
- जिला निर्वाचन अधिकारी कोरिया ने घटती-घटना की खबर पर संज्ञान लेते हुए गृह जिले के जिला शिक्षा अधिकारी को किया प्रभार से मुक्त।
- एमसीबी के जिला निर्वाचन अधिकारी कब लेंगे संज्ञान?..कब हटाए जाएंगे मुख्य चिकित्सा एवम स्वास्थ्य अधिकारी एमसीबी,उनका भी गृह जिला है एमसीबी?
- एमसीबी जिले के मुख्य चिकित्सा एवम स्वास्थ्य अधिकारी का राजनीतिक संपर्क भी है जग जाहिर,क्या वह नहीं हटाए जाएंगे चुनाव संपन्न होने तक पद से?
- मुख्य चिकित्सा एवम स्वास्थ्य अधिकारी एमसीबी गृह जिले में पदस्थ हैं, चुनाव में डाल सकते हैं वह प्रभाव।
-रवि सिंह-
एमसीबी 16 अक्टूबर 2023 (घटती-घटना)। घटती-घटना ने कोरिया जिला शिक्षा अधिकारी एमसीबी मुख्य चिकित्सा एवम स्वास्थ्य अधिकारी को लेकर एक खबर प्रकाशित किया था, खबर में यह आशंका जाहिर की गई थी की कोरिया जिला शिक्षा अधिकारी जिन्हे हाल ही में कोरिया जिले का प्रभार ऐन चुनाव आचार संहिता लगने से दो दिन पूर्व मिला है का गृह जिला है कोरिया और उनके परिवार का सत्ताधारी दल से सीधा जुड़ाव है और प्रत्यक्ष राजनीति में उनके परिवार के कुछ लोग सक्रिय हैं, सत्ताधारी दल के जिलाध्यक्ष भी उन्ही के परिवार के सदस्य हैं और यदि वह जिला शिक्षा अधिकारी कोरिया के पद पर चुनाव में बने रहते हैं वह चुनाव प्रभावित कर सकते हैं क्योंकि शिक्षा विभाग में कर्मचारियों की संख्या अत्यधिक है वहीं निजी स्कूल भी जिला शिक्षा अधिकारी के नियंत्रण में आता है और इस तरह चुनाव प्रभावित करना उनके लिए आसान होगा। वहीं एमसीबी जिले के मुख्य चिकित्सा एवम स्वाथ्य अधिकारी को लेकर भी ऐसी ही आशंका जाहिर की गई थी और उनका भी गृह जिला एमसीबी है वह भी जिले में स्वास्थ्य विभाग प्रमुख होने के नाते चुनाव प्रभावित कर सकते हैं क्योंकि स्वास्थ्य विभाग का महकमा भी काफी बड़ा होता है वहीं निजी अस्पताल जांच केंद्र दवा दुकान भी उनके नियंत्रण क्षेत्र में आते हैं ऐसे में उनके लिए भी चुनाव प्रभावित करना आसान होगा वहीं उनकी सेवा भी गृह जिले गृह शहर में ही लगातार जारी है इसलिए उनके लिए काफी आसान होगा चुनाव प्रभावित करना यह आशंका जाहिर की थी घटती घटना ने।
दैनिक घटती-घटना की खबर पर कोरिया जिले के जिला निर्वाचन अधिकारी ने तत्काल संज्ञान लिया और उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी जितेंद्र गुप्ता को चुनाव संपन्न होने तक प्रभार से हटा दिया है वहीं उनकी जगह डीएमसी समग्र शिक्षा जिला कोरिया को जिला शिक्षा अधिकारी कोरिया का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है जो कोरिया जिला निर्वाचन अधिकारी की निष्पक्ष चुनाव सम्पन्न कराने की मंशा को जाहिर करता है वहीं एमसीबी जिला निर्वाचन अधिकारी ने मुख्य चिकित्सा एवम स्वास्थ्य अधिकारी एमसीबी को लेकर फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया है और वह पद पर बने हुए हैं जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है की उनकी ऊंची पहुंच पकड़ राजनीतिक अभी भी काम कर रही है और उन्हे नहीं हटाए जाने को लेकर कहीं न कहीं कोई दबाव है जो काम कर रहा है वरना उनका हटना भी फिलहाल तय था।
