Breaking News

रायपुर,@हेमचंद माझी को वाय श्रेणी की सुरक्षा बीजेपी सरकार ने दी

Share


रायपुर,27 मई 2024 (ए)।
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा हेमचंद माझी को वाय श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है। इस संबंध में गृह विभाग मंत्रालय महानदी भवन से आदेश जारी किए जा चुके हैं। गौरतलब है कि राज्य शासन द्वारा प्रोटेक्शन रिव्यू गुप की बैठक में हेमचंद माझी (नारायणपुर) को सुरक्षा श्रेणी प्रदान किए जाने की अनुशंसा और प्रदेश में वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य को दृष्टिगत रखते हुए, यह आदेश जारी किया गया है।
पुलिस ने बताया कि रविवार रात नक्सलियों ने जिले के छोटेडोंगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत चमेली और गौरदंड गांवों में दो निर्माणाधीन मोबाइल टावरों में आग लगा दी तथा वहां मांझी को धमकी देने वाले पर्चे फेंके। माओवादी पर्चे में मांझी की एक तस्वीर है जिसमें वह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से पद्मश्री पुरस्कार लेते दिख रहे हैं। पर्चे में
माओवादियों ने आरोप लगाया कि मांझी ने नारायणपुर के छोटेडोंगर इलाके में आमदई घाटी लौह अयस्क परियोजना को चालू करने में मदद की थी और इसके लिए उन्हें रिश्वत मिली थी। हालांकि मांझी ने इस आरोप से इनकार किया है। इससे पहले भी नक्सलियों ने मांझी पर यही आरोप लगाए थे और उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी। मांझी ने सोमवार को पीटीआई-भाषा से बात करते हुए माओवादियों के आरोपों का खंडन किया और कहा कि उन्होंने पहले ही ग्रामीणों को स्पष्ट कर दिया था कि लौह अयस्क खदान से उनका कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने परिवार से चर्चा के बाद पद्मश्री पुरस्कार लौटाने और अपनी पारंपरिक चिकित्सा पद्धति बंद करने का फैसला किया है।
पद्मश्री से सम्मानित वैद्य को मिली नक्सल धमकी,संगठन ने फेंके पर्चे एक तरफ जहाँ पुलिस और सुरक्षाबल के जवान बस्तर के जंगलों में नक्सलियों पर लगाम कसने में कामयाबी हासिल कर रहे हैं तो दूसरी तरफ नक्सली अपनी मौजूदगी दर्ज कराने आम लोगों को निशाने पर लेने से नहीं चूक रहे। इतना ही नहीं बल्कि नक्सलियों के निशाने पर अब समाजसेवी भी हैं। ऐसे निःस्वार्थ समाजसेवी जो बस्तर जैसे दुर्गम इलाकों में लम्बे वक्त से आदिवासी ग्रामीणों को अपनी सेवाएं देकर उनके जीवनस्तर को सरल सहज बनाने में जुटे हैं। दरअसल नक्सलियों ने इस बार बस्तर के रहने वाले, पद्मश्री सम्मानित वैद्य हेमराज मांझी को जान से मारने की धमकी हैं। नक्सलियों के इस धमकी का खौफ इसलिए भी हैं क्योंकि माओवादी वैधराज हेमचंद मांझी के भतीजे को पहले ही मौत के घाट उतार चुके हैं। गौरतलब हैं कि वैद्य हेमराज मांझी पिछले 50 वर्षों से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का उपचार करते रहे है। लेकिन हेमराज मांझी ने नक्सली भय के चलते अपना पद्मश्री अवार्ड सरकार को वापस लौटाने और इलाज बंद करने का फैसला ले लिया हैं। इतना ही नहीं बल्कि हेमराज मांझी बीते 6 महीने से नक्सली भय के चलते अपना गांव छोड़ शहर में रह रहे है। नक्सलियों ने पर्चे की माध्यम से यह धमकी दी हैं। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो नक्सलियों ने पर्चों में लिखा है कि इलाके में संचालित खदानों के लिए हेमचंद मांझी काम करते हैं।


Share

Check Also

अम्बिकापुर@कलश यात्रा के साथ प्रारंभ हुआ श्री हरि अखंड कीर्तन अष्ट प्रहरी नाम यज्ञ,24 घंटे गूंजेगा हरिनाम संकीर्तन

Share अम्बिकापुर,31 जनवरी 2026 (घटती-घटना)। नगर के मंगलपारा सिकरी रोड स्थित यज्ञ सेवा समिति द्वारा …

Leave a Reply