- किसानों को हार पहनाकर किया गया अभिनंदन।
- दूसरे दिन के लिए 2 किसानों ने कटवाया टोकन।

अम्बिकापुर 01 नवम्बर 2022 (घटती-घटना)। शासन के निर्देश पर 1 नंबर से धान खरीदी शुरू कर दी गई है। सरगुजा में भी धान खरीदी को लेकर जिला प्रशासन द्वारा पूरी तैयारी की गई है। जिले के सभी 46 उपार्जन केन्द्रों पर धान खरीदी की शुभारंभ तो कर दिया गया पर पहले दिन खरीदी के नाम पर शून्य रहा। जिले के एक भी किसानों ने धान नहीं बेचा। जबकि इससे पहले धान खरीदी शुरू होने का काफी इंतजार रहता था। पहले दिन काफी उत्साह के साथ किसान धान बेचने केन्द्रों पर पहुंचते थे। पर इस वर्ष मानसून विलंब से सकिय होने एवं लंबी अवधि तक बने रहने के कारण धान पकने की अवधि में भी प्रभावित हुई है। वर्तमान में जिले में शीघ्र पकने वाली धान की फसल की कटाई प्रारंभ हो गई है। फसलों में नमी अधिक होने के कारण किसान धान की मिंसाई नहीं कर पा रहे हैं। जिसके कारण पर्याप्त मात्रा में टोकन जारी नहीं हो पा रहा है।
गौरतलब है कि जिले में इस वर्ष 50 हजार 140 किसानों से लगभग 2 लाख 20 हजार मीट्रिक टन धान की खरीदी करने का अनुमान है। धान खरीदी को लेकर जिले में 46 उपार्जन केन्द्र बनाए गए हैं। धान खरीदी के पहले दिन मंगलवार को सभी उपार्जन केन्द्रों पर जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर उपस्थित अन्नदाता किसानों को फूलमाला पहनाकर अभिनंदन किया गया। धान खरीदी के दूसरे दिन 2 नवंबर को धान बेचने के लिए उपार्जन केन्द्र परसा में कृषक अरूण जायसवाल ने टोकन कटाकर धान बेचने का गणेश किया करेंगे। वहीं सीतापुर जनपद के प्रतापगढ़ उपार्जन केन्द्र में भी एक किसान ने टोकन कटवाया है। धान खरीदी के पहले दिन जिले के किसी भी किसान द्वारा श्रीगणेश नहीं कया गया। इसका कारण उप संचालक कृषि एमआर भगत ने बताया है कि जिले में मानसून विलंब से सक्रिय होने एवं लंबी अवधि तक बने रहने के कारण धान पकने की अवधि में भी प्रभावित हुई है। वर्तमान में जिले में शीघ्र पकने वाली धान की फसल की कटाई प्रारंभ हो गई है। फसलों में नमी अधिक होने के कारण किसान धान की मिंजाई नहीं कर पा रहे हैं जिसके कारण पर्याप्त मात्रा में टोकन जारी नहीं हो पा रहा है।
खाद्य अधिकारी ने बताया है कि धान खरीदी की निर्धारित अवधि 1 नवंबर 2022 से 31 जनवरी 2023 के दौरान किसान अपना धान समिति में लाकर समर्थन मूल्य पर विक्रय कर सकते हैं। किसानों की सुविधा हेतु मोबाइल एप्प टोकन तुंहर हाथ के माध्यम से किसान द्वारा स्वयं टोकन जारी करने का प्रावधान दिया गया है।
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