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अम्बिकापुर@होली का अर्थ ही हैं परमात्मा के रंग में रंगना

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अम्बिकापुर,21 मार्च 2022(घटती-घटना)। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय नव विश्व भवन चोपड़ापारा अम्बिकापुर में होली स्नेह मिलन का कार्यक्रम बहुत धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम में नन्हे- मुन्हें बच्चों से लेकर बूढ़े- जवान सभी लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। ब्रह्माकुमारी प्रतिमा बहन, ब्रह्माकुमारी शुभ बहन और चंचल बहन ने गीत गाकर पूरे सभा को झूमा दिया। अन्नू बहन, ब्रह्माकुमारी पार्वती बहन, ब्रह्माकुमारी संजू बहन और सतीश भाई इत्यादि लोगों ने प्रेरणादायी कविता और चुटकुल्ला सुनाकर सभी का खूब मनोरंजन किया। सरगुजा संभाग की सेवाकेन्द्र संचालिका ब्रह्माकुमारी विद्या दीदी होली का आध्यात्मिक रहस्य बताते हुये कहा कि होली का अर्थ ही हैं परमात्मा के रंग में रंगना, परमात्मा के संग के रंग में रहना क्योंकि परमात्मा प्यार का सागर हैं, प्रेम का सागर हैं और जब हम उनके रंग में हम रंगते हैं तो सच्ची आनन्द की अनुभूति होती हैं परन्तु वर्तमान समय होली के त्यौहार को रंग, गुलाल, गोबर, एवं किचड़े आदि डालकर बहुत गन्दा कर दिया। और आगे उन्होंने होली का तीन अर्थ बताते हुये कहा कि होली अर्थात् पवित्रता। मन, वचन, कर्म से सम्पूर्ण पवित्रता को जीवन अपनाना। 2 होली अर्थात् हम भगवान के हो लिये। जब हम परमात्मा पिता का बन जाते हैं तो हमारा जीवन सुखमय, शांतिमय बन जाता हैं। और तीसरे होली का अर्थ हो ली अर्थात् बीती बातो को भूल जाना। ईर्ष्या, द्वेष, नफरत को भूलकर आपसी प्रेम, सौहार्द्ध से जीवन का आनन्द ले।
विवेकानन्द स्कूल के प्राचार्य स्वामी तन्मयानन्द जी ने होली की शुभकामनायें देते हुये कहा कि होली सादगी का पर्व हैं । इस पर्व पर राधे- कृष्ण की रास भी सादगी का ही प्रतीक हैं परन्तु इस सादगी पूर्ण संस्कृति को भूलते जा रहे है जिसके कारण ही दु:ख, अशांति बढती जा रही हैं। और आगे उन्होंने ब्रह्माकुमारी संस्था की महिमा करते हुये कहते हैं कि यह संस्था वापिस उसी संस्कृति को लाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं। तथा मैली चादर ओढकर आया तेरे द्वारा सुन्दर भजन प्रस्तुत किया। राजमोहिनी कृषि महाविद्यालय के पूर्व अधीष्ठाता भ्राता वी.के. सिंह जी ने भी होली की शुभकामनायें दी। कार्यक्रम में सम्प्रेक्षण गृह की पूर्व अधीक्षिका बहन वन्दना दत्ता जी, समाज सेविका शिल्पा बहन, बहन मीना वर्मा एवं शहर के गणमान्य लोग उपस्थित थे। ब्रह्माकुमारीज़ संस्था से जुड़े काफी संख्या में भाई- बहनें उपस्थित थे। कार्यक्रम के अन्त में सभी लोगों ने स्वल्पाहार स्वीकार किया। कार्यक्रम का सफल संचालन ब्रह्माकुमारी पार्वती बहन, ब्रह्माकुमारी ममता बहन ने किया


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