- क्या अपराध में केवल जमानत मिलने मात्र से आरोप समाप्त हो जाते हैं?
- भाजयुमो कोरिया जिलाध्यक्ष को जमानत मिलने पर फोड़े गए पटाखे,किया गया जिलाध्यक्ष का स्वागत।
- अपराध दर्ज होते ही फरार चल रहे भाजयुमो जिलाध्यक्ष को बताया जा रहा टाइगर
- क्या टाइगर डर कर भागने छुपने का रखता है दम,क्या टाइगर छिपता है डरकर?
- जिला भाजपा ने भी आरोपी भाजयुमो जिलाध्यक्ष को दिया जमानत लेने का भरपूर समय
- आरोप लगने अपराध दर्ज होने के बाद महीनो से फरार चल रहे भाजयुमो जिलाध्यक्ष को से नहीं किया पद से पृथक।
- क्या राजनीति में अपराध दर्ज होने उपरांत ही बनते हैं लोग टाइगर?

-रवि सिंह-
बैकुण्ठपुर,06 अप्रैल 2023 (घटती-घटना)। टाइगर अभी जिंदा है, टाइगर वापस आया ,जंगल में टाइगर दिखा यह आजकल आम रूप से जिले में सुना जा रहा है और लोग टाइगर की खबरें सुनकर भयभीत भी हो रहें हैं की कहीं उनका सामना असली टाइगर से न हो जाए और उन्हे वह नुकसान न पहुंचा जाए वहीं अभी एक और टाइगर की चर्चा सोशल मीडिया पर देखी सुनी जा सकती है जो जमानत मिलने पर घर वापसी किए हैं और जिसको लेकर सोशल मीडिया में भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने जमकर पोस्ट डाला है और लिखा है टाइगर इस बैक।
यह टाइगर जिसे भाजयुमो कार्यकर्ता टाइगर बता रहें हैं और कोई नहीं भाजयुमो कोरिया के जिलाध्यक्ष हैं जो आर्थिक गड़बड़ी के आरोप में फरार चल रहे थे और जिन पर धोखाधड़ी का अपराध दर्ज था और जिसमे उन्हे जमानत मिली है और उसी के बाद से उन्हे टाइगर बताया जा रहा है। वैसे टाइगर का चरित्र छिपने और भागने का नहीं होता और वह डटकर मुकाबला करता है और किसी की सहायता भी नहीं लेता लेकिन भाजयुमो जिलाध्यक्ष कोरिया को टाइगर बताने के पीछे के मामले में जाएं तो यह समझा जा सकता है की वह अपराध दर्ज होने के बाद से फरार चल रहे थे और किसी अधिवक्ता के सहारे उन्हे जमानत मिल सकी। पूरे मामले में अभी भाजयुमो जिलाध्यक्ष अपराध मुक्त नहीं हुए हैं और केवल जमानत पर उन्हे खुली हवा में घूमने की छूट मिली है और मामले का अंतिम निराकरण अभी आना बाकी है।
सोशल मीडिया पर लिखा गया टाइगर वापस आया
भाजयुमो जिलाध्यक्ष को जमानत मिलते ही भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर टाइगर वापस आया का जमकर पोस्ट साझा किया और भाजयुमो जिलाध्यक्ष को जिन पर आर्थिक धोखाधड़ी करने का आरोप लगा है उन्हे टाइगर बताया गया। सोशल मीडिया पर टाइगर वापस आया पोस्ट की बाढ़ सी देखी गई और कुछ समय के लिए यही लगा की सचमुच ही टाइगर वापस आ गया और लोग जंगल वाला टाइगर समझ बैठे, वह तो जब किसी ने खुलकर टाइगर किसे कहा जा रहा है लिखा तब जाकर पता चल सका की टाइगर कोई और नहीं भाजयुमो जिलाध्यक्ष हैं। वैसे भी अभी जिले में और आसपास के जिले में टाइगर की अफवाह फैली हुई है और लोग उसी टाइगर की वापसी समझ बैठे।
फोड़े गए पटाखे पहनाई गई माला हुआ स्वागत
आर्थिक धोखाधड़ी जो एक आदिवासी समुदाय के व्यक्ति के साथ हुआ है मामले में आरोपी भाजयुमो जिलाध्यक्ष कोरिया को जमानत मिली और भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने इस अवसर पर जिलाध्यक्ष को टाइगर बताते हुए भाजपा कार्यालय के समाने पटाखे फोड़े और जिलाध्यक्ष का फूल मालाओं से स्वागत किया। सवाल यह उठता है की क्या यह सही कहा जा सकता है क्योंकि मामला अभी विचाराधीन है और पीडç¸त आदिवासी समुदाय के व्यक्ति को न्याय मिलना बाकी है और ऐसे में इस तरह का जश्न समझ से सभी के परे रहा।
भाजपा की रीति नीति के विरुद्ध रहा भाजयुमो कार्यकर्ताओं का यह स्वागत कार्यक्रम
भाजयुमो जिलाध्यक्ष का स्वागत सम्मान जिस तरह से भाजपा कार्यालय में किया गया वह भाजपा की रीति नीति के विरुद्ध रहा क्योंकि एक तरफ जहां प्रधानमंत्री जो स्वयं भाजपा के शीर्ष नेता हैं भ्रष्टाचार बर्दास्त नहीं करने की बात कह रहे हैं और कार्यवाही की बात कर रहें हैं वहीं एक आर्थिक धोखाधड़ी मामले में आरोपी भाजयुमो जिलाध्यक्ष का ही बिना दोषमुक्त हुए भाजपा कार्यालय में स्वागत हो रहा है जो साबित करता है की जिला भाजपा प्रधानमंत्री की बातो से इत्तेफाक नहीं रखता और वह उनकी बातों को नजरंदाज करता है।
भाजपा जिलाध्यक्ष ने भाजयुमो जिलाध्यक्ष को दिया जमानत लेने का भरपूर समय,पद से नहीं किया पृथक
भाजपा जिलाध्यक्ष ने भाजयुमो जिलाध्यक्ष कोरिया को भरपूर समय दिया और उन्हे जमानत मिलने तक पद से पृथक नहीं किया जो साबित करता है की भाजपा कोरिया भाजपा की रीति नीति के विरुद्ध कार्य कर रही है और धोखाधड़ी जैसे मामले में आरोपी भाजयुमो जिलाध्यक्ष को शरण दे रही है।
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