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बैकुण्ठपुर,@क्या डॉ.प्रिंस जायसवाल सलाहकार रहेंगे कोरिया के और प्रभारी डीपीएम रहेंगे सूरजपुर के?

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-रवि सिंह-
बैकुण्ठपुर, 04 मार्च 2024 (घटती-घटना)।
डॉक्टर प्रिंस जायसवाल को लेकर चर्चाएं खत्म होने का नाम नहीं ले रही स्थानांतरण से पहले कैसे इनका प्रभार छूट इसे लेकर चर्चा थी, अब स्थानांतरण के बाद कब यह जाएंगे इसे लेकर चर्चा है, वही स्थानांतरण के बाद एक बड़ा सवाल भी खड़ा है जब वह जिला सलाहकार के साथ प्रभारी डीपीएम है तो ऐसे में सवाल यह भी खड़ा होता है कि क्या डॉक्टर प्रिंस जायसवाल कोरिया में जिला सलाहकार होंगे और सूरजपुर में प्रभारी डीपीएम होंगे? यदि ऐसा होता है तो क्या कोरिया व सूरजपुर दोनों जिले से इनका नता बना रहेगा? प्रिंस जायसवाल इस समय स्वास्थ्य विभाग के चाणक माने जाने लगे हैं। कोरिया जिले के एनएचएम में जिला सलाहकार (आरएम एनसीएच प्लस ए) को कोरिया कलेक्टर ने प्रभारी डीपीएम बना दिया, बाद में भाजपा सरकार के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने उन्हें पदोन्नत कर सुरजपुर जिले का प्रभारी डीपीएम बना दिया। स्वास्थ्य विभाग के सीएमएचओ किसी भी कीमत पर उसे रिलीव करने को तैयार नहीं है, क्योंकि वो खुद तमाम अनियमितताओं के साझेदार है। इसलिए स्थानांतरण होने के बाद भी विभिन्न प्रशिक्षणों में अभी भी प्रभारी डीपीएम को ही रायपुर भेज रहे है। ताकि ये सिलसिला आचार संहिता तक जारी रहे।
ज्ञात हो की कोरिया जिले के स्वास्थ्य विभाग में वर्ष 2022 से हुए भ्रष्टाचार को लेकर जिला प्रशासन कोई कार्यवाही करने के मूड में नहीं है, जिला प्रशासन के सहयोग से प्रभारी डीपीएम और सीएमएचओ ने जमकर विाीय अनियमितताएं की है। सूत्र बताते है कि सीएमएचओं डॉ सेंगर की सीएस का अतिरिक्त प्रभार लेने के सपने पर घटती-घटना ने पानी फेर दिया था,अब वो नई चाल चलने की तैयारी में है, जिससे उन्हें वित्तीय लाभ मिलता रहे और दस्तावेज भी सुरक्षित रह सके। दरअसल, जिले में दो जिला सलाहकार (आरएम एनसीएच प्लस ए) के पद है, एक प्रभारी डीपीएम डॉ प्रिंस जायसवाल और दूसरा पुष्पेद्र सोनी पदस्थ है। अब जुगत यह लगाया जा रहा है कि जब तक सुरजपुर के डीपीएम यहां प्रभार नही लेते तब तक पुष्पेन्द्र सोनी को देने की तैयारी है, नियमों को दरकिनार कर फिर सीएमएचओ नई चाल चल रहे है। पहले से ही जिला लेखा प्रबंधक को किनारे कर रखा है। पुष्पेन्द्र सोनी चिरमिरी से आना जाना करते है और एमसीबी के निवासी है, मुख्यालय में वो नहीं रहते है। इस प्रभार के लिए जिलामुख्यालय में रहना आवष्यक है, जो कि एनएचएम की पहली शर्त है। सूत्र यह भी बता रहे है कि तमाम तरह के प्रशिक्षण का काम देखने वाला ये कर्मचारी पूरा खेल परदे के पीछे से खेल रहा हे।
दस्तावेज कार्यालय में नहीं
वर्ष 2022 में अक्टूबर माह से हुई तमाम खरीदी के दस्तावेज एकदम गोपनीय तरीके से रखे गए है,सूत्र बताते है कि ये सारे दस्तावेज अधिकारी अपने घर में रख इसे किसी को देने और दिखाने को तैयार नही है। ना सिर्फ एनएचएम बल्कि जिला अस्तपाल बैकुंठपुर की तमाम तरह की खरीदी भी सीएमएचओ और प्रभारी डीपीएम के द्वारा की गई है, जिसमें कई अधिकारियों के हस्ताक्षर भी दबाव में करवाए गए है। धीरे धीरे अब अधिकारी इस पर खुल कर सामने आने लगे है। यही कारण है कि कोई भी दस्तावेज आरटीआई के तहत प्रदान नहीं किए जा रहे है।
क्या बसदेइ जवाहर नवोदय विद्यालय का डूबा रहे नाम?
खुद को बसदेइ जवाहर नवोदय विद्यालय का छात्र बताने में डीपीएम की शिक्षा पर अब नवोदय विद्यालय भी शरमा रहा होगा कि यही उन्होने यही शिक्षा दी है कि उनके स्कूल का यह छात्र हर दिन अखबार की सुर्खियां बन रहा है। उनके विद्यालय की हंसी उडाई जा रही। स्वास्थ्य विभाग जैसे संवेदनषील विभाग उसमें भ्रष्टाचार की हदे पार कर खुद को मसीहा बताने का कृत्सित प्रयास किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि सुरजपुर जाने के पूर्व खुद का माहौल मीडिया में बनाया जा रहा है कि देखिए मै ही हूँ वो बसदेइ का सुपर छात्र तो इस समय कोरिया का सुपर कलेक्टर हूं
गुप्त होती है मंत्रणा
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी आरएस सेंगर और प्रभारी डीपीएम के बीच रोजाना अपने कमरे को अंदर से बंद करके गुप्त मंत्रणा होती है, सूत्र बताते है कि सरकारी मेल में आए कई मेलों को सीधे डीलीट कर दिया जाता है, ताकि सरकारी निर्देषों की भनक विभाग के किसी और कर्मचारी को न लग सके। सीएमएचओ की नजर में सिर्फ एक डीपीएम की जिम्मेदार अधिकारी है जिन्हें हर प्रशिक्षण में भेजा जाता है, सूत्र बताते है कि 4 से 7 मार्च तक होने वाले प्रशिक्षण में उन्हे फिर सीएमएचओ ने भेज दिया है, यह जानते हुए भी कि उनका स्थानांतरण सुरजपुर हो चुका है।


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