- राजेश गुप्ता कई लोगों के साथ भारतीय जनता पार्टी में हुए शामिल।
- आखिर क्यों बिहारीलाल राजवाड़े के करीबी भारतीय जनता पार्टी में हुए शामिल?
- बिहारी लाल राजवाड़े का जादू खत्म हो रहा है क्या उनके समर्थक अब उनसे ही किनारा कर रहै है?
- भाजपा में शामिल होने वाले राजेश गुप्ता ने अपने होटल के कुछ ग्राहकों को जबरन भाजपा प्रवेश करवाया:सूत्र

-रवि सिंह-
बैकुण्ठपुर 01 नवम्बर 2023 (घटती-घटना)। बैकुंठपुर में विधानसभा में विधानसभा चुनाव के ठीक पूर्व राजनीतिक दलों में प्रवेश और राजनीतिक दलों से मोहभंग लगातार देखने को मिल रहा है, अपनी अपनी मंशा अनुसार लोग अपने अपने पसंद के दल में सदस्यता ग्रहण कर रहे हैं और दल छोड़ भी रहे हैं, जो राजनीतिक दलों के लिए भी चुनाव के समय उत्साह उत्पन्न करने वाला मामला साबित हो रहा है वहीं कुछ के लिए यह अच्छा संकेत भी नहीं है, इसी क्रम में सोमवार ३० अक्टूबर को पटना निवासी पिछले विधानसभा चुनाव में जनता जोगी कांग्रेस प्रत्याशी बिहारीलाल राजवाड़े के खास समर्थक व्यवसाई राजेश गुप्ता ने भाजपा में प्रवेश किया है और उन्होंने अपने साथियों के साथ भाजपा की सदस्यता ग्रहण की है,राजेश गुप्ता सहित उनके साथियों को भाजपा की सदस्यता पटना मंडल की भाजपा की बैठक में दिलाई गई जहां भाजपा के पटना मंडल के पदाधिकारियों सहित युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष भी मौजूद रहे। राजेश गुप्ता की सदस्यता के दौरान भाजपा के विधानसभा प्रभारी ने उन्हे सदस्यता ग्रहण कराई।
राजेश गुप्ता पिछले चुनाव में जनता जोगी कांग्रेस प्रत्याशी बिहारीलाल राजवाड़े के साथ सबसे ज्यादा सक्रिय रहने वाले उनके समर्थक थे वहीं उनके चुनाव का संचालन भी वही किया करते थे जो प्रमुख भूमिका में थे, बिहारीलाल राजवाड़े जहां खुद वर्ष 2020 में कांग्रेस में शामिल हो गए वहीं उस दौरान वह अकेले ही कांग्रेस में शामिल हुए समर्थकों को उन्होंने उस समय अकेले छोड़ दिया जिससे ही समर्थक उनके नाराज हुए और उनसे अलग जाने का उन्होंने विचार बनाया, बिहारीलाल राजवाड़े के खास समर्थकों में से एक उनके गांव के ही समर्थक ने पहले ही भाजपा का दामन थाम लिया था वहीं राजेश गुप्ता के भाजपा प्रवेश एक बाद उनके एक और समर्थक का उनसे अलग जाकर अपना राजनीतिक भविष्य तलाशना यह बताता है की कहीं न कहीं बिहारीलाल राजवाड़े से चूक हुई और उन्होंने जब कांग्रेस में खुद को शामिल किया उन्होंने अपने खास समर्थकों को विश्वास में नहीं लिया, बिहारीलाल राजवाड़े के साथ केवल उनके एक पुराने समर्थक ने ही कांग्रेस का रुख किया शेष अधिकांश ने उनसे किनारा कर लिया ।माना जा रहा है की बिहारीलाल राजवाड़े का जादू राजनीति में खत्म हो चुका है और इसलिए भी उनसे लोगों का उनके समर्थकों का मोह भंग होता चला गया, बिहारीलाल राजवाड़े जब कांग्रेस प्रवेश किए तब एकमात्र उनके करीबी ने उनका साथ दिया शेष सभी ने इस फैसले का विरोध किया। राजेश गुप्ता ने जिस संख्या में अपने साथियों को लेकर भाजपा प्रवेश किया बिहारीलाल राजवाड़े ने कांग्रेस प्रवेश के दौरान उतनी भी संख्या खुद के साथ जुटाने में खुद को असमर्थ पाया था और लगभग अकेले ही उनकी कांग्रेस पार्टी में वापसी हुई थी। राजेश गुप्ता भाजपा से जुड़ने के बाद पटना क्षेत्र में भाजपा को मजबूत कर पायेंगे ऐसा माना जा रहा है वहीं वह पूर्व में वार्ड पंच भी रह चुके हैं ऐसे में उनका एक जनाधार भी है जिससे इंकार नहीं किया जा सकता। अब देखना यह है की भाजपा राजेश गुप्ता को क्या जिम्मेदारी देती है वैसे उन्हे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकेगी यह माना जा रहा है।
क्या जाना चाहते थे भाजपा में पर मज़बूरी ने पहुंचा दिया कांग्रेस में?
विगत दिवस ग्राम पंचायत पटना में भाजपा द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बेहद आश्चर्यचकित कर देने वाले नाटकीय घटनाक्रम में विगत चुनाव में जोगी कांग्रेस से प्रत्याशी रहे बिहारी लाल राजवाड़े के कट्टर समर्थक राजेश गुप्ता अपने साथियों के साथ भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए। बिहारी लाल राजवाड़े जो की राजवाड़े समाज के जिलाध्यक्ष रह चुके हैं, और पुराने कांग्रेसी नेता हैं, बीच में अजीत जोगी द्वारा अपनी पार्टी का गठन कर लेने के पश्चात यह जोगी कांग्रेस से बैकुंठपुर विधानसभा क्रमांक ३ के विधायक प्रत्याशी भी रहे। उसके बाद जब जोगी कांग्रेस को प्रदेश में आशातीत सफलता नहीं मिली और विधानसभा चुनाव में बिहारी लाल राजवाड़े की उपस्थिति भी जनता ने नकार दिया तो इन्होंने भाजपा प्रवेश का हर संभव प्रयास किया। परंतु भाजपा के शीर्ष नेताओं की रजामंदगी ना होने के कारण इन्होंने पुन: कांग्रेस में प्रवेश किया। इसके बाद जनपद पंचायत का चुनाव अपने क्षेत्र से जीतकर भाजपा नेताओं के समर्थन से जनपद पंचायत उपाध्यक्ष बनने की पुरजोर कोशिश की, परंतु सफलता हासिल नहीं हुई। कांग्रेस प्रवेश के बाद भी वर्तमान विधायक से इनकी दूरियां जग जाहिर थी, परंतु राजनीति में सब कुछ संभव है। समय बीतता गया और विधायक के कार्यकाल के अंतिम चरणों में यह वर्तमान विधायक के खास बन बैठे।
वर्तमान में स्थिति में विधायक प्रत्याशी अंबिका सिंहदेव के सबसे करीबी नेताओं में बिहारी लाल राजवाड़े शुमार हैं
वर्तमान में स्थिति यह है कि बैकुंठपुर विधानसभा से विधायक प्रत्याशी अंबिका सिंह देव के सबसे करीबी नेताओं में बिहारी लाल राजवाड़े शुमार होते हैं, और पटना क्षेत्र के समस्त कार्यकर्ता और नेता जो विगत चुनाव में जोगी कांग्रेस का झंडा उठाए थे, वही आज अंबिका सिंहदेव के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं।
क्या बिहारी लाल राजवाड़े का वर्तमान विधायक अंबिका सिंहदेव के करीब होना उन्हीं के समर्थकों को रास नहीं आ रहा है?
