- पटना 84 के विकास के लिए चिंतित लोगों की हमेशा से रही मांग क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि की।
- आम आदमी पार्टी ने पटना 84 के युवा चिकित्सक को बनाया है उम्मीदवार।
- सोशल मीडिया में लोग लिख रहे,मिल गया पटना चौरासी को प्रत्याशी,अब किसका इंतजार?

-रवि सिंह–
बैकुण्ठपुर 23 अक्टूबर 2023 (घटती-घटना)। विधानसभा चुनाव 2023 का बिगुल बज चुका है। पूरे प्रदेश में यदि बैकुंठपुर विधानसभा क्रमांक 3 की बात की जाए तो यहां पर सबसे पहले आम आदमी पार्टी ने अपने पत्ते खोले हैं, और पटना क्षेत्र के युवा डॉक्टर पर अपना दांव लगाया है। वहीं भारतीय जनता पार्टी ने पूर्व खेल मंत्री को फिर से मैदान में उतारा है। इस मामले में कांग्रेस अभी तक फिसड्डी साबित हुई है, और नामांकन की तिथि आ जाने तक अभी तक अपना सर्वमान्य उम्मीदवार भी घोषित नहीं कर पाई है। कांग्रेस की इस खींचातानी को लेकर लोग चौक चौराहों और सोशल मीडिया पर चुटीले अंदाज में व्यंग्य भी कस रहे हैं। बैकुंठपुर विधानसभा क्रमांक 3 का पटना क्षेत्र जिसे पटना 84 के नाम से भी जाना जाता है, पूरे विधानसभा के लगभग 160000 वोटर में से लगभग 65000 वोटर इसी क्षेत्र से आते हैं। माना यह भी जा रहा है कि इस क्षेत्र के वोटरों को जिसने साध लिया उसकी जीत सुनिश्चित है। पटना 84 के बुद्धिजीवी और क्षेत्र के विकास के शुभचिंतकों की हमेशा से यह मांग रही की विधानसभा का निर्वाचित जनप्रतिनिधि क्षेत्र से आए, ताकि इस क्षेत्र का समुचित विकास हो सके। विगत विधानसभा चुनाव और उसके पूर्व के दो विधानसभा चुनावों में पटना क्षेत्र के ग्राम बरदिया और कुडेली से उम्मीदवार मिला भी था, परंतु क्षेत्र की यह बहु प्रतीक्षित मांग जनप्रतिनिधि को निर्वाचित कर विधानसभा भेजने की अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। एक बार फिर से देश की तीसरी राष्ट्रीय पार्टी आम आदमी पार्टी ने पटना क्षेत्र के युवा डॉक्टर आकाश जायसवाल को बैकुंठपुर विधानसभा का प्रत्याशी बनाया है, जिसको लेकर सोशल मीडिया में और लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं देखने सुनने को मिल रहे हैं।
सोशल मीडिया में लोग लिख रहे,मिल गया पटना चौरासी को प्रत्याशी,अब किसका इंतजार?
विधानसभा चुनाव 2023 को लेकर पटना क्षेत्र के युवा, क्षेत्र के शुभचिंतकों से यह अपील करते नजर आ रहे हैं कि पटना चौरासी को पुन: एक बार अपने क्षेत्र से जनप्रतिनिधि निर्वाचित कर भेजने का मौका मिला है। जब क्षेत्र को एक राष्ट्रीय पार्टी ने उम्मीदवार बनाया है, तो अब किस बात का इंतजार?? पूरे क्षेत्र के लोगों को मिलकर उम्मीदवार का समर्थन करना चाहिए, ताकि इस क्षेत्र का समुचित विकास हो सके और प्रदेश स्तर तक क्षेत्र की सहभागिता सुनिश्चित की जा सके। लोग सोशल मीडिया में यह भी कहते सुनते नजर आ रहे हैं, कि इसके पूर्व भी दो बार राष्ट्रीय पार्टी कांग्रेस एवं एक बार क्षेत्रीय पार्टी जोगी कांग्रेस से पटना को उम्मीदवार मिला था। परंतु आपसी प्रतिद्वंदिता, द्वेष और आगे न बढने देने की भावना ने इस क्षेत्र से यह मौका छीन लिया। जो कहीं ना कहीं प्रत्याशी की सर्वमान्यता पर भी प्रश्न चिन्ह लगाया। परंतु वर्तमान में लोगों के अनुसार क्षेत्र को जो प्रत्याशी मिला है, वह युवा है, ऊर्जावान है, पेशे से चिकित्सक है, अर्थात उच्च शिक्षित है। उसकी किसी से कोई व्यक्तिगत या राजनीतिक प्रतिद्वंदिता भी नहीं है। अतः उसका समर्थन करने में किसी प्रकार का कोई गुरेज भी नहीं होना चाहिए।
कब तक दो पार्टियों का ही झंडा उठाए घूमें,तीसरे को भी मिलना चाहिए मौका
आम जनमानस के बीच यह चर्चा आम हो चली है कि कब तक दो पार्टियों का ही झंडा उठाए चला जाए। तीसरे विकल्प पर भी क्षेत्र के लोगों को विचार करना चाहिए। ग़ौरतलब है कि इस समय पूरे देश में केवल तीन ही राष्ट्रीय पार्टी विद्यमान है आम आदमी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, एवं कांग्रेस। बाकी जितनी भी राजनीतिक पार्टियों हैं, वे क्षेत्रीय हैं। लोगों का कहना है कि बारी-बारी से प्रदेश में और इस क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी एवं कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों का शासन काल देखा है, अब परिवर्तित समय अनुसार किसी तीसरे के विकल्प के रूप में आ जाने पर क्षेत्र का विकास अवश्यंभावी होगा।
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