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बैकुण्ठपुर@विधानसभा चुनावी वर्ष में जमींदार योगेशका जन्मदिन मनाया गया ऐतिहासिक

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  • 100 गाड़ी के काफिले के साथ योगेश शुक्ला पहुंचे कार्यक्रम स्थल
  • गाडि़यों के काफिले को देख लोग हो गए अचंभित,क्या 2023 विधानसभा में होंगे प्रत्याशी?
  • पीसीसी सचिव रनई जमींदार योगेश शुक्ला का जन्मदिवस रहा ऐतिहासिक
  • बैकुण्ठपुर मानस भवन में मनाया गया जन्म उत्सव,हजारों की तादात में पहुंची भीड़ योगेश शुक्ला को दी शुभकामनाएं
  • जन्मदिवस कार्यक्रम आयोजन को उनके शक्ति प्रदर्शन से भी जोड़कर जा रहा देखा
  • 2023 के चुनाव में हो सकते हैं बैकुण्ठपुर से दावेदार,कार्यक्रम के पश्चात बातें करते दिखे लोग
  • 2023 उनके लिए अंतिम मौका है यदि यह मौका मिला तो बैकुण्ठपुर विधानसभा को मिल सकता है अच्छा प्रत्याशी

बैकुण्ठपुर 24 अप्रैल 2023 (घटती-घटना)। योगेश शुक्ला के जन्म दिवस का आयोजन बैकुंठपुर के हृदय स्थल मानस भवन में किया गया था। जबकि योगेश शुक्ला शुक्ला पेट्रोल टंकी से 100 गाड़ी के काफिले के साथ कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे, इस काफिले को देखकर लोग भी अचंभित दिखे इतना लंबा काफिला किसी मंत्री के आने पर भी नहीं दिखता जो रनई के जमीदार के जन्म उत्सव पर देखा गया, योगेश शुक्ला जब जन्म उत्सव के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे तो उनका भव्य स्वागत किया गया, बधाइयों का तांता लगा रहा ।खूब पटाखे फूटे और फिर कार्यक्रम का संचालन शुरू हुआ कार्यक्रम में 5 हजार से अधिक लोगों के शामिल होने की खबर है इतनी बड़ी संख्या में लोगों का शामिल होना भी विरोधियों के लिए सिरदर्द बन गया, आखिर यह आयोजन किस मकसद से हुआ इसे लेकर विरोधियों में चर्चा का विषय रहा है और कहीं ना कहीं विधानसभा चुनाव भी कुछ महीने बाद है कहीं विधानसभा चुनाव की बड़ी दावेदारी तो नहीं कहीं इस वजह से यह शक्ति प्रदर्शन बडा तो नहीं।
योगेश शुक्ला का जन्मदिवस आयोजन जिस प्रकार वर्ष 2023 में संपन्न हुआ उसे देखकर अब लगता है कि यह वर्ष 2023 के चुनाव की तैयारी भी हो सकती है और वह चुनाव में बैकुंठपुर से दावेदारी कर सकते हैं क्योंकि जिस प्रकार स्वस्फूर्त लोग उनके जन्मदिवस आयोजन में सम्मिलित हुए उसको देखकर लोगों का तो यही कहना है और अब आयोजन के उपरांत से ही इस बात की चर्चा जोरों पर भी है। वैसे पटना 84 सहित बैकुण्ठपुर क्षेत्र में योगेश शुक्ला के जनाधार को नकारा नहीं जा सकता, जिस स्तर पर लोगों ने केवल सुनकर अपनी स्वस्फूर्त उपस्थिति प्रदान की उससे यह साबित भी हो गया कि योगेश शुक्ला के लिए चुनाव में विजश्री पताका लहराना मुश्किल बिल्कुल नहीं क्योंकि समर्थकों व कार्यकर्ताओं सहित उनके चाहने वालों की उनके पास कमी ही नहीं। पटना में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस सहित भाजपा के लोगों ने भी शिरकत कर यह जता दिया कि उनके साथ और उनपर विश्वास है जनता का क्योंकि उनकी छवि हमेशा सहयोग की रही क्षेत्र के लिए जिसे लोग स्वीकार भी करते आ रहें हैं।
