कोरबा, 13 सितम्बर 2022 (घटती-घटना)। पुलिस की मजबूत विवेचना ही अपराधी के लिए सजा/दण्ड का आधार बनती है। घटित होने वाले अपराधों की विवेचना ऐसी होनी चाहिए कि अपराधी को बचने का मौका न मिले और उसे सजा हो। कई बार कानूनों में होने वाले संशोधन की जानकारी अनेक विवेचकों और पुलिस अधिकारियों को नहीं हो पाती जिससे विवेचना में त्रुटि अथवा कमी का लाभ अपराधी को प्राप्त हो जाता है। विवेचना .के दौरान ऐसी कई तरह की त्रुटियों को दूर करने के लिए पुलिस अधीक्षक की पहल पर अपराध अनुसंधान कार्यशाला का आयोजन किया गया। न्यायिक अधिकारियों ने इस मामले में महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की। जिला पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह के द्वारा जिले में पदभार ग्रहण करने के बाद से ही पुलिसिंग व्यवस्था को मजबूत करने हेतु नए-नए प्रयोग किए जा रहे हैं। इसी दिशा में पुलिस अधिकारियों द्वारा विवेचना में की वाली तकनीकी एवं कानूनी त्रुटियों को दूर करने हेतु न्यायिक अधिकारियों के साथ पुलिस अधिकारियों की कार्यशाला का आयोजन किया गया। एनटीपीसी दर्री के ईडीसी हॉस्टल में आयोजित कार्यशाला में पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह के साथ विशेष न्यायाधीश श्रीमती संघ पुष्पा भतपहरी, विशेष न्यायाधीश एफटीसी विक्रम प्रताप चंद्रा, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कृष्ण कुमार सूर्यवंशी मुख्य अतिथि एवं वक्ता थे। एसपी संतोष सिंह ने कहा कि समय के साथ अपराधियों ने अपराध करने का तरीका बदला है, उसी प्रकार कानूनों में भी संशोधन हो रहे हैं किंतु पुलिस अधिकारीगण कानून व्यवस्था सहित अन्य व्यस्तताओं के कारण इन संशोधनों से वाकिफ नहीं हो पाते और उनसे विवेचना में कई प्रकार की त्रुटियां हो जाती हैं जिसका लाभ अपराधियों को मिलता है। इन्हीं त्रुटियों को दूर करने के लिए समय-समय पर न्यायिक अधिकारियों के साथ कार्यशाला का आयोजन किया जाना चाहिए ताकि गुणवत्तापूर्ण विवेचना से दोषी को दण्ड सुनिश्चित हो सके। विशेष न्यायाधीश श्रीमती संघ पुष्पा भतपहरी ने नारकोटिक्स एक्ट के मामले में विवेचकों द्वारा की जाने वाली त्रुटियां एवं उनमें सुधार के बारे में जानकारी दी। विशेष न्यायाधीश एफटीसी के द्वारा महिलाओं एवं बच्चों पर घटित अपराध तथा पॉक्सो एक्ट के मामलों की विवेचना में होने वाले त्रुटियां एवं सुधार की जानकारी दी गई। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी द्वारा विवेचना एवं अनुसंधान में होने वाली सामान्य कमियों को दूर करने के बारे में बताया गया। एसपी संतोष सिंह ने कहा कि इस कार्यशाला से निश्चित तौर पर विवेचना अधिकारियों को लाभ मिलेगा जिसका परिणाम दोषियों को सजा के प्रतिशत में बढ़ोत्तरी के रूप में देखने को मिलेगा। कार्यशाला में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा, नगर पुलिस अधीक्षक योगेश साहू व सुश्री लितेश सिंह, एसडीओपी कटघोरा ईश्वर त्रिवेदी सहित सभी थाना-चौकियों के प्रभारी एवं विवेचना अधिकारी उपस्थित रहे।
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