- भाजपा से भैयालाल राजवाड़े के बाद टिकट की आस में जारी है क्षेत्र का दौरा
- सस्ती लोकप्रियता हासिल करनें में भी पीछे नही देवेन्द्र तिवारी,अब चुनाव आते ही कहीं भी माईक पकड़कर गायक के रूप में देखे जा रहे

–रवि सिंह –
बैकुण्ठपुर 13 जून 2023 (घटती-घटना)। कभी सोनहत क्षेत्र में जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ चुके वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी के जिला उपाध्यक्ष देवेन्द्र तिवारी अब बैकुंठपुर विधानसभा क्षेत्र में अपनी सक्रियता दिखलाते हुए नजर आ रहे हैं, खुद को हर जगह मौजूद दिखलाने में माहिर देवेन्द्र तिवारी ने भैयालाल राजवाड़े की टिकट कटवाने की लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया है, और लगा भी क्यों न मौका जो चाहिए, ऐसा भी सूत्रों के हवाले से खबर मिल रही है। वर्तमान में दुबारा भाजपा के जिलाध्यक्ष का साथ पाकर उनका क्षेत्र में दौरा जारी है, तो वहीं बैकुंठपुर विधानसभा से उनकी दावेदारी अब स्पष्ट रूप से सामने आ गई है, जिससे कि नया समीकरण भी देखने को मिल रहा है। बहुत ही चतुराई से खुद को दावेदार के रूप में प्रस्तुत तो वे कर रहे हैं लेकिन यहां की जनता और कार्यकर्ता उन्हे अभी स्वीकार करेंगे यह कुछ कहा नही जा सकता। सोनहत क्षेत्र से आकर बैकुंठपुर विधानसभा क्षेत्र से टिकट पाना वर्तमान समय में देवेन्द्र तिवारी के लिए आसान नही होगा।
सोनहत क्षेत्र में गिरा पार्टी का ग्राफ
बतलाया जाता है कि लंबे समय तक देवेन्द्र तिवारी ने सोनहत क्षेत्र में राजनीति की है, और उनका मूल निवास भी घुघरा में है। पूर्व में भाजपा सरकार के कार्यकाल में उनके द्वारा अपने चहेतो के साथ क्षेत्र में एकछत्र ठेकेदारी का काम किया गया। और दूसरे को किसी भी स्तर पर पनपने नही दिया गया। गिनती के लोगो ने सरकार का भरपूर फायदा उठाया जिसकी बदौलत सोनहत क्षेत्र में पार्टी का ग्राफ काफी गिरा यहां तक कि सोनहत क्षेत्र में पिछले जिला पंचायत चुनाव में रजवार समाज की अधिकता के बावजूद भाजपा समर्थित प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा था।
संगठन में पकड़ बनाकर कर रहे पार्टी में गुटबाजी
यह उल्लेखनीय है कि पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष तीरथ गुप्ता के निधन के बाद मौके का फायदा उठाकर देवेन्द्र तिवारी ने पार्टी स्तर पर अपनी मजबूत पकड़ बनाई और सिर्फ चापलूसी कर खुद को बड़ा नेता बना लिया। क्षेत्र में पार्टी गुटो में बटी थी जिसका भी फायदा उन्होने उठाया और प्रदेश स्तर पर रिपोर्टिंग कर खुद के लिए जगह बनाने में कामयाबी हासिल की ऐसा सूत्रो का कहना है। बीच में यहां के कई नेताओ से उनकी दूरी देखने को मिलती थी लेकिन आज वे अपनी रणनीतिक चाल में आगे दिखलाई दे रहे हैं। अभी हाल ही में पूर्व आईएएस ओपी चैधरी को भी एक निजी कार्यक्रम में लाकर एक तरह से शक्ति प्रदर्शन का प्रयास किया संभवतःयह कार्यक्रम भी पार्टी नेतृत्व की मर्जी के बगैर ही आयोजित था तो पिछले दिनों एक सामाजिक संस्था का दंभ भरने वाली कोरिया सर्व विकास मंच के बैनर तले भी उन्होने खुद के नेतृत्व में शोभायात्रा निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया था,खुद को आगे करते हुए उनके द्वारा जमकर पैसा खर्च करना भी चर्चा का विषय है।
अब जिलाध्यक्ष और देवेन्द्र तिवारी हुए एक
बैकुंठपुर विधानसभा से दावेदारी कर रहे देवेन्द्र तिवारी की पूर्व मंत्री भैयालाल राजवाड़े से दूरी जगजाहिर है। पूर्व में कई मौके पर ऐसा सार्वजनिक रूप से भी देखने को मिला था। पूर्व भाजयुमो अध्यक्ष अंचल राजवाड़े को भी हटवाने में उनकी भूमिका बतलाई गई जिसके बाद अपने चहेते हितेष प्रताप को अध्यक्ष बनवाया गया। देवेन्द्र तिवारी और भाजपा जिलाध्यक्ष कृष्णबिहारी जायसवाल के बारे में बतलाया जाता है दोनो नेता एक दूसरे को टिकट और पद की आसा दिलाकर साथ मिलकर काम रहे हैं।
सस्ती लोकप्रियता के लिये गायक के रूप में भी पीछे नही
विधानसभा की दावेदारी में भाजपा नेता देवेन्द्र तिवारी को अब किसी भी रूप में देखा जा सकता है। कुछ ही समय से क्षेत्र में सक्रिय होकर उन्होने कार्यकर्ताओं को और खासकर रजवार समाज के छुटभैये कार्यकर्ताओं को साथ लेकर अलग तरह ही राजनीति शुरू कर दी है जिससे पार्टी की स्थिति खराब हो रही है। तो अब विभिन्न कार्यक्रम में जाकर उन्हे मंच से माईक पकड़कर गायक के रूप में भी देखा जाना काफी चर्चा का विषय है लोगो का कहना है कि सस्ती लोकप्रियता के लिए यह सब कदम उठाया जा रहा है।
क्या रजवार समाज देगा साथ?
