अम्बिकापुर,11 अक्टूबर 2022 (घटती-घटना)।. मेडिकल कॉलज अस्पताल अंबिकापुर में एक व्यक्ति की मौत के 5 घंटे बाद भी उसके परिजनों को शव वाहन नहीं मिला। मजबूरन मृतक के बेटे को ऑटो में लाद कर पिता का शव घर तक ले जाना पड़ा। यह तस्वीर जिले के स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलने के लिए काफी है। शव वाहन 1099 पर कॉल करने के बाद भी परिजन को समय पर मुक्तांजलि नहीं मिली।
शहर से लगे सरगवां निवासी 50 वर्षीय दुर्योधन सिंह की तबियत खराब होने पर परिजन उसे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर में तीन दिन पूर्व भर्ती कराया था। यहां इलाज के दौरान सोमवार की रात लगभग 11 बजे मौत हो गई। इसके बाद मृतक के पुत्र अनुराग ने पिता का शव घर तक ले जाने के लिए मुक्तांजलि 1099 पर कॉल किया। कॉल सेंटर से शव वाहन भेजने का आश्वासन तो दिया गया पर पांच घंटे बाद भी शव वाहन मेडिकल कॉलेज अस्पताल में नहीं पहुंचा। इधर परिजन शव को घर ले जाने के लिए काफी परेशान रहे। इस दौरान मृतक के परिजन ने कई बार मुक्तांजलि 1099 पर कॉल किया पर शव वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया। अंत में निराश होकर मृतक के पुत्र को मंगलवार की अलसुबह करीब 4 बजे ऑटो में लाद कर शव घर तक ले जाने को विवश होना पड़ा। वह स्वास्थ्य व्यवस्था को कोसता रहा।
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