बिलासपुर,16 सितम्बर 2024 (ए)। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने सेवानिवृत्त सरकारी स्कूल शिक्षक ने सेवानिवृत्ति के दो साल बाद जारी वसूली नोटिस को अवैध बताया है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि किसी सरकारी कर्मचारी से नेगेटिव बैलेंस की राशि वसूलने के लिए महालेखाकार कार्यालय को सेवानिवृत्ति के छह महीने के भीतर ही कार्रवाई करनी होगी। यदि इस अवधि के बाद वसूली करनी हो तो इसके लिए कानूनी प्रक्रिया अपनाते हुए सिविल अदालत का रुख करना पड़ेगा।
न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल की एकल पीठ ने अपने फैसले में कहा, प्रावधानों के अनुसार, सेवानिवृत्त कर्मचारी से वसूली योग्य सरकारी राशि सेवानिवृत्ति के छह महीने के भीतर समायोजित की जानी चाहिए। यदि इस अवधि के भीतर कोई दावा नहीं किया जाता है, तो यह माना जाएगा कि कर्मचारी के खिलाफ कोई सरकारी दावा बकाया नहीं है। हालांकि, पानी के बिल और मकान किराए की राशि को एक साल के भीतर वसूला जा सकता है। इसके बाद किसी भी वसूली के लिए कानूनी प्रक्रिया अपनानी होगी।
क्या है मामला
याचिकाकर्ता सेवानिवृत्त सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापक ने अपने सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) खाते से नेगेटिव बैलेंस की वसूली को चुनौती दी थी। उन्होंने 31 मई 2008 को राजनांदगांव जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सोमाटोला से सेवानिवृत्ति ली थी। वर्ष 2010 में उन्हें उनके जीपीएफ खाते में 2 लाख 85 हजार 711 रुपये का नेगेटिव बैलेंस होने की जानकारी दी गई, जिसे बाद में 2 लाख 57 हजार 114 रुपये पर संशोधित किया गया। याचिकाकर्ता ने इस वसूली के खिलाफ रिट याचिका दायर की, यह तर्क देते हुए कि यह नियमों का उल्लंघन है।
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