अवैध निर्माण के नियमितीकरण की 25 फीसदी राशि निकायो को देने घोषणा
रायपुर, 04 अगस्त 2022। मुख्यमत्री बघेल ने 4 जुलाई को शहर के सुभाष स्टेडियम मे आयोजित मोर महापौर मोर द्वार कार्यक्रम मे शिरकत की। उन्होने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रो के साथ-साथ शहरी क्षेत्रो मे भी विकास की बराबर चिता की है। आम नागरिको तक सेवाओ को पहुचाने के लिए कई सफल योजनाए सचालित की है। मुख्यमत्री ने कहा कि अब लोगो को आय, जाति, निवास, शादी का रजिस्ट्रेशन जैसे कागजो के लिए दफतरो के चक्कर नही काटने पड़ते, इसके लिए हमने मितान योजना शुरू की है। अब इनके जैसे 13 सेवाए लोगो को घर बैठे मिल रही है। मुख्यमत्री रायपुर नगर निगम क्षेत्र मे आम जनो की समस्याओ को जानने और उनके मौके पर ही निराकरण के अभियान की भी खुलकर तारीफ की। कार्यक्रम मे उन्होने उत्कृष्ट कार्य करने वाले निगम के अधिकारियो और कर्मचारियो को सम्मानित भी किया। इसके साथ ही निगम क्षेत्र मे शासकीय योजनाओ से लाभान्वित होने वाले हितग्राहियो से भी बात की। कार्यक्रम मे महापौर एजाज ढेबर, रायपुर ग्रामीण विधानसभा के विधायक सत्यनारायण शर्मा, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मडल के अध्यक्ष कुलदीप जुनेजा, खादी ग्राम उद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राजेश तिवारी, छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष ज्ञानेन्द्र शर्मा, नगर निगम के सभापति प्रमोद दुबे सहित कलेक्टर सर्वेश्वर भुरे, नगर निगम आयुक्त मयक चतुर्वेदी और अन्य अधिकारी तथा बड़ी सख्या मे शहरवासी भी शामिल हुए।
मुख्यमत्री ने शहरवासियो को सम्बोधित करते हुए कहा कि कुछ साल पहले नगर निगम क्षेत्र मे पानी की सप्लाई टैकरो से होती थी। प्रदेश की राजधानी की इस दशा को हमारी सरकार ने सुधारा है और राजधानी को टैकर मुक्त बनाया है। उन्होने यह भी कहा कि पीने के पानी की बात हो या साफ-सफाई की या फिर शहरवासियो के रोजगार और सुख सुविधा की, सभी के लिए सरकार नगर निगम के साथ तेजी से प्रयास कर रही है। बीरगाव नगर निगम क्षेत्र मे अभी-अभी 104 करोड़ रूपए की लागत से नया जल शोधन सयत्र शुरू हुआ है। मुख्यमत्री ने रायपुर नगर निगम सहित पूरे प्रदेश के नगर निकायो को स्वच्छता के क्षेत्र मे भारत सरकार से मिले राष्ट्रीय पुरस्कारो पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पार्षदो, अधिकारियो की मेहनत, स्वच्छता दीदीयो के पसीने और जन सहयोग से छत्तीसगढ़ को लगभग 60 से अधिक पुरस्कारो से नवाजा गया। यह हर छत्तीसगढ़ व्यक्ति के लिए गर्व की बात है। उन्होने रायपुर नगर निगम को स्वच्छता सर्वेक्षण मे इस बार छठवे नम्बर से पहले नम्बर पर लाने के लिए प्रयास करने की अपील भी की। मुख्यमत्री ने राज्य सरकार की धन्वतरी योजना, गरीबो की इलाज के लिए 5 लाख रूपए तक की डॉ. खूबचद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना और गभीर बीमारियो के लिए 20 लाख रूपए तक की सहायता वाली मुख्यमत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के बारे मे भी बताया।
