नियमितीकरण के अर्थदंड को कम करने के लिए आधा तोर आधा मोर में होता है सौदा तय:सूत्र।
व्यवसायिक भवन निर्माण अनुज्ञा के लिए ली जाती है भारी भरकम रिश्वत तब मिलता है प्रमाण पत्र।
क्या व्यावसायिक भवन निर्माण अनुज्ञा प्रमाण पत्र निर्माण के बाद देने की प्रथा है कोरिया ग्राम नगर निवेश की?
-रवि सिंह-
कोरिया,26 अक्टूबर 2024 (घटती-घटना)। कोरिया जिले के ग्राम एवं नगर निवेश कार्यालय में जमकर भर्राशाही है यहां पर बिना रिश्वत के कोई भी काम नहीं होता, यहां तक कि एक नई प्रथा चल रही है व्यावसायिक भवन निर्माण अनुज्ञा प्रमाण पत्र जो निर्माण से पहले लिया जाता है वह इस समय निर्माण के बाद देने की प्रथा कोरिया में शुरू हो गई है, इसके कई उदाहरण है जो जांच का विषय है, वही नियमितीकरण के अर्थदंड को कम करने के लिए अधिकारी व कर्मचारी आधा तोर आधा मोर में सौदा करके सरकार को राजस्व की हानि पहुंचा रहे हैं, सूत्रों का कहना है की जिनका अर्थ दंड लाखों में होता है उसे कम करने के लिए अधिकारी कर्मचारी मुंह मांगा रही तय करके रिश्वत लेते हैं, अर्थदंड शुल्क जितना कम होता है उसका आधा हिस्सा अधिकारी व कर्मचारी लेते हैं, यह प्रथा नगर निवेश कार्यालय के राजेश तारम के द्वारा शुरू की गई है…वही सहसंचालक की भी भूमिका संदिग्ध है राजेश तारम जो निरीक्षक हैं उन्हें संचालक का संरक्षण प्राप्त है जिस वजह से वह उगाही सिस्टम शुरू कर दिए हैं और रिश्वत प्रथा चरम पर है ऐसा सूत्रों का दवा। जानकारी कैसे जा रही बाहर इसे पता करने में अधिकारी कर्मचारी व्यस्त- अपनी कमियों को दूर करने की बजाय कार्यालय की कमियां कैसे पत्रकारों को पता चल रही है इस पर कार्यालय के अधिकारी कर्मचारियों का ज्यादा ध्यान है वह सभी पर शक कर रहे हैं, यहां तक की बिना अनुमति के कैमरा भी लगाया गया है अब ऐसे में सवाल यह उठता है कि उनके रिश्वत लेने का भंडाफोड़ ना हो इसीलिए अपने ही इस निकट वालों पर निगरानी रखने लगे हैं, कमियां बाहर ना आए इसके लिए जद्दोजहद कर रहे हैं पर कमियां दूर हो इसके लिए उनकी दिलचस्पी बिल्कुल भी नहीं है क्योंकि पैसे लेने की लत लग चुकी है जो चाहने से भी नही छूटने वाली।
खबर उजागर होने के बाद भी प्रभारी डीपीएम के नर्सिंग कॉलेज भवन की निर्माण की अनुज्ञा प्रमाण पत्र देने की जुगद में नगर निवेश कार्यालय
नगर निवेश कार्यालय की कमियों वाली खबर प्रकाशन के बाद भी नगर निवेश कार्यालय अपनी कार्यप्रणाली सुधार लाने की बजाए अपनी मनमानी में जुटा हुआ है और अब वह प्रभारी डिपीएम सुरजपुर के निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज भवन की अनुज्ञा जारी करने की जुगत में है ऐसा बताया जा रहा है। बता दें कि नगर निवेश कार्यालय के द्वारा पूरी तैयारी कर ली गई है और अब जल्द ही अनुज्ञा जारी की जाएगी ऐसा सूत्रों का कहना है बता दें कि अनुज्ञा के लिए सभी तैयारी करके रख ली गई है।
निरीक्षक राजशे तारम की शिकायतें अधिक
ग्राम नगर निवेश कार्यालय जिला कोरिया में सबसे ज्यादा किसी की शिकायत है यदि तो वह राजेश तारम की है। राजेश तारम के द्वारा कार्यालय के नियम तय हैं और शुल्क भी तय हैं किसे क्या कब लेना देना है। कब अनुज्ञा मिलेगी कौन पाएगा किसका रुकेगा यह सब कुछ राजेश तारम ही तय करता है। वैसे राजेश तारम खबर प्रकाशन उपरांत काफी परेशान भी हैं पूर्व की एक खबर को लेकर क्योंकि उन्हें यह अब लग रहा है कि कौन उनकी जानकारी कार्यालय की जानकारी बाहर भेज रहा है। कुल मिलाकर अब कार्यालय में कदम फूंक फूंककर रख रहे हैं लोग।
कोरिया नगर निवेश कार्यालय इस समय सुर्खियों में नियम विरुद्ध तरीके से भी दी जा रही है निर्माण की अनुमति
कोरिया जिले का नगर निवेश कार्यालय इस समय अत्यधिक सुर्खियों में है। यहां अब नियम विरुद्ध तरीके से अनुज्ञा प्रदान की जा रही है। अब अनुज्ञा के लिए अनुचित मांग पूरी करने पर जो अर्थ संबधी मांग है के बाद की अनुज्ञा मिल रही है। सूत्रों की ही माने तो उनकी अनुज्ञा रोक दी जा रही है जो कुछ देने से मना कर रहें उन्हें घुमाया भी जा रहा है। कुल मिलाकर सभी कुछ लेनदेन आधारित हो चुका है। नगर निवेश कार्यालय पहली बार इतनी सुर्खियां बटोर रहा है। बता दें कि नगर निवेश कार्यालय और किसी अधिकारी की इसके पहले कोई शिकायत नहीं आई। जबसे तारम जी आए हैं विभाग सुर्खियों में है।
निरीक्षक के हाथों में है रिश्वत कलेक्शन की जिम्मेदारी:सूत्र
बताया जा रहा है कि नगर निवेश कार्यालय की वसूली या रिश्वत कलेक्शन की जिम्मेदारी निरीक्षक के पास है। किससे क्या वसूली करना है यह निरीक्षक ही तय करते है और वही इकट्ठा करके रखता है। निरीक्षक अब इसके बाद किस तरह हिस्सा लगाते हैं इसकी जानकारी तो नहीं मिल पा रही है लेकिन वसूली में उनकी रुचि अधिक है यह पता चल रहा है। वैसे वसूली का तरीका भी उनका अनोखा है जिसमें पकड़े जाने का उन्हें कम भय है यह भी बताया जा रहा है।
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