जिला शिक्षा अधिकारी कोरिया का प्रभार वापस लिया जाना,जिला निर्वाचन अधिकारी कोरिया की निष्पक्ष चुनाव को लेकर प्रतिबद्धता मानी जा रही है
कोरिया जिला शिक्षा अधिकारी के पद पर एक हफ्ते भी अभी कार्यभार ग्रहण किए हुए नए जिला शिक्षा अधिकारी को नहीं हुआ था की उनके ऊपर निर्वाचन आयोग की कार्यवाही हो गई,गृह जिले का होना साथ ही जिलाध्यक्ष सत्ताधारी दल के परिवार से होना उनके लिए मुसीबत की बात हो गई और वह प्रभार से हटा दिए गए,उनके प्रभार को वापस लिए जाने को जिला निर्वाचन अधिकारी कोरिया की उस मंशा से जोड़कर देखा जा रहा है जिसमे वह निष्पक्ष चुनाव जिले में संपन्न कराना चाहते हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी कोरिया की यह कार्यवाही सराही भी जा रही है।
मुख्य चिकित्सा एवम स्वास्थ्य अधिकारी जिला एमसीबी का अभी भी प्रभार में बना रहना कहीं न कहीं निष्पक्ष चुनाव को लेकर शंका को जन्म दे रहा है
जिला एमसीबी के मुख्य चिकित्सा एवम स्वास्थ्य अधिकारी अभी भी प्रभार में बने हुए हैं जबकि घटती घटना ने आशंका जाहिर की है की गृह जिले के स्वास्थ्य विभाग प्रमुख होने के नाते वह चुनाव प्रभावित कर सकते हैं। वैसे भी एमसीबी जिले के स्वास्थ्य विभाग प्रमुख डॉक्टर सुरेश तिवारी खुद ही राजनीतिक क्षेत्र में अपनी पहुंच पकड़ रखते हैं और उनका खुद राजनीतिक दलों के नेताओं से सीधा सम्पर्क संबंध है वहीं एमसीबी जिला उनका गृह जिला भी है। स्वास्थ्य विभाग का अमला भी काफी बड़ा होता है निजी अस्पताल जांच केंद्र दवाई दुकान भी नियंत्रण में आते हैं ऐसे में कितना प्रभाव एक स्वास्थ्य विभाग प्रमुख डाल सकता है यह जाना जा सकता है। अब उन्हे क्यों पद पर बने रहने दिया जा रहा है,निष्पक्ष चुनाव संपन्न हो इस हेतु क्यों नहीं उन्हे चुनाव तक प्रभार मुक्त किया जा रहा है यह सोचने वाली बता है,वैसे जिस तरह जिला निर्वाचन अधिकारी कोरिया ने जिला शिक्षा अधिकारी को प्रभार मुक्त किया है वैसे ही एमसीबी जिले के जिला निर्वाचन अधिकारी को मुख्य चिकित्सा एवम स्वास्थ्य अधिकारी पद से प्रभार मुक्त करना चाहिए चुनाव संपन्न होने तक।
लोकसभा चुनाव तक ऐसे ही गृह जिले में पदस्थ जिला अधिकारी रहेंगे निर्वाचन आयोग के निशाने पर,निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने प्रभार से मुक्त करने जिला निर्वाचन अधिकारी रहेंगे मजबूर
अभी विधानसभा चुनाव में गृह जिले में पदस्थ अधिकारी निर्वाचन आयोग के निशाने पर हैं वहीं विधानसभा चुनाव के तुरंत बाद लोकसभा चुनाव भी हैं जिसमे भी गृह जिले में पदस्थ अधिकारी निर्वाचन अधिकारी के निशाने पर होंगे। कुल मिलाकर अभी अभी जुगाड लगाकर जिन्होंने भी पद पाया है वह पद का ज्यादा मजा नहीं ले पाएंगे गृह जिले का चुनाव उनको गलत लगने लगेगा यह तय है।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur