@राज्य की 70 लाख महिलाओं को दी जा चुकी है अब तक 5878 करोड़ड़ 37 लाख की राशि
@ हितग्राहियों से योजना के लाभ के बारे में की चर्चा
रायपुर,25 अक्टूबर 2024 (ए)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने छत्तीसगढ़ के पुरखौती मुक्तांगन में आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना की 9वीं किश्त का अंतरण किया। इस योजना के तहत दीवाली से पहले राज्य की 69 लाख 68 हजार लाभार्थी महिलाओं के बैंक खाते में एक-एक हजार रुपये के मान से कुल 651 करोड़ 37 लाख रुपये की राशि ऑनलाइन अंतरित की गई. योजना के तहत अब तक राज्य की महिलाओं को कुल 5878 करोड़ 37 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, केन्द्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्य मंत्री तोखन साहू, कृषि मंत्री राम विचार नेताम, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा, लोकसभा क्षेत्र रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक खुशवंत साहेब और रोहित साहू उपस्थित थे।
राष्ट्रपति मुर्मू ने इस मौके पर महतारी वंदन योजना के हितग्राही ममता कश्यप और सत्यवती ध्रुव से इस योजना के लाभ के बारे में चर्चा की. महतारी वंदन योजना के राशि वितरण के इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए राज्य के विभिन्न जिलों जैसे रायपुर, धमतरी, गरियाबंद, बस्तर और सरगुजा से पारंपरिक वेशभूषा में लगभग 120 महिलाएं आयी थीं।
राष्ट्रपति मुर्मू से बातचीत के दौरान ममता कश्यप और सत्यवती धु्रव ने बताया कि महतारी वंदन योजना से मिली राशि से वो अपने बच्चों को लिए राशन खरीदने के साथ ही उनकी जरूरत का अन्य सामान खरीदने के लिए उपयोग करती है.। राष्ट्रपति मुर्मु ने उन्हें शासन की ओर से मिलने वाली मदद का लाभ उठाकर अपने बच्चों को खूब पढ़ाने-लिखाने और उन्हें अफसर बनाने की बात कही. उन्होंने कहा कि जब बच्चे पढ़ेंगे, तभी परिवार और समाज आगे बढ़ेगा।
सफलता के लिए नैतिक और शैक्षिक मूल्यों को अपनाएं : राज्यपाल
राज्यपाल डेका ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे सफलता के लिए नैतिक और शैक्षिक मूल्यों को अपनाएं और नई ऊंचाइयों को छुएँ। उन्होंने कहा कि मौजूदा केंद्र और राज्य की सरकार ने इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बेहतरीन प्रयास किए हैं। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की कुशल नेतृत्व वाली सरकार ने शैक्षणिक अधोसंरचना को बढ़ावा देने के लिए काफ़ी कार्य किए हैं। साथ ही तकनीकी संस्थाओं में शोध और नवाचार को भी छत्तीसगढ़ में बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश की मौजूदा साय सरकार ने विभिन्न प्रयास किए हैं जिससे कि तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा मिले। साथ ही कार्य बल को उद्योगों की ज़रूरत के हिसाब से ढाला जा सके। तकनीकी क्षेत्र में विकास और अनुसंधान के लिए शैक्षणिक संस्थानों और उद्योगों की साझेदारी को भी बढ़ावा दिया जा रहा है जिससे कि क्षेत्रीय समस्याओं का स्थानीय हल भी ढूंढा जा सके।
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के दीक्षांत समारोह को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बतौर विशिष्ट अतिथि संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान में प्रथम आगमन पर इसे संस्थान के लिए ऐतिहासिक और गौरवशाली दिन बताया। उन्होंने राष्ट्रपति के प्रति आभार जताया कि छत्तीसगढ़ की प्रतिभाओं और नागरिकों को प्रोत्साहित करने के लिए उन्होंने अपने क¸ीमती समय में दो दिनों का बहुमूल्य समय प्रदेश को दिया है। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान से डिग्री प्राप्त करने वाले सभी ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट, पीएचडी विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह दिन केवल डिग्री हासिल करने का दिन नहीं, बल्कि देश और समाज के लिए अपने ज्ञान व कौशल को भविष्य में योगदान देने के लिए भी तैयार होने का दिन है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक कृषि प्रधान राज्य है। यहाँ की बड़ी आबादी गांवों और जंगलों में निवास करती है। ये वर्ग आज भी कई तरह के अभावों का सामना कर रही है। सुविधा और संपन्नता की दृष्टि से पीछे रह गए इन लोगों के जीवन में आपका ज्ञान और कौशल बदलाव ला सकता है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह प्रदेश प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर है। यहाँ पर औद्योगिक विकास के लिए बहुत संभावना है। इस क्षेत्र में भी आपका ज्ञान और कौशल राज्य के लिए बहु उपयोगी है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य रखा है। इसी के अनुरूप हम लोगों ने भी विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प लिया है। यह संकल्प आप लोगों के योगदान के बिना पूरा नहीं हो सकता।
राष्ट्रपति ने टॉपर्स को अपने हाथों से दिया स्वर्ण पदक
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एनआईटी के वर्ष 2023 के विभिन्न इंजीनियरिंग शाखाओं के 11 टॉपर्स को स्वर्ण पदक प्रदान किया। उन्होंने कम्प्यूटर साइंस एंड इंजीनियिरिंग तथा एनआईटी के ओवर-ऑल टॉपर यश बंसल को दो स्वर्ण पदक प्रदान किए। राष्ट्रपति ने बैचलर ऑफ आर्किटेख्र के टॉपर अंकित महोबिया, बायो मेडिकल इंजीनियरिंग की टॉपर ईशिका जैन, बायो टेक्नोलॉजी के टॉपर सिब्बू कुमार सिंह, केमिकल इंजीनियरिंग की टॉपर शिखा राय, सिविल इंजीनियरिंग की टॉपर मुस्कान अग्रवाल, इलेक्टि्रकल इंजीनियरिंग के टॉपर शुभम अग्रवाल, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के टॉपर अभिषेक कुमार, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी की टॉपर दिशा जैन, मेटा एंड मटेरियल्स इंजीनियरिंग के टॉपर प्रखर जाधव और माइनिंग इंजीनियरिंग के टॉपर प्रियांशु कुमार को स्वर्ण पदक दिया.
दुनिया की तीसरी बड़ड़ी अर्थव्यवस्था बनने वाला है भारत : सीएम साय
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारा देश दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने वाला है। छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को मज़बूत करते हुए हम लोग भी इसमें बड़े बूस्ट की तैयारी कर रहे हैं। देश और प्रदेश को आप जैसे युवा प्रतिभाओं से बहुत उम्मीद है। आज प्रदेश में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू हो चुकी है। यह छात्र-छात्राओं में ज्ञान के साथ-साथ कौशल विकास पर भी ज़ोर देती है। हमारी आने वाली पीढ़ी तकनीकी रूप से कुशल और उद्यमिता से भरपूर पीढ़ी होगी। प्रदेश के 160 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों का भी हम आधुनिकीकरण कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ में सड़क, रेल, हवाई और संचार नेटवर्क का विस्तार बहुत तेज़ी से किया जा रहा है। आने वाले दिनों में हमारे पास युवाओं की बहुत बड़ी टीम होगी जो इस प्रदेश को अपने ज्ञान, कल्पनाशीलता और प्रतिभा से विकास की नई उंचाईयों पर स्थापित करने में सक्षम होगी। रायपुर एनआईटी के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष डॉ. सुरेश हवारे और निदेशक डॉ. एनवी रमना राव ने भी दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। एनआईटी बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सदस्य, सीनेट सदस्य, रजिस्ट्रार, डीन, विभागाध्यक्ष और संस्थान के संकाय सदस्य समारोह में मौजूद थे।
राष्ट्रपति से संवाद कर अभिभूत हुई ममता
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से बात करना मेरे जीवन के सबसे अनमोल क्षणों में से एक है. मुझे देश की प्रथम महिला से बात करने का अवसर मिला, यह मेरा सौभाग्य है। ये कहना है बस्तर से पहुंची ममता कश्यप का. ममता बस्तर क्षेत्र की एक आदिवासी महिला है और महतारी वंदन योजना की हितग्राही है। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना से मुझे आर्थिक सुरक्षा का अहसास होता है। हर महीने मुझे मोबाइल में नोटिफिकेशन का इंतजार रहता है। इस बार मिली राशि से मैं दीवाली में बच्चों के लिए कपड़े और मिठाई खरीदूँगी। उन्होंने कहा कि मेरा बेटा कक्षा नवमी मे पढता है। मैं इस राशि का उपयोग उसकी ट्यूशन फीस देने मे करती हूँ.। उन्होंने बताया कि मेरे परिवार मे कुल पांच लोग है। दो एकड़ खेती है. रोजी मजदूरी के साथ जीवन चल रहा है। ऐसे मे महतारी वंदन योजना से हर महीने एक हजार रुपये मिलना, बहुत ही सुखद और राहत देने वाला होता है। उन्होंने महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक मदद देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार का धन्यवाद ज्ञापित किया।
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