साधराम हत्याकांड मामले में पुलिस ने यूएपीए के तहत की कार्रवाई
मुख्य आरोपी अयाज खान के आंतकवादी संलिप्तता के मिले सबूत
कवर्धा,18 फरवरी 2024 (ए)। साधराम हत्याकांड को लेकर कवर्धा में व्याप्त तनाव के बीच पुलिस ने मामले में गिरफ्तार 6 आरोपियों के खिलाफ यूएपीए एक्ट के तहत कार्रवाई की है। पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी अयाज खान से जब्त मोबाइल व लेपटॉप में उसके आंतकवादी गतिविधियों में संलिप्तता के अहम सबूत मिले हैं।
एसपी अभिषेक
पल्लव ने किया खुलासा
इस मामले की पुष्टि एसपी डॉ अभिषेक पल्लव ने की। कवर्धा में 24 जनवरी को आरोपियों ने साधराम हत्याकांड की वारदात को अंजाम दिया था। साधराम हत्याकांड में गिरफ्तार 1 नाबालिग सहित 6 आरोपियों पर धारा 16 यूएपीए का मामला दर्ज किया गया है।
दिल दहला देने वाली यह वारदात सिटी कोतवाली थाना के लालपुर नर्सरी की है। मृतक साधराम यादव गौठान में चरवाहे का काम करता था। रोज की तरह 20 जनवरी शनिवार को भी साधराम काम पर गया हुआ था, लेकिन देर रात तक घर नहीं पहुंचा। सुबह परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। इस दौरान गांव के लोगों ने बताया कि सड़क किनारे साधराम का शव पड़ा है।इस सूचना के बाद परिजन और पुलिस मौके पर पहुंची। आरोपियों ने युवक की हत्या गला रेतकर हत्या की थी। पुलिस ने घटना के कुछ ही समय में हत्या के आरोपी सुफियान, इदरीश खान, अयस खान, अयाज खान, महताब, शेख रफीक उर्फ रिंकू सहित एक नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया।इस मामले को लेकर विहिप, बजरंग दल और सर्व हिंदू समाज के लोगों ने पूरा जिला बंद कराकर विरोध प्रदर्शन किया। कातिलों को फांसी की सजा देने और एक करोड़ का मुआवजा, मृतक परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की गई।
क्या है यूएपीए कानून?
यूएपीए का फुल फॉर्म अनलॉफुल एक्टीविटीज प्रीवेंशन एक्ट यानी गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम है। इस कानून का मुख्य उद्देश्य आतंकी गतिविधियों पर रोकथाम लगाना है। पुलिस और जांच एजेंसियां इस कानून के तहत ऐसे आतंकियों, अपराधियों और संदिग्धों को चिन्हित करती है, जो आतंकी गतिविधियों में शामिल होते हैं। बता दें कि यूएपीए कानून को साल 1967 में लाया गया था। तब से लेकर अब तक इसमें चार बार संशोधन किए जा चुके हैं। 2004, 2008, 2012 और 2019 में इस कानून में बदलाव किए गए।इस कानून के तहत कम से कम 5 साल और अधिकतम आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान है। अगर आतंकी घटना में किसी की जान चली जाती है तो दोषी व्यक्ति को सजा-ए-मौत या फिर आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान है।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur