टेमरी में विचरण कर रहा है बाघ,दो मवेशियों का किया शिकार
बैकुण्ठपुर,23 अक्टूबर 2024 (घटती-घटना)। कोरिया जिले के जिलामुख्यालय से बमुष्किज 20 किमी दूर ग्राम टेमरी में एक बाघ विचरण कर रहा है, उसने दो मवेषियों का षिकार किया है, बाघ के आने की सूचना पर वन विभाग के अधिकारियों ने टैप कैमरे लगाए और उन कैमरों में बाघ की तस्वीरें कैद हुई है, जिसके बाद वन विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों में काफी खुषी देखी जा रही है वन विभाग बाघ पर नजर बनाए हुए है।
इस संबंध में गुरू घासीदास राष्ट्रीय उद्यान के एसडीओ अखिलेश मिश्रा का कहना है कि सरकार के द्वारा गुरू घासीदास राष्ट्रीय उद्यान को टाइगर रिजर्व घोषित कर दिया गया है। इधर, बाघों की लगातार आवाजाही जारी है, जिससे सरकार का फैसला सार्थक होता दिख रहा है। ग्राम टेमरी के टेमरी डेम से लगभग 4 किमी की दूरी पर स्थित जंगल में बाघ की उपस्थिति है, 18 अक्टूबर से बाघ यही है और दो मवेषियों का उसने षिकार किया है, बाघ के पदचिन्ह भी प्राप्त हुए है। हमने बाघ की उपस्थिति की जानकारी उच्चाधिकारियों की दी है। यह टाइगर रिजर्व के लिए शुभ संकेत है। जहां बाघ विचरण कर रहा है वो कोरिया वन मंडल के टेमरी बीट है, टाइगर हमारे गुरू घासीदास राष्ट्रीय उद्यान से ही इधर आया है। कोरिया जिले के लिए बेहद हर्ष का विषय है कि लगातार बाघों की आवाजाही बढ़ रही है। 18 अक्टूबर 2024 को कोरिया वन मंडल के टेमरी बीट में एक बाघ की जानकारी प्राप्त हुई, उसने एक भैस को मारकर अपना षिकार बनाया था जिसके बाद डीएफओ कोरिया ने उस स्थान पर टैप कैमरे लगाए जाने के निर्देष दिए, दूसरे दिन रात भर कोई भी जानवर उसे मृत भैस के पास नहीं आया, सुबह 8 बजे बाघ उस मृत भैस के पास आया और कैमरे में कैद हो गया, जब उसकी तस्वीर सामने आई तो विभाग के अधिकारियों की खुषी का ठिकाना नही रहा।
5 घंटे बाध की दहाड़ के बीच गुजारे
बाघ की उपस्थिति स्पष्ट करने के लिए कोरिया वन मंडल की डीएफओ प्रभाकर खलखों ने टैप कैमरे लगाने के आदेश दिए तब 4 से 6 वन कर्मी ग्रामीणों के साथ उस स्थान पर कैमरे लगाने पहुंचें, कैमरे लगाते उनके शाम के 6 बज गए, जैसे ही लगाकर वापस आने लगे, ठीक सामने से बाघ ने दहाडना शुरू कर दिया, सभी इधर उधर भागे परन्तु चारो ओर खाई देख रूक कर अपने अधिकारी को फोन लगाया, जिसके बाद अधिकारियों ने सभी को एक जगह एकत्रित होकर आग जलाकर रूकने को कहा, इस बीच बाघ लगातार दहाडे मार रहा था, जिसके बाद वन विभाग की एक टीम मौके पर पहुंची और वन कर्मियों को जंगल के 4 किमी अंदर जाकर बाहर निकाला, रात 11 बजे सभी सकुषल जंगल से बाहर आ पाए। वन्य जीव विषेषज्ञों का कहना है कि टाइगर सीधे इंसान पर वार नही करता है उसके भोजन के पास इंसानों की उपस्थिति देख वो इंसानों को डराने के लिए दहाड़ लगा रहा होगा।
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