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कोरबा@भाजपा ने प्रवर्तन निदेशालय के छापामार कार्यवाही पर प्रदेश मुखिया से माँगा इस्तीफा

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संवाददाता-
कोरबा , 17 अक्टूबर 2022(घटती घटना)।
भाजपा कार्यालय टीपी.नगर कोरबा में लखनलाल देवांगन (प्रदेश उपाध्यक्ष), ननकीराम कंवर (पूर्व गृह मंत्री व रामपुर विधायक),डॉ. राजीव सिंह (जिलाध्यक्ष) प्रेस वार्ता कर प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि ईडी के प्रेस नोट ने छत्तीसगढ़ में हो रहे बड़े भ्रष्टाचार के रैकेट की पोल खोल कर रख दी है।एक तरफ जहां सरकार द्वारा किसी तरह का भ्रष्टाचार नहीं किये जाने राग गाया जा रहा वहीं प्रवर्तन निदेशालय के छापामार कार्यवाही सरकार द्वारा गाया जा रहा राग को ध्वस्त कर दिया
गया है ढ्ढ प्रेस वार्ता में लखनलाल देवांगन (प्रदेश उपाध्यक्ष) ने कहा के कभी सोचा भी नहीं था कि कांग्रेस के शासन में छत्तीसगढ़ के आदिवासियों का, किसानों का ,आम जनता का मेहनत का पैसा, भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाया जाएगा। एक तरफ सरकारी योजनाओं को देने के लिए सरकार के पास पैसे नहीं और दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ में सरकारी संरक्षण भ्रष्टाचार के अपनी सारी सीमाएं लांघ दी है। यह छत्तीसगढ़ के इतिहास के लिए एक काला अध्याय बनकर सामने आया है । बड़े दुर्भाग्य का विषय है के कांग्रेस के शासन में भ्रष्टाचार के लिए पूरा रैकेट बनाया गया है, जिसमें वरिष्ठ नौकरशाह, व्यापारी, राजनेता और बिचौलिए जुड़े है और छत्तीसगढ़ राज्य में परिवहन किए गए प्रत्येक टन कोयले से 25 रुपये प्रति टन की अवैध वसूली कर रहे हैं। प्रतिदिन 2 से 3 करोड रुपये जबरन वसूली किया जा रहा था। ईडी के प्रेस नोट का हवाला देते हुए कहा गया के ईडी ने करीब 4.5 करोड़ रुपये की बेहिसाबी नकदी, सोने के आभूषण, सराफा और करीब दो करोड़ रुपये मूल्य के अन्य कीमती सामान जब्त किए हैं।इस दौरान ये भी कहा गया के प्रदेश सरकार द्वारा भ्रष्टाचार करने के लिए बकायदा नियम बदले गए, कोयले को खदानों से उपयोगकर्ताओं तक मैनुअल जारी करने के लिए ई-परमिट की पूर्व ऑनलाइन प्रक्रिया को संशोधित किया गया था। अनापत्ति प्रमाण पत्र इस संबंध में कोई एसओपी या प्रक्रिया परिचालित नहीं की गई । भ्रष्टाचार किस प्रकार से, किस प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है इसकी भी विस्तार जानकारी ईडी ने अपने प्रेस नोट में दी है। दिनांक 15.7.2ं2 से बिना किसी एसओपी के 30,000 से अधिक एनओसी जारी किए गए । आवक और जावक रजिस्टरों का रखरखाव नहीं किया गया, साथ ही अधिकारियों की भूमिका पर कोई स्पष्टता नहीं है। ट्रांसपोर्टर का नाम, कंपनी का नाम आदि जैसे कई विवरण खाली छोड़ दिए गए जो अत्यंत महत्वपूर्ण था । तलाशी एवं जांच के दौरान लक्ष्मीकांत तिवारी के पास से 1.5 करोड़ रुपये नकद बरामद किया गया। उसने स्वीकार किया कि, वह रोजाना 1-2 करोड़ की जबरन वसूली करता था । जिन अधिकारियों की शिकायत को आधार बनाकर मुख्यमंत्री ईडी पर कार्रवाई की बात कर रहे हैं उनके घर 47 लाख रुपये की बेहिसाब नकदी और 4 किलो के सोने के आभूषण पाए गए। प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल ये बताएं के ये पैसा उनके पास कहाँ से आयढ्ढ और जिन अधिकारीयों के यहाँ से बेहिसाब पैसे और सोना मिलढ्ढ उन पर अब तक निलंबन की कार्यवाही क्यों नहीं हुई है साथ ही ईडी के प्रेस नोट में विस्तार से भ्रष्टाचार की प्रक्रिया, जब्त की गई बेहिसाब राशि आभूषण, नकदी की जानकारी आने के बाद भी माननीय मुख्यमंत्री कब देंगे इस्तीफा ?.


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