- यह बात अलग है की विदाई के दौरान स्टेनो के चेहरे पर खुशी नहीं दिखी।
- पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल सिंह ठाकुर कभी नहीं भूलेंगे स्टेनो का नाम।
स्टेनो सदा शुक्रगुजार रहेंगे पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर के दरियादिली के जिनके वजह से आज वह बचे हुए हैं।
-रवि सिंह-
बैकुण्ठपुर 08 जुलाई 2022(घटती-घटना)। पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल सिंह ठाकुर कभी भी कोरिया जिले व अपने कार्यालय के स्टेनो को नहीं भूलेंगे वही स्टेनो जिनकी वजह से पुलिस अधीक्षक कोरिया बनते ही उन्हें एक बड़ी किरकिरी से गुजरना पड़ा था, वह तो पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल सिंह ठाकुर थे जिनका लंबा अनुभव व दरियादिली थी कि स्टेनो बच निकले, यदि और कोई पुलिस अधीक्षक होता तो स्टेनो पर कार्यवाही तय थी, पुलिस भले ही कुछ वायरल चैट को फर्जी मान कर बैठी है यह हो सकता है कि चैट फर्जी हो पर इस चैट ने पुलिस विभाग की किरकिरी खूब कराई, उस चैट मामले के बाद स्टेनो को भी कार्यालय से दूर कर दिया गया था ट्रेनिंग के नाम पर ताकि मामले को शांत होने तक उन्हें इस मामले से दूर किया जा सके उन्हें बचाया जा सके, पुलिस अपने कर्मचारी को बचाने के लिए तमाम प्रयास की पर आज भी उस चैट के वास्तविकता से पर्दा नहीं हटा है आज भी लोगों को उस चैट की जांच व वास्तविकता जानने का इंतजार है।
कोरिया पुलिस अधीक्षक के स्टेनो को प्रमोशन तो चाहिए पर स्थानांतरण नहीं
कोरिया जिले में पदस्थ पुलिस अधीक्षक के स्टेनो को प्रमोशन तो चाहिए लेकिन उन्हें तबादला नहीं चाहिए,वर्षों से वह जिले में ही पदस्थ हैं और यह सभी कुछ उनकी विभागीय एवम राजनीतिक पकड़ के कारण हो पा रहा है। गृह जिले में कार्य करने की वजह से वह अपने ऊपर होने वाली कार्यवाहियों पर राजनीतिक दबाव डलवा पाने में सफल हो जाते हैं और तबादले से भी बच जाते हैं।
पुलिस अधीक्षक के स्टेनो से विभाग के कई कर्मचारी परेशान
पुलिस विभाग के स्टेनो से जिले के कई पुलिसकर्मी परेशान हैं बताया जाता है कि वह सभी को व्यक्तिगत रूप से जानने की वजह से और खासकर जिले के अंदर सिपाहियों को जानने की वजह से उनके भीतर भेदभाव रखते हैं और वह कार्यालय में बैठकर यह तय करवा लेते हैं कि कौन कहां रहेगा।
वायरल चैट मामले में भी स्टेनो का आया था नाम
पुलिस अधीक्षक कोरिया के स्टेनो का एक वाट्सएप समूह में वायरल चैट को लेकर भी नाम सामने आया था और जिसमें उनपर एक तरह से आरोप लगा था, लेकिन अपनी विभाग में पकड़ और गृह जिले में पदस्थापना साथ ही गृह जिले के राजनीतिक लोगों से पकड़ की वजह से वह पूरे मामले से खुद को बचा ले गए हैं और फिलहाल मामले में दूसरों पर आरोप लगाकर खुद को पाकसाफ साबित करने में भी सफल हो चुके हैं। पूरे मामले में स्टेनो सहित एक थाना प्रभारी का नाम सामने आया था और दोनों को ही छोड़कर अन्य को फंसाने इन्होंने पूरी व्यूह रचना तैयार की थी और उस व्यूह रचना में भी वह असफल हो गए थे।
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