अंबिकापुर, 19 दिसम्बर 2022 (घटती-घटना)। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक साथ चार नवजात बच्चों की मौत हो गई थी। मौत का कारण परिजनों ने अचानक बिजली गुल हो जाने से एसनसीयू में लगे उपकरण काम करना बंद होना बताया था। वहीं स्वास्थ्य विभाग मौत के इस कारणा को इंकार करते हुए बच्चों को अति गंभीर होतना बताया गया था। वहीं एक साथ चार नवजात बच्चों की मौत से प्रदेश स्तर तक खलबली मच गई थी। घटना की जानकारी लेने स्वास्थ्य मंत्री व स्वास्थ्य सचिव को आना पड़ा था। वहीं लापरवाही पाए जाने पर चिकित्सकों के खिलाफ शासन द्वारा कार्रवाई भी की गई है। वहीं आगे अस्पताल में किसी तरह की विपरित स्थिति निर्मित न हो इसके लिए स्वास्थ्य सचिव आर प्रसन्ना ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रशासन अंबिकापुर को अस्पताल की फायर व विद्युत सेफ्टी की जांच हर महीने काराने के निर्देश दिए हैं। निर्देश के बाद अस्पताल प्रशासन ने दमकल विभाग को सूचना देकर मेडिकल कॉलेज अस्पताल की फायर सेफ्टी की जांच सोमवार को कराया गया। फायर ब्रिगेड की टीम ने अस्पताल के हर वार्ड व एमसीएच का निरीक्षण किया। जांच में फायर सेफ्टी की गई कमियां पाई गई।
शहर में लगातार हो रही आगजनी की घटनाओं को देखते हुए दमकल के कर्मचारियों के द्वारा शहर के अस्पतालों में अग्निशामक यंत्रों की जांच तेज कर दी है, आगजनी से किसी प्रकार की कोई जनहानि ना हो सके जिसको लेकर शासकीय एवं निजी कार्यालयों सहित अस्पतालों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाते हैं,वही आज मेडिकल कॉलेज अस्पताल में अग्निशामक यंत्रों की जांच करने आज दमकल के कर्मचारी अस्पताल पहुंचे अस्पताल के विभिन्न वार्डों का भ्रमण कर दमकल के कर्मचारियों ने अग्निशामक यंत्रों की बारीकी से जांच किया गया, अग्निशामक यंत्रों को लेकर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कई कमियां पाई गई वही भवनों के निर्माण को लेकर कमि होना बताया गया है, इससे पूर्व भी फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल का निरीक्षण कर अग्निशामक यंत्रों की कमी होना बताया गया था बावजूद इसके अब तक अस्पताल प्रबंधन के द्वारा अग्निशामक यंत्रों की कमियों पूरा नहीं कर सका है, वही अब अस्पताल प्रबंधन फायर सेफ्टी को लेकर अपनी पूरी कमियों को जल्द से जल्द दूर कर सके जिसको लेकर या निरीक्षण दमकल के कर्मचारियों के द्वारा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में किया गया है, अस्पताल में पाई गई कमियों को लेकर दमकल कर्मचारियों के द्वारा सुधार हेतु नोटिस जारी किया जा रहा है।
साढ़े सात सौ बेड के अस्पताल में मात्र 7 सेफ्टी फायर सिलेंडर
दमकल विभाग के अनुसार साढ़े सात सौ बेड के अस्पताल में मात्र 7 सेफ्टी फायर सिलेंडर ही पाए गए। आईसीयू सहित अस्पताल में जगह-जगह खुले में विद्युत वायर झुलते हुए पाए गए। जो कभी भी शॉट सर्किट होने पर आग्जनी जैसी स्थिति निर्मित हो सकती है। वहीं दमकल विभाग द्वारा कमियों को दूर करने के लिए अस्पताल प्रशासन को नोटिस दिया गया है। जांच के बाद दमकल विभाग ने बताया कि एमसीएच में आग्जनी से निपटने के लिए उपकरण लगाए गए हैं। पर यहां भी काफी कमी पाई गई है। एमसीएच में लगाए गए फायर सेफ्टी से कई महत्वपूर्ण उपकरण चोरी कर लिया गया है। वहीं जगह-जगह फायर सेफ्टी के लिए दिए गए सांकेतिक स्थान पर मरीजों के लिए बेड व अस्पताल के पोस्टर लगाए गए हैं। आगजनी की स्थिति होने पर मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाल पाना मुश्किल होगा। क्यों कि चारो तरफ जाम कर रखा गया है। दमकल विभाग की टीम ने अस्पताल के हर वार्ड का निरीक्षण किया। निरीक्षण में पाया गया कि अस्पताल के पुराने भवन में जगह-जगह खुले में वायर झुल रहे हैं। जिससे शॉट सर्किट की संभावना बनी हुई रहती है। वहीं अस्पताल के सबसे सेंसेटिव आईसीयू में भी आग से निपटने क लिए सेफ्टी नहीं किया गया है। आईसीयू में भी खुले में वायर दिख रहे हैं।
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