अवैध निर्माण के नियमितिकरण से मिली राशि का 25 प्रतिशत नगरीय निकायो का मिलेगा
मुख्यमत्री बघेल ने कार्यक्रम मे नगरीय क्षेत्रो मे 5 हजार वर्ग फीट तक के अवैध निर्माण के नियमितिकरण की योजना के बारे मे भी जानकारी दी। उन्होने महापौर एजाज ढेबर की माग पर इस प्रकार के नियमितिकरण से मिली राशि मे से 25 प्रतिशत राशि सबधित नगर निगम और नगरीय निकायो को उपलबध कराने की घोषणा की। इस 25 प्रतिशत राशि से नगरीय क्षेत्रो मे विकास को नये आयाम मिलेगे और जनसुविधाओ मे भी बढ़ोतरी होगी। इसके साथ ही मुख्यमत्री ने महापौर की माग पर ही रायपुर नगर निगम क्षेत्र मे नाली, सड़क निर्माण जैसे छोटे-छोटे कामो के लिए 10 करोड़ रूपए भी मौके पर ही मजूर किए।
स्वामी आत्मानद स्कूल खोलने मिले 10 हजार से अधिक आवेदन
कार्यक्रम मे महापौर एजाज ढेबर ने बताया कि मोर महापौर मोर द्वार कार्यक्रम के तहत आयोजित हुए शिविरो मे सबसे अधिक लगभग 10 हजार से अधिक आवेदन केवल स्वामी आत्मानद स्कूल खोलने के लिए मिले है। उन्होने कहा कि मुख्यमत्री बघेल की इस योजना की लोकप्रियता इतनी है कि हर व्यक्ति, जनप्रतिनिधि अपने वार्ड मे स्वामी आत्मानद स्कूल शुरू कराकर अपने बच्चो को उसमे पढ़ाना चाहता है। इस पर मुख्यमत्री अपने उद्बोधन मे कहा कि स्वामी आत्मानद स्कूल केवल स्कूल नही है, बल्कि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारो के बच्चो के सपनो को साकार देने का माध्यम है। उन्होने बताया कि इन स्कूलो से एक ओर जहा पालको की गाढ़ी कमाई का बड़ा हिस्सा फीस के रूप मे खर्च होने से बच रहा है, वही बेहतर और गुणवाापूर्ण शिक्षा से बच्चो का भविष्य भी गढ़ा जा रहा है। इन स्कूलो के खुल जाने से दूसरे निजी स्कूलो मे प्रतिस्पर्धा बढ़ी है और कुल मिलाकर शिक्षा के स्तर मे बड़ा सुधार हुआ है। उन्होने उपस्थित जनसमुदाय से शासन की योजनाओ का अधिक से अधिक लाभ लेने की भी अपील की।
35 दिन मे मिले 28 हजार से अधिक आवेदन साढ़े 23 हजार का हुआ निराकरण
मोर महापौर मोर द्वार कार्यक्रम के बारे मे बताते हुए महापौर एजाज ढेबर ने कहा कि 35 दिन शहर के हर दो वार्डो मे नगर निगम के अधिकारियो-कर्मचारियो जनप्रतिनिधियो ने शिविर लगाकर लोगो की समस्याओ को सुना। उन्होने बताया कि इस दौरान कुल 28 हजार 059 आवेदन मिले, जिनमे से 23 हजार 582 आवेदनो का मौके पर ही निराकरण कर दिया। महापौर ने बताया कि शेष आवेदनो का परीक्षण कर कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। इन शिविरो मे 6 हजार 567 आय प्रमाण पत्र, 3 हजार 164 आयुष्मान कार्ड, एक हजार 370 ई-श्रमिक कार्ड, एक हजार 082 आधार कार्ड, 896 निवास प्रमाण पत्र, 873 राशन कार्ड, 871 जाति प्रमाण पत्र बनाकर शिविर स्थल पर ही लोगो को दिए गए। महापौर ने बताया कि वार्डवार इन शिविरो मे स्व-सहायता समूह की महिलाओ को 5 करोड़ रूपए तक के ऋण स्व-रोजगार के लिए दिए गए और लोगो की माग पर मूलभूत सुविधाओ के लिए एक करोड़ रूपए से अधिक कामो के लिए स्वीकृति भी शिविरो मे दिए गए।
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