बैकुंठपुर विधानसभा सीट में रजवार समाज की अधिकता के कारण यह कहना अभी कठिन है कि पार्टी पूर्व मंत्री भैयालाल राजवाड़े का टिकट काटेगी लेकिन यदि सच में पार्टी टिकट काट देती है तो क्या रजवार समाज देवेन्द्र तिवारी जैसे उम्मीदवार का साथ देगी यह कहा नही जा सकता। क्योंकि रजवार समाज के बड़े नेता और सामाजिक जन भी यह अच्छे तरह से जानते है कि उनके समाज के वरिष्ठ नेता भैयालाल राजवाड़े का टिकट कटवाने के लिए देवेन्द्र तिवारी ने पूरा जोर लगा दिया है,ऐसे में समाज का साथ मिलेगा इस पर संशय है।
साहू समाज भी साथ देगा या नही यह कहा नही जा सकता
बैकुंठपुर क्षेत्र में साहू समाज की अधिकता भी काफी है, हर क्षेत्र मे यह समाज है। साहू समाज का क्षेत्र में बड़ा प्रभाव है,वर्तमान में साहू समाज का साथ भी देवेन्द्र तिवारी के साथ उतना नही है जितना होना चाहिए। खुद ब्राह्मण समाज से तालुकात रखने वाले देवेन्द्र तिवारी के लिए उनका समाज भी एकजूट नही दिखलाई देता। बैकुंठपुर में एक परिवार के भरोसे अपनी राजनीति चमकाने के लिए देवेन्द्र तिवारी अब सक्रिय दिखलाई देने लगे हैं।
भाजपा के कार्यकर्ता भी नही हैं साथ
वर्तमान स्थिति पर गौर किया जाए तो देखा जाता है कि बैकुंठपुर क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ता और नेता भी देवेन्द्र तिवारी के साथ नही है। पटना क्षेत्र के नेता भी उनसे बराबर दूरी पर दिखलाई दे रहे हैं। युवा मोर्चा को गुटबाजी के साथ लेकर श्री तिवारी द्वारा की जा रही राजनीति आगे के लिए पाटी में हानिकारक है।
देवेन्द्र तिवारी अपना गुट बनाकर कर रहे नेतागिरी
विधानसभा के लिए दावेदारी कर रहे देवेन्द्र तिवारी के बारे में पटना क्षेत्र के एक नेता ने बताया कि उनकी दावेदारी सिर्फ हवाहवाई है। सोशल मीडिया से ही पार्टी किसी को टिकट नही देने वाली। पार्टी के लिए आपके द्वारा क्या किया गया है यह देखा जाता है। जनता भी समझदार है और कार्यकर्ता भी। इस तरह गुट बनाकर खुद को दावेदार बनाने से पार्टी का नुकसान हो रहा है ।
कार्यकर्ताओं ने खुद बना दिया लोकप्रिय जबकि आधी जनसंख्या नही पहचानती
देवेन्द्र तिवारी पिछले कुछ समय से ही बैकुंठपुर क्षेत्र में सक्रिय हैं,क्षेत्र की जनता और कार्यकर्ताओं के लिए उनका योगदान थोड़ा भी नही है। चंद कार्यकर्ताओ को साथ लेकर उनके द्वारा बड़े नेताओं को नीचा दिखलाते हुए राजनीति किया जाना काफी चिंतनीय है,उनके चहेते कार्यकर्ताओ की पोस्ट पर नजर डाली तो देखने को मिलता है कि उन्होने ही श्री तिवारी को खुद लोकप्रिय बना दिया है। जबकि बैकुंठपुर विधानसभा क्षेत्र की आधी जनता उन्हे तरीके से पहचानती भी नही है।
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