आश्चर्यचकित करने वाली बात यह है कि व्यवसायी राजेश गुप्ता, बिहारी लाल राजवाड़े और उनके साथियों के कट्टर समर्थक माने जाते रहे हैं ने चुनाव के वक्त और जिस दिन कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन था उसी दिन राजेश गुप्ता ने अपने कुछ साथियों के साथ भाजपा प्रवेश किया। इसके पूर्व भाजपा प्रत्याशी भईयालाल राजवाड़े के नामांकन में भी राजेश गुप्ता ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। जिसके फोटो और वीडियो उन्होंने स्वयं सोशल मीडिया पर प्रसारित किए थे। अब पटना क्षेत्र में इस नाटकीय घटनाक्रम के बाद चर्चाओं में जोर पकड़ लिया है कि कहीं ना कहीं चुनाव से कुछ समय पूर्व बिहारी लाल राजवाड़े का वर्तमान विधायक अंबिका सिंहदेव के करीब होना उन्हीं के समर्थकों को रास नहीं आ रहा है। अब यह विरोध बिहारी लाल राजवाड़े का है या अंबिका सिंह देव का यह तो देखने वाली बात है। परंतु इतना तय है की दिन प्रतिदिन पटना 84 में कांग्रेस का कद लगातार घटता जा रहा है। आज तक के चुनाव में कांग्रेस ने सदैव पटना 84से बढत हासील की है। परंतु स्थिति इस बार उलट नजर आ रही है। एसएससी का फायदा भाजपा को मिलेगा या किसी अन्य को, यह तो आने वाला वक्त बताएगा। क्योंकि भाजपा में भी पटना क्षेत्र में प्रत्याशी के इर्द-गिर्द घेरा बनाए हुए लोगों को जनता पसंद नहीं कर रही है। जिसकी गूंज चौक चौराहे पर अक्सर सुनाइ दे रही है।
अपना कद बड़ा दिखाने के लिए कुछ लोगों को धोखे में रखकर कराया गया भाजपा प्रवेश:सूत्र
विश्वस्त सूत्रों के अनुसार बिहारी लाल राजवाड़े समर्थक राजेश गुप्ता जो पटना में व्यवसायी हैं, ने भाजपा प्रवेश के समय अपना कद बड़ा दिखाने के लिए अपने होटल के कुछ ग्राहकों को धोखे में रखकर भाजपा जिला अध्यक्ष के हाथों भाजपा का गमछा पहनवाया। जब कार्यक्रम का वीडियो वायरल हुआ तो ऐसे युवाओं ने बताया कि हमने भाजपा प्रवेश नहीं किया। हमें कार्यक्रम में बुलाया गया था, वहां तात्कालिक में इस प्रकार की घटनाक्रम घटित होगी इसका हमें अंदाजा नहीं था। हमने भाजपा प्रवेश नहीं लिया है। पटना क्षेत्र में एक पार्टी को त्याग कर दूसरे पार्टी में प्रवेश करना और उसके बाद प्रवेश न करने संबंधी बयान देना आम हो चला है। इससे पहले कांग्रेसियों का गोंडवाना गणतंत्र पार्टी में प्रवेश और बाद में उसका खंडन आया था। निश्चित है कि क्षेत्र में हास्यास्पद स्थिति निर्मित हो रही है । लोग भाजपा और कांग्रेस छोड़ रहे हैं, एक दूसरे पार्टियों का दामन थाम रहे हैं, और उसके बाद इसका खंडन भी कर रहे हैं। स्पष्ट है कि लोग ना तो भाजपा से खुश दिखाई दे रहे हैं ना ही कांग्रेस से।
भाजपा और कांग्रेस से असंतुष्ट लोग क्या गोपनीय तरीके से कर सकते हैं तीसरे विकल्प का चयन
एक और जहां कांग्रेस प्रत्याशी श्रीमती अंबिका सिंह देव का उनकी ही पार्टी में और जनता के बीच तेज विरोध है। वहीं दूसरी ओर भाजपा प्रत्याशी के इर्द-गिर्द घेराबंदी किए हुए लोगों को भी जनता सख्त नापसंद कर रही है। इस समय यदि पटना 84 के लोगों को कोई मजबूत तीसरा विकल्प नजर आ जाए, तो ऐसा अनुमान है कि पटना 84 की जनता निश्चित ही इन दोनों पार्टी को सबक सिखाने को आतुर रहेगी। वैसे पटना 84 से ही आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार डॉ आकाश जायसवाल मैदान में है, यदि उन्होंने जनता के मन को साध लिया तो निश्चय ही पटना 84 में भाजपा और कांग्रेस दोनों को बड़ा नुकसान होने वाला है।
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