मेरा छाीसगढ़ से है गहरा नाता,ईडी की कार्रवाई पर कही बड़ी बात
रायपुर, 01 जुलाई 2022। राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार यशवत सिन्हा रायपुर पहुचे है. उन्होने प्रेसवार्ता मे कहा कि मै यहा समर्थन जुटाने आया हू. मैने अभियान की शुरुआत केरल से की है. केरल मे सभी का समर्थन मिला है. चेन्नई मे भी गया, वहा से पूर्ण समर्थन है. आज मै छाीसगढ़ मे हू. छाीसगढ़ से मेरा बहुत गहरा नाता रहा है. छाीसगढ़ मे 60 साल पहले मै बारात लेकर आया था. भिलाई मे मेरी शादी हुई थी. प्रेसवार्ता मे मुख्यमत्री भूपेश बघेल, पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम भी मौजूद रहे. प्रेसवार्ता मे यशवत सिन्हा ने कहा कि मुझे यह याद नही आता कि कभी ये ख्याल भी आया कि राजनीतिक प्रतिद्वन्दी के खिलाफ ईडी का इस्तेमाल किया जाए. ये मेरी समझ के परे बात है कि कोई व्यक्ति इतना नीचे गिरेगा. सरकारी एजेसियो के दुरुपयोग का नगा नाच किया जा रहा है.
राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सिन्हा ने कहा कि राष्ट्रपति का पद बहुत गरिमा का होता है. अच्छा होता कि सब एक राय होकर किसी को एक चुन लिए होते. यह जिम्मेदारी साा पक्ष की होती है, लेकिन साा पक्ष की ओर से पहल नही की गई. विपक्ष की ओर से मुझसे पूछा गया कि क्या आप राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ेगे. मैने हा कह दी. इसके बाद साा पक्ष की ओर से भी उम्मदीवार का ऐलान कर दिया गया और इस तरह चुनावी बिसात बिछ गई.
छग से मेरी उम्मीद होगी पूरी
उन्होने कहा देश मे जो वातावरण है वह अच्छा नही है. साम्प्रदायिक तनाव की स्थिति बना दी गई है. आज हमे खामोश राष्ट्रपति नही चाहिए. वहा पर एक ऐसा राष्ट्रपति जाए, जो अपने सवैधानिक दायित्वो का निर्वहन करेगा. इस चुनाव मे मै इसलिए खड़ा हू, क्योकि मुझे लगता है कि मै इस दायित्वो का निर्वहन कर सकता हू. छाीसगढ़ से मै बहुत उम्मीदे लेकर आया हू, मुझे विश्वास है कि मेरी उम्मीद पूरी होगी.
अपने विवेक का इस्तेमाल
करे बीजेपी के साथी
सिन्हा ने कहा कि बीजेपी के पुराने साथियो से भी मै कहना चाहता हू कि वो भी अपने विवेक का इस्तेमाल करे और लकीर के फकीर ना बने. मै आश्वस्त करता हू कि कोशिश मे कोई कमी नही आएगी. जो दल विपक्षी दलो की बैठक मे थे और सर्व सम्मति से नाम तय किया उन दलो को इधर से उधर नही होना चाहिए. तीन दल यदि समर्थन देकर लौट गए तो सवाल उनसे पूछा जाना चाहिए.
दूसरे की थाली छिनना उचित नही
सिन्हा ने कहा जुए के खेल मे आदमी अपना पाा देख रहा होता है और दूसरे दाव लगाता है. ये सिर्फ सख्या बल की लड़ाई नही है. ये लड़ाई विचार धारा की है. केद्र मे बैठी सरकार हर जगह टकराव की राजनीति कर रही है. साा की भूख बहुत घातक है. महाराष्ट्र का उदाहरण सामने है. अपनी थाली भरी हुई है, लेकिन दूसरे की थाली भी छीन ली जाए, ये उचित नही है.
अग्निपथ पर पुनः विचार
करे सरकार
उन्होने कहा कि धारा 124 को खत्म करना चाहिए. अग्रेजो के जमाने का यह कानून है. मेरी प्राथमिकता सविधान का पालन रहेगी. अग्निपथ योजना उचित नही है. अग्निपथ नेशनल सिक्युरिटी नही है. ये सेना भी नही है. पार्लियामेट की समिति है. ये प्रस्ताव भेजा जा सकता था. अग्निपथ को लेकर युवा पीढ़ी सड़को पर उतरी. मै सरकार से आग्रह करता हू कि इस पर पुनः विचार किया जाए.
बीजेपी अब वह पार्टी नही रही, जिसका मै सदस्य था
यशवत सिन्हा ने कहा कि बीजेपी वह पार्टी नही रही, जिसका मै सदस्य था. बाजपेयी और आडवाणी की बीजेपी नही है. बीजेपी मे दल के भीतर सहमति बनाई जाती थी और बाद मे दल के बाहर सहमति बनाई जाती थी. विपक्षी दलो से राय से राय शुमारी होती थी. आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी के समर्थन पर उन्होने कहा कि आडवाणी को मैने फोन किया था. उनकी बेटी ने बताया कि बीमारी की डर की वजह से किसी से नही मिल रहे. मुरली मनोहर जोशी से मेरी बात नही हुई, लेकिन करुगा.।
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