आदिवासी बहुल अधिसूचित क्षेत्रों में 30 से 35 प्रतिशत,क्वांटिफायबल डाटा आयोग ने सरकार को सौंपी रिपोर्ट
रायपुर,22 नवम्बर 2022(ए)। छत्तीसगढ़ में आरक्षण को लेकर गठित सेवानिवृत्त जिला जज छविलाल पटेल की अध्यक्षता में बने मंटिफायबल डाटा आयोग ने राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। आयोग ने सर्वेक्षण में पाया है कि प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग-ओबीसी की आबादी 41 प्रतिशत है।
वहीं सामान्य वर्ग के गरीबों की कुल संख्या आबादी के 3 प्रतिशत तक पाई गई है। जनगणना में ओबीसी का अलग से वर्गीकरण नहीं होने से यह संख्या अभी तक अनुमानों पर आधारित थी। माना जाता था कि प्रदेश में ओबीसी वर्ग की आबादी 52 प्रतिशत से 54 प्रतिशत तक है। हालांकि सरकार ने अभी आयोग की रिपोर्ट के तथ्यों को सार्वजनिक नहीं किया है।
प्रशासनिक सूत्रों का कहना है, छत्तीसगढ़ की आबादी दो करोड़ 94 लाख अनुमानित है। पिछले दो साल तक ऐप और वेबसाइट के माध्यम से सर्वेक्षण के बाद मंटिफायबल डाटा आयोग ने एक करोड़ 20 लाख से कुछ अधिक लोगों का आंकड़ा जुटा लिया है।
ये लोग अन्य पिछड़ा वर्ग में शामिल जातियों से आते हैं। इस मान से यह आंकड़ा केवल 41 प्रतिशत होता है। बताया जा रहा है, दुर्ग जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वाधिक 72 प्रतिशत आबादी पिछड़ा वर्ग की है।
प्रदेश के आदिवासी बहुल अधिसूचित क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग की आबादी 30-35 प्रतिशत ही बताई जा रही है। सरकार इस रिपोर्ट को 24 नवम्बर को प्रस्तावित राज्य कैबिनेट की बैठक में चर्चा के लिए लाएगी। वहां से मंजूरी मिली तो इसे विधानसभा के पटल पर भी रखा जाएगा।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur