- पूरे 5 साल में लगभग 20 करोड रुपए जिले से उगाही करने का बड़ा आरोप लग रहा है दो राइस मिल संचालकों पर
- दोनों राइस मिल संचालक पिछले दो दिनों से अपने दफ्तरों के दस्तावेजों को नष्ट करने का कर रहे कार्य,दोनों ने अपने दफ्तर में लगाए तालेःसूत्र
- स्वास्थ्य मंत्री के खासम-खास बनकर इस पंचवर्षीय भी अपना धंधा और दबदबा बनाए रखने के जुगत में दिख रहे हैं दोनों राइस मिल संचालक
-रवि सिंह-
मनेन्द्रगढ़,01 फरवरी 2024 (घटती-घटना)। छत्तीसगढ़ प्रदेश के पूर्व एमडी सहित पांच पर हुई एफआईआर से कस्टम मिलिंग स्कीम में मिलर्स एसोसिएशन के जिला पदाधिकारी में भी हड़कंप मच गया है मिली जानकारी के अनुसार बीते दिवस एंटी करप्शन ब्यूरो के अफसर ने पूर्व एमडी सहित अन्य आरोपियों तात्कालिक जिला मार्केटिंग ऑफिसर प्रीतिका पूजा केरकटा, मिलर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट किस कैलाश रूगटा उपाध्यक्ष पारसमल चोपड़ा और कोषाध्यक्ष रोशन चंद्राकर के खिलाफ अपराध पंजीबध किया गया है, एंटी करप्शन ब्यूरो के एक्शन में आते ही जिला पदाधिकारी में भी काफी दहशत व्याप्त है बताया जाता है कि कोरिया और एमसीबी जिले से दो पदाधिकारी लगभग 20 करोड़ रूपया पिछले 5 सालों में इन दोनों जिलों से वसूल कर इन सभी को भेजा है लगभग 100 रुपए प्रति मि्ंटल की दर से राइस मिलर के गर्दन में तलवार रखकर वसूला गया है, जो राइस मिलर इसमें सहयोग नहीं करता था उसका भुगतान और उसका व्यवसाय शून्य कर दिया गया है इसके उदाहरण जिले में देखने को मिलेंगे, दोनों जिले के दोनों दलाल राइस मिलर भी हैं और संगठन के पदाधिकारी भी हैं और इन्होंने पूरे 5 साल अरबो रुपए की संपत्ती जमा की है जो जांच का विषय है, सरकार बदलते ही इन दोनों दलाल नुमा व्यापारियों ने अपना रहनुमा भी बदल लिया है अब वह इन दोनों क्षेत्र के सबसे वरिष्ठ जनप्रतिनिधि के खासम खास बंन कर वसूली का कार्य प्रारंभ कर रखे हैं इनके द्वारा अभी भी पैसा वसूला जा रहा है और राइस मिलों को अभी भी लगातार इन दोनो दल्लो के द्वारा धमकाया जा रहा है।
पूरे संभाग में सबसे बड़े हवाला कारोबारी भी बताए जाते हैं…
दलालों ने अपना पूरे संभाग में हवाला के नाम पर सबसे बड़ा नाम स्थापित कर लिया है इनके द्वारा लाखों रुपए प्रतिदिन भारत के विभिन्न बड़े शहरों में किया जाता है क्षेत्र के सभी पड़े व्यापारी जिनको हवाला से पैसा भेजना होता है इन्हीं दोनों दलालों से संपर्क करते हैं और यह लाखों रुपए प्रतिदिन देश भर के विभिन्न शहरों में भेजने का काम करते हैं उनके मोबाइल नंबर को यदि ट्रेस करें तो बहुत बड़ा भ्रष्टाचार उजागर होगा।
क्या कोरिया,एमसीबी में अवैध उगाहिकर और भया दोहन करने वाले मनेद्रगढ़ शहर के रहने वाले दोनों दलालों पर भी बड़ी कार्यवाही होगी?
मिली जानकारी के अनुसार उनके द्वारा 20 रुपए प्रति मि्ंटल मिलिंग का बिल समय से लाने के लिए लिया जाता था 12 रुपए प्रति मि्ंटल मंत्री के नाम पर लिया जाता है 100 रुपए प्रति मि्ंटल दूसरे जिले से धान लाने के नाम पर लिया जाता है पूरा काला कारनामा इन्हीं के द्वारा किया जाता है उसका करोड़ों रुपए का भुगतान रुकवा दिया जाता है, यह दोनों पूरे प्रदेश में खाद्य से संबंधित अधिकारियों के स्थानांतरण का भी ठेका लेते हैं मन मुआफिक ट्रांसफर करने के लिए लाखों लेते हैं और करवा भी देते हैं इनके द्वारा कथित रूप से करोड़ों रुपए का लेनदेन किया जाता है यही कारण है कि यह पूरे सिस्टम को अपने हिसाब से चलाते हैं, भाजपा शासन में इन दिनों लगातार भ्रष्टाचारियों पर कार्यवाही से लोगों में बड़ी आशा और उत्साह देखा जा रहा है शहर के बुद्धिजीवी वर्ग में इस बात की चर्चा जोर-शोर से चल रही है कि क्या कोरिया जिले और एमसीबी जिले में अवैध उगाहिकर और भया दोहन करने वाले मनेद्रगढ़ शहर के रहने वाले दोनों दलालों पर भी बड़ी कार्यवाही होगी?
छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग स्कैम एसोसिएशन के पदाधिकारी के शिकंजे के बाद कोरिया एमसीबी के पदाधिकारी में हड़कंप,सबूत नस्ट करने में जुटे
सूत्रों की माने तो छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग स्कैम में बैलेंस संगठन के पदाधिकारी के शिकंजे के बाद कोरिया और एमसीबी जिले के पदाधिकारी काफी परेशान देखे जा रहे हैं पिछले दो दिनों से यह अपने कंप्यूटर हार्ड डिक्स मोबाइल सहित कागजी दस्तावेजों को खंगालने का लगातार कार्य कर रहे है कंप्यूटर ऑपरेटर सहित अन्य स्टॉपो को भी हटा दिया गया है हर समय इन्हें अपने ऊपर कार्यवाही का डर सता रहा है सूत्रों से मिल रही सूचना के अनुसार पूर्व एमडी मार्केटिंग ऑफिसर प्रीतिका पूजा केर कट्टा मिलर संगठन के प्रेसिडेंट कैलाश रूंगटा उपाध्यक्ष पारस मल चोपड़ा और कोसा अध्यक्ष रोशन चंद्राकर को इन लोगों ने लगभग 20 करोड रुपए पहुंचाया है यह विभाजित कोरिया जिले से सभी राइस मिलों का महीना वसूल कर कथित तौर पर सभी अधिकारियों और जनप्रतिंनिधीयों को खुद अपनी गाडि़यों से पैसा धोकर पहुंचने का कार्य करते थे, यदि उनके मोबाइल नंबरों की पिछले 5 साल में इन पदाधिकारी में क्या बातें होती थी उसकी जांच की जाए तो पूरे भ्रष्टाचार का क्रमशः खुलासा हो जाएगा इन्हें इस बात का एहसास हो चला है कि उनके ऊपर के अधिकारियों पर कार्रवाई जारी है उनके ऊपर भी खतरे की घंटी बज रही है।
दोनों दलालों ने 5 साल में अकूत संपत्ति जमा की है… एक ने लगभग 50 करोड रुपए की एक फैक्ट्री लगाई है…
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दोनों दलालों में 5 साल में अकूत संपत्ती जमा की है एक ने लगभग 50 करोड रुपए की एक फैक्ट्री लगाई है और बीएमडब्ल्यू कार में घूमता है वही दूसरे ने करीब 15 करोड़ की फैक्ट्री लगाई है और अभी एक नई फॉर्च्यूनर गाड़ी 50 लाख की खरीद के लाया है खुद राइस मिल संचालक है, कांग्रेस कार्यकाल में खाद्य मंत्री के काफी ग़रीबी बने रहे हैं और अब जैसे ही भारतीय जनता पार्टी की सरकार आई स्थानीय मंत्री के भी काफी ग़रीबी बताए जाते हैं चूंकि पुराने राइस मिलर हैं मंत्री जी भी राइस मिल संचालन करते हैं आपसी संबंध मधुर बता कर अभी भी वही कर रहे हैं जो कांग्रेस के दौर में उगाही करते थे, शहर में इस बात की भी चर्चा जोरों पर है कि इन दोनों ने अब स्थानीय मंत्री जी को भी अपना मुरीद बना डाला है मंत्री जी के हर कार्यक्रम में यह आगे रहते हैं सूत्र यह भी बताते हैं कि यह सभी कार्यक्रमों में पैसे फाइनेंस करते हैं और लोगों में यह चर्चा भी करते हैं कि मंत्री अपना आदमी है जैसा काम चाहिए जो काम करवाना है बताओ हम करवा देंगे, इन दोनों पर बड़ा आरोप यह भी है कि 5 सालों में लगभग 20 करोड़ रूपया उगाही कर दोनों कथित रूप से रायपुर पहुंचने का काम करते रहे हैं, स्थानीय स्तर पर स्थानीय बड़े अधिकारियों सहित जिला विपणन अधिकारी डीएम नागरिक आपूर्ति निगम खाद्य अधिकारी एसडीसी गोदाम के मैनेजर के नाम पर भी यह काफी उगाही करते हैं और राइस मिलों से दबाव बनाकर पैसा लेते हैं या सिलसिला अभी भी बदस्तूर जारी है लोगों ने सोचा था कि सरकार बदलेगी यह दलालों का दादागिरी थमेगा लेकिन सारी बातें कोरे कागज के समान हो गई है।
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