अम्बिकापुर, 25 अगस्त 2022 (घटती-घटना)। सरगुजा में जीएसटी के साथ बीएसटी भी वसूला जा रहा है। अमित जोगी ने कहा जैसे जीएसटी को गब्बर सिंह टैक्स कहा जाता है, वैसे बीएसटी को भूपेश सरकार टैक्स नाम दिया गया है। उक्त बातें धौरपुर के दिवंगत कांग्रेसी नेता स्वर्गीय वीरभद्र सिंह के स्वजनों से मुलाकात व शोक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष अमित जोगी ने सरगुजा प्रेस क्लब अंबिकापुर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए की। उन्होंने कहा की छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा उन्होंने कहा बारिश विलंब से होने के कारण किसान फसल उत्पादन का पूरा लाभ नहीं ले पाए। 60 से 70 प्रतिशत किसान धान की रोपाई से वंचित रह गए। सूखे की स्थिति को देखते हुए सरकार को अनावरी रिपोर्ट तैयार करने युद्धस्तर पर तैयारी करनी चाहिए, जिससे किसानों को मुआवजा समय पर मिल सके और राहत कार्य चल सके। पूर्व विधायक अमित जोगी ने कहा सरगुजा संभाग के लोगों ने कांग्रेस को अभूतपूर्व जनादेश दिया है, जिससे प्रदेश में जबरदस्त बदलाव की उम्मीद थी। कई बातें कही गई थी लेकिन पौने चार साल हो गए 99 प्रतिशत काम नहीं किए गए। बदलाव की जगह बदले की भावना से सरकार काम करने लगी। सरगुजा संभाग खनिज माफियाओं का गढ़ बना हुआ है। सीमावर्ती इलाके से लगा क्षेत्र होने के कारण सरकार के सांठगांठ करके अपार खनिज संपदा रेत, कोयला, बाक्साइट, ग्रेनाइट प्रदेश से बाहर स्मगल किया जा रहा है। पूरे देश में एक कर प्रणाली जीएसटी लागू है लेकिन यहां जीएसटी के साथ बीएसटी भी लागू है। एक ट्रक कोयला, रेत का 16 से 17 हजार रुपये बीएसटी देना पड़ रहा है। जीएसटी में भले ही छूट मिल जाए लेकिन बीएसटी की वसूली पूर हो रही है। अभूतपूर्व भ्रष्टाचार तंत्र पहली बार देखने को मिल रहा है।
पूर्व विधायक अमित जोगी ने कहा कि सरगुजा संभाग में पिछले 22 वर्षों में बहुत परिवर्तन हुए हैं, लेकिन स्वास्थ्य और शिक्षा के मामले में बहुत पीछे हैं। उन्होंने कहा वे भारत सरकार से मांग करेंगे कि सरगुजा और बस्तर संभाग में रायपुर की तर्ज पर एम्स खोला जाए। उन्होंने कहा कि दिल्ली के बाद पहला एम्स रायपुर में खोला गया, इसके लिए उनके पिता ने अटल बिहारी वाजपेयी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री सुषमा स्वराज से आग्रह किया था। अमित जोगी ने कहा कि वे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से मिलकर मांग करेंगे कि बस्तर और सरगुजा में भी एम्स खोला जाए। साथ ही स्थानीय विधायक व प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री से मेडिकल के छात्रों की ओर से आग्रह करेंगे कि लखनपुर में एक दानदाता ने अपनी जमीन दान में देकर सामाजिक सरोकार का कार्य कर वहां शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज खोला था, उस कॉलेज को बंद कर अंबिकापुर में शिफ्ट कर दिया गया है, जबकि सरकार को अंबिकापुर में एक नया इंजीनियरिंग कॉलेज खोलना था। वह भवन खाली पड़ा है, उस भवन का वैकल्पिक उपयोग होना चाहिए।
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