रायपुर,05 अक्टूबर 2023 (ए) । राजधानी के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की ओर से पथरी (स्टोन) की समस्या से जूझ रहे मरीजों के लिए अच्छी खबर है। गुर्दे में पथरी वाले मरीजों को अब आपरेशन की लंबी चीरफाड़ वाली प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा।
एम्स में पथरी के इलाज के लिए करीब आठ करोड़ की लागत से नई तकनीक की डोर्नियर एक्सट्राकोर्पोरियल शाक वेव लिथोट्रिप्सी (ईएसडब्ल्यूएल) मशीन स्थापित कर दी गई है।
यूरोलाजी विभाग में स्थापित मशीन की सेवाओं की शुरुआत भी कर दी गई है। एम्स के निदेशक डा अजय सिंह ने इसका शुभारंभ किया। एक्स्ट्राकोरपोरियल शाक वेव लिथोट्रिप्सी मशीन किडनी की पथरी को छोटे हिस्सों में तोड़ने को ध्वनि तरंगों (हाई एनर्जी शेक वेव) का उपयोग करती है। इससे पथरी धूल या छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ा जाता है। बिना किसी चीरे के मात्र 45 मिनट में 15 एमएम तक की पथरी निकाली जा सकती है।
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