कोरबा 24 नवम्बर 2023 (घटती-घटना)। वर्ष 2009 में हुए बालको चिमनी दुर्घटना मामले में छाीसगढ़ उच्च न्यायालय के आदेश के बाद एक नया मोड़ आ गया है। इस आदेश के बाद अब पीडि़तों को न्याय मिलने की आस जगने लगी है। ज्ञात रहे के बालको में 14 साल पहले हुए चिमनी दुर्घटना में कोरबा एडीजे कोर्ट द्वारा सेपको कंपनी के तीन चीनी अधिकारियों द्वारा आरोप तय करने के विरुद्ध हाई कोर्ट में प्रस्तुत क्रिमिनल रिवीजन को छाीसगढ़ उच्च न्यायालय ने 15 सितंबर को निरस्त कर दिया था। सेपको के जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध जिला न्यायालय में प्रकरण चलाने का आदेश छाीसगढ़ उच्च न्यायालय ने दिया था। धारा 304 और 201 के तहत न्यायालय ने आरोप निर्धारित किए हैं, जिसमें आरोपियों पर जानबूझ कर जान जोखिम वाले काम करने और साक्ष्य छिपाने के आरोप तय किए गए हैं। इस प्रकरण में 02 दिसंबर को प्रथम साक्ष्य कथन पीडल्यूडी के तत्कालीन इंजीनियर एस.आर. चन्द्राकर का होगा । फास्ट ट्रैक कोर्ट में इस प्रकरण की सुनवाई होगी, जिसमें शासन की ओर से रामकुमार मौर्य पक्ष रखेंगे। ज्ञात हो कि 23 सितंबर 2009 को बालको में पावर प्लांट की निर्माणाधीन चिमनी धराशायी हो गया था, जिसमें 40 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई थी ।
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