Breaking News

खड़गवां@खडगांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में हुए भ्रष्टाचार की शिकायत जांच में सिर्फ की गई खानापूर्ति

Share

-राजेन्द्र शर्मा-

खड़गवां 10 जनवरी 2024 (घटती-घटना)। खड़गवां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में नेत्र सहायक रामकरण साहू के द्वारा पद पर पदस्थ रहकर दो अलग-अलग आई डी नंबर से प्रोत्साहन राशि मंगवाने का मामला नयी सरकार के बनने के बाद फिर एक बार चर्चा का विषय बना गया है रामकरण साहू खड़गवां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में नेत्र सहायक के पद पर कार्यरत हैं इस नेत्र सहायक की आई डी नंबर 01170060079 है और इनकी इसी आई डी नंबर पर प्रोत्साहन राशि आती थी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ नेत्र सहायक रामकरण साहू के लिए ये रकम पर्याप्त नहीं थी इसी वजह से नेत्र सहायक रामकरण साहू ने एक और आई डी नंबर 01170060088 का इस्तेमाल कर के प्रोत्साहन राशि इस आई डी नंबर पर भी मंगवाई जाती थी इस मामले की लिखित शिकायत संजीव सिंह ने कलेक्टर कोरिया को 4/1/2024 को किया गया है और इसकी शिकायत छाीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जयसवाल से भी करेंगे संजीव सिंह के द्वारा सूचना के अधिकार से इस मामले की पूरी जानकारी प्राप्त हुई है। कि खड़गवां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ नेत्र सहायक रामकरण साहू के द्वारा दो दो अलग-अलग नंबरों से आई डी चला कर प्रोत्साहन राशि का लाभ लिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार नेत्र सहायक रामकरण साहू खड़गवां के कांग्रेसी नेताओं के काफी नजदीकी माने जाते हैं और जिसके कारण इनके द्वारा इसका पूरा फायदा उठाया गया है। इस मामले की शिकायत संजीव सिंह ने तथ्यों के आधार पर पहले भी कि गई थी जिसकी जांच के नाम पर महज खानापूर्ति कि गई है क्योंकि सरकार भी कांग्रेस की और कांग्रेस नेता के खास होने का पूरा लाभ भी प्राप्त हुआ जिससे शिकायत जांच महज दिखावा बन कर रह गई। जानकारों के द्वारा ये कहा जा रहा है कि उस समय कांग्रेस की सरकार थी और कांग्रेसी नेताओं का नेत्र सहायक रामकरण साहू को संरक्षण प्राप्त था जिसके कारण ये मामला कागजों में ही दफ़न हो कर रह गया? अब देखना है कि संजीव सिंह की शिकायत को नयी भाजपा की सरकार के नये स्वास्थ्य मंत्री जांच कराएंगे ? अगर सारे तथ्यों के आधार पर सही तरीके से निष्पक्ष जांच हो तो कई बड़े मामले उजागर हो सकते हैं ? इस संबंध में नेत्र सहायक रामकरण साहू से जानकारी चाही तो उन्होंने कहा कि संविदा के समय जो आई डी जनरेटर हुईं थीं उसके बाद रेगूलर होने के बाद फिर उसी नाम से आई डी जारी हूई उसी कारण दो आई डी में राशि आना दिख रही है।


Share

Check Also

कोरिया@ अगर जुलूस ही न्याय है तो अदालतों की जरूरत क्या?

Share जब भीड़ ताली बजाए और पुलिस जुलूस निकाले — तब संविधान चुप क्यों हो …

Leave a Reply