रायपुर, 28 जुलाई 2022। छत्तीसगढ़ के लोक पर्व हरेली का उत्साह और उमग अब अमेरीका मे भी रग जमाने लगा है। नॉर्थ अमेरिका
छत्तीसगढ़ एसोसिएशन ने गुरुवार को अमेरिका मे हरेली तिहार मनाया। नाचा के सदस्यो ने सात समुदर पार से अपनी गौरवशाली कृषि सस्कृति को याद किया और छत्तीसगढ़िया भाई-बहनो को हरेली तिहार की बधाई दी है। नाचा के सस्थापक और कार्यकारी अध्यक्ष श्री गणेश कर ने कहा कि सात समदर पार आज हम सभी हरेली उत्सव के रग मे रँगे हुए है, ताकि आने वाली पीढि़या भी प्रकृति के उत्सव के महत्व को समझ सके। गुड़ का चीला बनाकर पूजा अर्चना करके हमने भी प्रकृति को अभिवादन किया है। हमे छत्तीसगढ़ की समृद्ध कला=सस्कृति, तीज त्योहारो एव परपराओ पर गर्व है।
श्री कर ने कहा कि छत्तीसगढ़ का प्रथम लोक पर्व हरेली सभी के दिलो मे खुशिया और समृद्धि लेकर आता है। किसान जब अच्छी फसल की कामना करते हुए पूजा अर्चना करते है, हरियाली की देवी प्रसन्न होती है और समृद्धि की हरी चादर से खेतो को हरा भरा कर देती है। जब किसान खुशहाल और समृद्ध होता है, तो आम लोगो के जीवन मे भी खुशहाली और सपन्नता आती है। त्यौहार वास्तव मे हमे जीवन और प्रकृति के गहरे अर्थो को सरलता से समझाते है।
अमेरिका के न्यूयार्क से नाचा की सदस्य विभाश्री साहू ने हरेली तिहार की बधाई देते हुए कहा कि सावन के महीने मे खेतो और चारो ओर हरियाली छा जाती है, तब लोगो का उमग और भी बढ़ जाता है। इसी उमग और उत्साह को छत्तीसगढ़ मे “हरेली तिहार” (हरियाली उत्सव) के रूप मे मनाया जाता है। इस दिन मवेशियो के लिए विशेष पकवान बनाए जाते है। घर के सदस्यो के लिए भी कई तरह के पारपरिक पकवान बनते है। घरो मे गुड़ का चीला बनता है। गुड़ का चीला बड़ा ही स्वादिष्ट होता है। यह चावल आटे और गुड़ से बनाया जाता है।
छत्तीसगढ़ का गुड़ का चीला, राजस्थान का मालपुआ या अमेरिका का पैन केक इन सबका स्वाद बिल्कुल एक जैसा ही होता है। उन्होने कहा कि हरेली मे जहा बड़े बुजुर्ग पूजन कर हरियाली का स्वागत कर उत्साहित होते है, वही बच्चे भी कई तरह के खेल से इस उत्सव मे शामिल होते है। इस दिन विशेष रूप से बास से गेड़ी का निर्माण किया जाता है, जिसमे चढ़कर बच्चे चलते है। बड़ा ही रोचक होता है कि जिस दिन गेड़ी बनाया जाता है, बच्चे उसी दिन बिना किसी विशेष प्रशिक्षण के इसका उपयोग करना सीख जाते है। गेड़ी मे सतुलन बनाना “होवर बोर्ड” (स्वय सतुलन इलेक्ट्रॉनिक स्कूटर) जैसा ही होता है।
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