सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश ?
रायपुर, 15 जुलाई 2022। छाीसगढ़ मे रेप के दोषी से जुड़े एक मामले मे सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने छाीसगढ़ सरकार को रेप के दोषी को जेल मे रखने के मामले मे 7.50 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है. साथ ही इस लापरवाही के लिए दोषी अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश भी दिया है.
दरअसल, हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी छाीसगढ़ मे रेप के दोषी को सात साल की जगह 10 साल से ज्यादा जेल मे बिताने पड़े. सुप्रीम कोर्ट ने इसे सविधान के मौलिक अधिकारो का उल्लघन माना है. राज्य सरकार को उन्हे 7.50 लाख रुपये की मुआवजा राशि देने का आदेश दिया है.
इस मामले मे अबिकापुर सेट्रल जेल के पूर्व जेल अधीक्षक राजेद्र गायकवाड ने इस मामले पर जानकारी दी. उन्होने बताया कि दोषी की सजा कम करने का जो दस्तावेज अबिकापुर सेट्रल जेल ना जाकर जशपुर चला गया, जिस कारण अबिकापुर के जेल अधीक्षक और कर्मियो को इसकी सूचना ही प्राप्त नही हो पाई, जिस कारण सबधित कैदी भोला कुमार को अतिरिक्त सजा काटनी पड़ी.
पूर्व जेल अधीक्षक का कहना है कि इसमे अगर उन्हे दस्तावेज सजा कम करने के मिल गए होते पूर्व मे बदी को सजा नही काटनी पड़ती. साथ ही पूर्व जेल अधीक्षक राजेद्र गायकवाड ने यह भी बताया कि बदी को सरकार की ओर से मुआवजा भी दिया जाएगा, जबकि अभी के तत्कालीन जेल अधीक्षक आरआर मतलाभ को महज कुछ दिन ही जेल अधीक्षक का प्रभार सभाले दिन हुए है. इस विषय मे ज्यादा जानकारी प्राप्त नही हुई है.
पूर्व जेल अधीक्षक राजेद्र गायकवाड ने बताया कि यह 3 महीने पहले की घटना है. बदी को 12 साल की सजा हुई थी. इसके बाद बदी ने इसकी अपील हाईकोर्ट मे कि हाईकोर्ट से उसे उसकी सजा को 7 साल कर दिया गया था, जो पहले 12 साल था और हाईकोर्ट से वह दस्तावेज जशपुर न्यायालय चला गया, जिसमे बदी की सजा माफी की जानकारी थी.
इस पर जशपुर न्यायालय से टाइम से जानकारी अबिकापुर जेल को नही मिल पाई. जब अबिकापुर जेल अधीक्षक को इस बात की जानकारी मिली कि उक्त बदी की सजा कम हो चुकी है, तब उनके द्वारा सबधित को लेटर लिखा गया और बदी को रिहा कर दिया गया.
मामला जशपुर जिले का है. जशपुर जिले के फरसाबहार थाना क्षेत्र के ग्राम तमामुडा निवासी भोला कुमार दुष्कर्म के मामले मे जेल मे बद था. ट्रॉयल मे उसे निचली अदालत ने दोषी करार दिया और साल 2014 मे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. इस फैसले के खिलाफ उसने हाई कोर्ट मे क्रिमिनल अपील प्रस्तुत किया था.
हाई कोर्ट ने 19 जुलाई 2018 को उसे दुष्कर्म के लिए दोषी ठहराया था. इसके साथ ही उसकी आजीवन कारावास यानि 12 साल की सजा को कम कर 7 साल कर दिया था, लेकिन, हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी उसे 10 साल से अधिक समय जेल मे बिताना पड़ा।
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