
एमसीबी,17 मई 2024 (घटती-घटना)। नवीन जिले एमसीबी में दिनांक 16 मई को मिले पत्रकार के शव की शिनाख्त जहां तत्काल हो गई थी वहीं पुलिस ने जल्द ही मामले में आरोपियों का भी पता लगा लिया और मुख्य साजिशकर्ता पत्नी को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया है।
बता दें की 16 मई की सुबह मनेंद्रगढ़ पुलिस को सूचना मिली की मौहरीपारा चनवारीडांड मैदान वन विभाग डिपो के पीछे एक व्यक्ति का शव पड़ा हुआ है,पुलिस ने पहुंचकर जब तस्दीक की तब पता चला की शव रईस अहमद का है और जिसे प्रथम दृष्टया देखने पर यह लगा की उसे लात घूंसो से साथ ही अत्यधिक मारपीट कर वहीं हथियार से वार करके उसे मौत के घाट उतारा गया है। रईस अहमद जिसकी हत्या हुई थी जिसका शव वन विभाग डिपो ग्राउंड के समीप मिला था वह पेशे से पत्रकार था और जिसकी वजह से पुलिस ने मामले को काफी गंभीरता से लिया और हत्या की गुत्थी सुलझाने में तत्काल पुलिस भीड़ गई। मामले में प्राथमिकी मृतक के चचेरे भाई नसीर अहमद ने दर्ज कराई और उसने पुलिस को बताया की मृतक का विवाह 4 से 5 वर्ष पूर्व मौहारपारा निवासी मोहम्मद याकूब की पुत्री सफीना के साथ हुआ था वहीं दोनों की एक तीन वर्ष की पुत्री भी है जो उन्हीं के साथ रहती है। चचेरे भाई ने ही पुलिस को बताया की मृतक की पत्नी 4 से 5 महीने पहले गढ़वा निवासी आलम के लड़के आरजू खान के साथ भाग गई थी और जिसे 1 से डेढ़ माह पहले ही मृतक ने झारखंड जाकर वापस लाया था और वह तभी से पत्नी पुत्री और खुद मौहारीपारा चनवारीडांड में किराए के मकान में रहा करता था। मृतक के भाई ने यह भी आशंका जाहिर की थी की 15 मई की रात ही उसके चचेरे भाई की हत्या की गई होगी और शव को वन विभाग डिपो के मैदान में लाकर रात में ही छोड़ दिया गया होगा। मृतक के चचेरे भाई की प्राथमिकी पर मनेंद्रगढ़ पुलिस थाने में अपराध क्रमांक 159/24 धारा 302 भादस कायम कर पुलिस ने मामले में विवेचना आरंभ की जिसमे मृतक की पत्नी से जब पूछताछ की गई तो उसने स्वीकार किया की उसने आरजू के साथ फोन पर दिनांक 15 मई को ही अपने पति की हत्या की योजना बनाई, मृतक की पत्नी सफ़ीना ने पुलिस को बताया की 15 मई की ही रात 2 बजे आरजू अपनी बुआ के लड़के खुशी के साथ मोटरसाइकल से मनेंद्रगढ़ मौहरीपारा पहुंचा और आते ही उसने मृतक की सफ़ीना को फोन किया जिसके बाद सफ़ीना ने घर का दरवाजा खोला और जिसके बाद दोनों जिसमे अराजू और उसकी बुआ का लड़का खुशी शामिल था ने रईस के कमरे में जाकर रईस अहमद को हांथ,मुक्का, लात सहित धारदार हथियार से घायल करना आरंभ किया और बाद में गमछे से उसका गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और साक्ष्य मिटाने के हिसाब से शव को ले जाकर वन विभाग डिपो के मैदान के पीछे में रख दिया। मामले में मृतक की पत्नी से हत्या में प्रयुक्त मोबाइल जत करते हुए पुलिस ने अपराध सबूत पाए जाने पर आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण में धारा 201,120 बी,34 भादवी जोड़ी गई। मृतक की पत्नी को तो पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया लेकिन हत्या में शामिल आरजू खान और खुशी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस निकल चुकी है और यथा शीघ्र गिरफ्तारी होने की बात कह रही है।
पूरे मामले को सुलझाने इनका रहा महत्वपूर्ण योगदान
पूरे मामले को सुलझाने में पुलिस अधीक्षक एमसीबी चंद्रमोहन सिंह का निर्देशन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक वाडेगांवकर एवम पुलिस अनुविभागीय अधिकारी ए टोप्पो का मार्गदर्शन पुलिस टीम को प्राप्त हुआ। मामले को सुलझाने की कार्यवाही में निरीक्षक अमित कश्यप थाना प्रभारी मनेंद्रगढ़, उप निरीक्षक सत्येंद्र सिंह, सऊनि चेतन राजवाड़े, विजय शर्मा,किशन चौहान, नईम खान प्रधान आरक्षक, इस्तियाक खान, मुमताज खान, हेमंत मिंज,पुष्कल सिन्हा, राकेश शर्मा, विनकी बहालेन एक्का, आरक्षक जितेंद्र ठाकुर,भूपेंद्र यादव,राकेश तिवारी, रवि साहू, हिरत राम, महिला आरक्षक साधना सरोज एक्का की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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