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रायपुर@अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर भाजपा कार्यालय मे दी गई विनम्र श्रद्धाजलि

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रायपुर, 16 अगस्त 2022। पूर्व प्रधानमत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को उनकी पुण्यतिथि पर आज भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओ ने श्रद्धाजलि अर्पित की है। मगलवार दोपहर तक उनकी पुण्यतिथि पर बीजेपी कार्यकर्ताओ ने भी उन्हे श्रद्धाजलि दी। इस अवसर पर भाजपा के विधायक बृजमोहन अग्रवाल, सासद सुनील सोनी, श्रीचद सुदरानी, ललित जैसिघ मौजूद रहे है। अटल बिहारी वाजपेयी उत्तर प्रदेश मे आगरा जनपद के प्राचीन स्थान बटेश्वर के मूल निवासी पण्डित कृष्ण बिहारी वाजपेयी मध्य प्रदेश की ग्वालियर रियासत मे अध्यापक थे। वही शिन्दे की छावनी मे 25 दिसबर 1924 को ब्रह्ममुहूर्त मे उनकी सहधर्मिणी कृष्णा वाजपेयी से अटल जी का जन्म हुआ था।
पिता कृष्ण बिहारी वाजपेयी ग्वालियर मे अध्यापन कार्य तो करते ही थे इसके अतिरिक्त वे हिदी व ब्रज भाषा के सिद्धहस्त कवि भी थे। पुत्र मे काव्य के गुण वशानुगत परिपाटी से प्राप्त हुए। महात्मा रामचन्द्र वीर द्वारा रचित अमर कृति विजय पताका पढ़कर अटल जी के जीवन की दिशा ही बदल गयी। अटल जी की बी.ए. की शिक्षा ग्वालियर के विक्टोरिया कालेज (वर्तमान मे लक्ष्मीबाई कालेज) मे हुई। छात्र जीवन से वे राष्ट्रीय स्वयसेवक सघ के स्वयसेवक बने और तभी से राष्ट्रीय स्तर की वाद-विवाद प्रतियोगिताओ मे भाग लेते रहे। कानपुर के डीएवी कॉलेज से राजनीति शास्त्र मे एम.ए. की परीक्षा प्रथम श्रेणी मे उाीर्ण की।
उसके बाद उन्होने अपने पिताजी के साथ-साथ कानपुर मे ही एल.एल.बी. की पढ़ाई भी प्रारम्भ की लेकिन उसे बीच मे ही विराम देकर पूरी निष्ठा से सघ के कार्य मे जुट गये। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पडित दीनदयाल उपाध्याय के निर्देशन मे राजनीति का पाठ तो पढ़ा ही, साथ-साथ पाक्जन्य, राष्ट्रधर्म, दैनिक स्वदेश और वीर अर्जुन जैसे पत्र-पत्रिकाओ के सम्पादन का कार्य [9] भी कुशलता पूर्वक करते रहे।
सर्वतोमुखी विकास के लिये किये गये योगदान तथा असाधारण कार्यो के लिये 2015 मे उन्हे भारत रत्न से सम्मानित किया गया। वह भारतीय जनसघ की स्थापना करने वालो मे से एक थे। वह उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुके थे। सन् 1952 मे उन्होने पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ा, परन्तु सफलता नही मिली। लेकिन उन्होने हिम्मत नही हारी और सन् 1957 मे बलरामपुर (जिला गोण्डा, उार प्रदेश) से जनसघ के प्रत्याशी के रूप मे विजयी होकर लोकसभा मे पहुँचे।


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