रायपुर, 09 अक्टूबर 2022। धान खरीदी के पूर्व ये सरकार तरह तरह के दावे करती है परतु बाद मे किसानो को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। खरीदी की तारीख धीरे-धीरे पास आते जा रही है परतु भुपेश सरकार की जमीनी तैयारी कही दिखाई नही पड़ रही है। भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश प्रभारी एव प्रदेश प्रवक्ता ने उक्त आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार धान खरीदी के तैयारी बड़े बड़े डीगे मारती है पर खरीदी के समय सब पोल खुल जाती है जब कभी किसानो को बारदाना के लिए, तो कभी तौल मे गड़बड़ी कर परेशान किया जाता है। टोकन देने के तरीके रकबा कटौती से किसान लगातार परेशान रहे है। किसानो के पजीयन को “कैरी फारवर्ड” करने से कई गड़बड़ी होती है जिसमे सुधार नही होने से किसानो को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। भुपेश सरकार के मत्री अमरजीत भगत द्वारा 110 लाख टन धान खरीदी के बयान बाजी को आड़े हाथ लेते हुए किसान नेता सदीप शर्मा ने कहा कि धान की जितनी भी खरीदी हो रही है उसका समर्थन मूल्य मे पूरा भुगतान केद्र की मोदी सरकार करती है यहा तक कि बोरा, सुतली, तुलाई, स्टैकिग, लोडिग, शिफ्टिग सब का पैसा केद्र सरकार देती है, मत्री जी को यह भी पता होना चाहिए कि पिछला जो रिकार्ड 98 लाख टन धान की खरीदी हुई है उसका वही पूरा समर्थन मूल्य का भुगतान केद की सरकार ने किया है, इसलिए खाद्य मत्री इस पर बयानबाजी कर बहादुरी न दिखाए, बल्कि वे बताए कि पजीकृत रेगहा किसानो के पजीकृत खाता मे धान के बकाया राशि का भुगतान क्यो नही किया जा रहा है, और जिन किसानो के एक ही समिति अतर्गत दो अलग अलग पटवारी हल्का मे जमीन है और जिसका पजीयन है उन किसानो को अतर राशि का भुगतान क्यो नही किया जा रहा है।
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