी फोटो वीडियो में नजर नहीं आए।परंतु प्रत्यक्षदर्शी और उपस्थित लोगों ने उनकी मौजूदगी को आश्चर्यजनक बताया।
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