योगेश शुक्ला पहचान के मोहताज नहीं
राजनीति में यदि आगे बढ़ना है तो आपकी चर्चा होती रहनी चाहिए और वह जिस विधि हो लेकिन वह आपका प्रयास होना चाहिए ऐसी ही कुछ चर्चा अब जारी हो गई है जो केवल एक जन्मदिवस आयोजन व आयोजन की सफलता के बाद से हो रही है वह भी ऐसे व्यक्ति के जन्मदिवस आयोजन को लेकर यह चर्चा हो रही है जिसे जिले के कांग्रेस पार्टी में कोरिया टाइगर भी कहा जाता है। योगेश शुक्ला वह नाम जिसके कई उपनाम भी हैं जिससे ही वह ज्यादा पहचाने जाते हैं जिसमें रनई जमींदार और कोरिया टाइगर दो ऐसे प्रसिद्ध नाम है जो हर जुबान पर रहते हैं यदि गलती से योगेश शुक्ला नजर भर आ जाएं अनायास ही यह दोनों नाम लोग मन मे लेने लगते हैं। पर लोगों के जेहन में यह सवाल है कि आखिर चुनावी वर्ष 2023 में इतना वृहद जन्म उत्सव मनाया जाना कहीं विधानसभा की तैयारी तो नहीं? 2023 में योगेश शुक्ला का जन्म उत्सव जिस प्रकार मनाया गया है उसे लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है वहीं विरोधी भी इसे लेकर चिंतित है।
जिला मुख्यालय से लेकर गाँव तक समर्थकों ने जन्मदिवस को बनाया यादगार
बता दें कि योगेश शुक्ला का जन्मदिवस बैकुंठपुर जिला मुख्यालय में भी मनाया गया और उनके समर्थकों ने उनके जन्मदिवस को यादगार बनाने में कोई कमी नहीं छोड़ी। वैसे योगेश शुक्ला का जनाधार पूरे विधानसभा में ही अच्छा है और चर्चा में भी उनके समर्थकों की कमी नहीं है। चुनावी रणनीति के जानकार योगेश शुक्ला के बारे में जो सबसे बड़ी खासियत है वह यह कि उनके पास चुनावी प्रबंधन का स्वयं के पास इतना अनुभव और ज्ञान है कि वह स्वयं चुनाव में यदि प्रत्याशी बनते हैं तो उनका प्रबंधन सबसे बेहतर होगा यह सभी का कहना है क्योंकि राजनीति के सफल संचालक की उनकी भूमिका से भी इंकार नहीं किया जा सकता।
योगेश शुक्ला मंच पर शमा बांधने वाले नेता
योगेश शुक्ला मंच पर भी शमा बांधने वाले वह नेता हैं की जब वह मंच पर बोलते हैं तो सुनने वालों की इक्षा होती है कि उन्हें जरूर सुने और विपक्ष की बोलती बंद करने में भी उनको महारत हासिल है। कुल मिलाकर जैसा जन्मदिवस आयोजन किया गया और जिस तरह का हुजूम जुटा उसे देखकर इसबात से इंकार नहीं किया जा सकता कि वह चुनाव लड़ने की इक्षा नहीं रखते वह अपनी इक्षा सामने से जनता के समक्ष प्रस्तुत कर रहें हैं अपने समर्थकों के कहने पर अब आयोजन को लेकर यही कहा जाने लगा है वैसे जिस तरह का आयोजन और आयोजन में जिस तरह की संख्या उपस्थित हुई उसे देखकर तो यही लगता है यह आगाज है और इसका अंजाम जरुर निकलेगा यह तय नजर आने लगा है।


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