मेंटेनेंस के नाम पर विभागीय अमला कर रहा खानापूर्ति,जिससे क्षेत्र के लोगों में बढ़ रहा है जनआक्रोश
- राजेन्द्र शर्मा(बब्बी) –
खड़गवां,12 सितम्बर 2024 (घटती-घटना)। खड़गवां विकास खंड में बिजली की आवाजाही से लोग काफी परेशान दिखाई दे रहे है। बिजली बंद का कोई निश्चित समय नही है और हर दस मिनट के अंतराल में जब चाहे तब बिजली बंद कर दी जा रही है। जिस समस्या से लोग जूझ रहे है। बिजली विभाग द्वारा मेंटेनेंस के नाम पर बारिश पूर्व बिजली बंद किया जाता रहा है किंतु जैसे ही बरसात लगी वैसे ही बिजली विभाग की सारी मेंटेनेंस की पोल खुलकर रह गई है। क्षेत्र में सबसे गंभीर समस्या यदि है तो वह है विद्युत समस्या जिसका सुधार न हो पाना चिंतनीय है। कभी इंसुलेटर फाल्ट तो कभी जंफर उड़ना और कभी केबल टूटना और कभी बिना सूचना के पेड़ गिराने जैसे समस्या बताते हुए असमय बिजली बंद कर दी जाती है और बिजली के बंद होते ही अधिकारी अपना और विभागीय कर्मचारियों का मोबाइल नंबर कवरेज क्षेत्र कर दिया जाता है जब अधिकारी ऐसे है कि बिजली समस्या को लेकर फोन लगाने पर शायद जवाब देना मुनासिब नही समझते और अगर धोखे से मोबाइल उठा लिये तो भारी- भरकम व्यस्तता का हवाला देकर फोन काट देते है और बिजली की समस्या का परमानेंट निदान के लिए 132/33 केवी का सब स्टेशन बना हुआ है वर्तमान बारिश का मौसम होने के कारण जमीन पर रेंगने वाले विषैले जंतुओं के काटने का खतरा बना रहता है। ऐसे में दिन के अलावा रात्रि बिजली बंद होने से वे जहरीले जंतु स्पष्ट नही दिख पाने से उनके काटने का खतरा दुगुना बढ़ जाता है।
हल्की बारिश होते ही खुलती हैं बिजली मेंटिनेंस की पोल
हल्की बारिश में ही घंटों बिजली बंद रहती है खड़गवां बिजली विभाग के द्वारा बरसात से पहले सभी क्षेत्र के फिडर का मेंटिनेंस किया जाता है उसके बाद भी हल्की बारिश में घंटों बिजली बंद रहती है तो बरसात से पूर्व क्या मेंटिनेंस किया जाता है या फिर बिजली बंद कर मेंटिनेंस के नाम पर खानापूर्ति किया जाता हैं खड़गवां वासी इस बिजली बंद होने कि समस्या से कब मुक्ति पाएंगे ?
ग्रामीण क्षेत्रो में बिजली
की हालत दयनीय
ग्रामीण इलाकों में तो बिजली का हाल बेहाल है और सुधार व्यवस्था की हालत भी दयनीय है जिसके कारण ग्रामीण वर्ग ज्यादातर लालटेन युग मे जीवन बिताने को मजबूर है।
ग्रामीण क्षेत्र की बिजली यदि एक बार चली जाए तो कई-कई घंटों तक दर्शन ही नही होते और गांव के लोगों को चिमनी की रोशनी में रात गुजारनी पड़ती है। और अगर बिजली ठीक- ठाक रहे तो लो वोल्टेज की समस्या बनी रहती है। जिससे इलेक्ट्रॉनिक्स सामान या तो जल्दी खराब हो जाते है या फिर शो पीस बनकर रह जाते है। जिसके निदान के लिए विद्युत विभाग कभी गंभीर नही दिखा और जब से खड़गवां विधुत विभाग में नये अधिकारी की पोस्टिंग हुई है तब से खड़गवां क्षेत्र में विधुत की समस्या दिनों दिन बढ रही है और अधिकारी फोन भी नहीं उठाते इस तरह खड़गवां का विधुत विभाग चल रहा है।
व्यवसाय पर पड़ रहा
बहुत बड़ा असर
बिजली की आवाजाही से व्यापारियों के व्यवसाय पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है। फोटोकॉपी सेंटर, वेल्डिंग हालर मिल, होटल,थाना तहसील कार्यालय जनपद पंचायत आदि आनलाइन कार्य होते हैं बैंक जैसे संस्थान में इसका सीधा असर व्यवसाय पर भी पड़ रहा है। जिसे लेकर व्यवसायी वर्ग काफ़ी आक्रोशित है।
आखिर कब सुधरेगी नगर की विद्युत व्यवस्था…?
खड़गवां के लिए विद्युत की समस्या कोई नई बात नही है। पहले भी यहां बिजली की समस्या से क्षेत्रवासियों को जूझना पड़ रहा था और आज भी उक्त समस्या बरकरार है। बिजली सुधार को लेकर अनेक जनप्रतिनिधि भी प्रयास कर चुके है लेकिन इससे अभी तक निजात नही मिल पाया। बिजली समस्या को लेकर अब क्षेत्रवासी कड़े आंदोलन करने की बात कह रहे है। आखिर इस समस्या से क्षेत्र को कब निजात मिल पाएगा..?
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