- हर खरीदी केंद्र में नोडल नियुक्त,छोटे किसानों को धान खरीदी में प्राथमिकता।
- अवैध परिवहन रोकने बनाए गए 3 चेक पोस्ट,जांच दल गठित कर अवैध धान का आवक रोकने कलेक्टर ने दिए कड़े निर्देश
बैकुण्ठपुर 30 अक्टूबर 2022 (घटती-घटना)। राज्य शासन द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 के लिए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की शुरूआत 1 नवम्बर से शुरू होने वाली है। जिले में 20 उपार्जन केन्द्रों में 15 समितियों के माध्यम से खरीदी की जाएगी। इस वर्ष कुल 20,282 किसानों ने पंजीयन करवाया, जिनका कुल रकबा 25806.1198 हेक्टर है। पिछले वर्ष को तुलना में इस वर्ष 1,210 नवीन किसानों ने पंजीयन करवाया है। धान खरीदी का लक्ष्य 9,04,450 टन रखा गया है। इसके लिए जिले में सभी तैयारियां नियुक्त नोडल तथा सहायक नोडल अधिकारियों द्वारा चेक लिस्ट अनुसार की गईं हैं।
कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह द्वारा लगातार स्वयं उपार्जन केन्द्रों का निरीक्षण कर सभी आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया जा रहा है। उन्होंने सम्बंधित अधिकारियों को धान खरीदी के सुचारू संचालन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं तथा साफ-सफाई, पेयजल, विद्युत, बारदाने, सुरक्षा व्यवस्था, तकनीकी उपकरणों इत्यादि व्यवस्थाओं को दुरस्त करने निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि धान बेचने आए किसानों को किसी तरह की समस्या ना हो, धान खरीदी सुचारू संचालन हेतु सभी अधिकारी निरंतर खरीदी केन्द्रों का निरीक्षण करें। कलेक्टर श्री लंगेह ने उपार्जन अवधि के दौरान धान खरीदी केन्द्रों में अवैध धान की आवक को रोकने एवं कोचियों-बिचौलियों पर निगरानी रखने हेतु आदेश जारी कर जांच दल गठित किया है, साथ ही राजस्व विभाग द्वारा 3 चेक पोस्ट भी बनाए गए हैं।
एन्ड्रॉयड एप ‘टोकन तुंहर हाथ’ के जरिए पंजीकृत किसान धान विक्रय हेतु घर बैठे ऑनलाइन टोकन कर सकेंगे प्राप्त
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की विशेष पहल पर अब समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों के लिए को धान बेचने के लिए घर बैठे ऑनलाइन टोकन प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर पंजीकृत किसान को धान विक्रय हेतु टोकन जारी करने की प्रक्रिया के सरलीकरण एवं सुव्यवस्थित प्रबंधन के उद्देश्य से एन.आई.सी. द्वारा एन्ड्रॉयड एप ‘‘टोकन तुंहर हाथ’’ विकसित किया गया है। ‘‘टोकन तुंहर हाथ’’ एप की सहायता से प्रत्येक पंजीकृत किसान संबंधित उपार्जन केन्द्र में स्वयं निर्धारित तिथि में धान विक्रय हेतु टोकन प्राप्त कर सकेंगे। इस एप के जरिए किसान को समिति द्वारा दर्ज किसान की जानकारी, पंजीकृत रकबा, बैंक खाता, टोकन एवं धान खरीदी आदि की सभी नवीन जानकारियां प्राप्त होंगी। साथ ही एप के उपयोग से पंजीकृत किसानों द्वारा संबंधित समिति अथवा उपार्जन केन्द्रों में आगामी सात दिनों तक टोकन प्राप्त किया जा सकता है। एप के जरिए संबंधित समिति अथवा उपार्जन केन्द्र में हर दिन की खरीदी क्षमता के 30 प्रतिशत की सीमा तक ऑनलाइन टोकन प्राप्त किया जा सकेगा। उक्त सीमा में भी सीमांत, लघु और दीर्घ किसानों को उनकी पंजीकृत संख्या के अनुपात में टोकन हेतु समान अवसर उपलब्ध होगा। संबंधित समिति/उपार्जन केन्द्र में शेष 70 प्रतिशत खरीदी क्षमता की मात्रा ऑफलाइन टोकन हेतु उपलब्ध रहेगी, ताकि ऐसे किसान जो एप के माध्यम से टोकन प्राप्त करने में असुविधा महसूस करते हैं, उन्हें पूर्व की भांति समिति मॉड्यूल से टोकन प्राप्त हो सके। गौरतलब है कि एप के जरिए टोकन जारी करने की व्यवस्था पूर्व वर्षों में समिति मॉड्यूल से टोकन जारी करने की व्यवस्था करने की प्रक्रिया के अलावा अतिरिक्त रूप से की जा रही है। इस तरह किसानों को ऑनलाइन एवं ऑफलाईन दोनों माध्यमों से टोकन प्राप्त हो सकेगा। उक्त एप के उपयोग से समिति/उपार्जन केन्द्रों में टोकन प्राप्त करने हेतु किसानों की भीड़ में कमी आएगी। किसानों को घर बैठे धान बेचने के लिए टोकन मिल सकेगा। उन्हें समिति/उपार्जन केन्द्रों में जाने की जरूरत नहीं होगी।
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