अम्बिकापुर 25 मार्च 2022 (घटती-घटना)। कुछ दिन पूर्व फर्जी तरीके से आदिवासी की जमीन रजिस्ट्री कराने के मामले में गांधीनगर पुलिस ने 9 आरोपियों को विरोध कार्रवाई कर जेल दाखिल कर दिया था। वही जमीन मालिक की संदिग्ध मौत भी हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का भी अपराध दर्ज किया गया है।
जनकारी के अनुसार शहर से लगे डिगमा निवासी 50 वर्षीय माखन की डिगमा और पहाडगांव दोनों जगह जमीन है। माखन पहाडगांव में निवास कर रहा था जबकि डिगमा में उसके दोनों बेटे रहते हैं माखन के बड़े पुत्र ने कुछ समय पुत्र पिता की भूमि के बंटवारे के लिए न्यायालय में आवेदन दिया था जो इस आधार पर खारिज हो गया कि माखन के नाम की 35 डिसमिल जमीन बीते सात जनवरी को ही बिक्री व रजिस्ट्री भी हो चुकी है। जमीन की बिक्री की जानकारी बेटों को भी नहीं थी जिसपर उन्हें मामले को लेकर कुछ संदेह हुआ। 9 फरवरी को मामले की शिकायत माखन ने ही गांधीनगर थाने में की इससे पहले की पुलिस मामले में जांच शुरू कर पाती अगले दिन दस फरवरी को माखन की मौत हो गई। पिता की मौत के बाद उसके पुत्र उदयलाल ने जमीन दलालों पर संदेह जताया और जमीन दलालों द्वारा ही साथ शराब सेवन करने के दौरान शराब में कीटनाशक मिलाने की आशंका जताई।
इस मामले में कलेक्टर ने घटना का संज्ञान लेते हुए तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया गया था जांच टीम द्वारा मृतक के परिजनों व रजिस्ट्री कराने वालों से पूछताछ की गई जिसके बाद इस मामले में रिपोर्ट बनाई गई। इसी रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मुकेश मुण्डा, सुभाजित मंडल, प्रकाश साहू, अनिल चटर्जी, रीता मंडल, राहुल विश्वकर्मा, दिनेश मंडल, विशाल मजूमदार, ललिता घरामी के विरूद्ध 467, 468 व 471 के तहत अपराध दर्ज करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
वहीं परिजनों द्वारा मामले में माखन की हत्या करने का जो आरोप लगाया गया था उसकी भी पुलिस द्वारा जांच की जा रही थी पुलिस ने इस मामले में जांच के दौरान मुकेश मुण्डा, सुभाजित मंडल, प्रकाश साहू, अनिल चटर्जी, रीता मंडल, राहुल विश्वकर्मा, दिनेश मंडल, विशाल मजूमदार, ललिता घरामी द्वारा माखन को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करना पाया। जिसके बाद पुलिस ने कल रात आरोपियों के विरूद्ध धारा 306 के तहत एक और अपराध दर्ज कर लिया है। विदित हो कि पूर्व के मामले में ही आरोपी अभी तक जेल में ही हैं।
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