
अम्बिकापुर 31 जनवरी 2022 (घटती-घटना)। अंबिकापुर नगर निगम का जहां एक और स्व‘छता सर्वेक्षण में नंबर वन होने का डंका बज रहा है, वहीं स्व‘छता से जुड़े कार्यों में कमीशन खोरी भी काफी चरम पर है। ये पूरा मामला गीले कचरे से खाद बनाने वाली ऑर्गेनिक वेस्ट कंपोस्ट मशीन से जुड़ा है। अंबिकापुर नगर निगम ने इस मशीन को &5 लाख रुपए में खरीदा था। मशीन उ‘च क्वालिटी का ना होने के कारण और काफी छोटी होने के कारण इसका उपयोग मात्र 1 वर्ष ही हुआ। इसके बाद से ३5 लाख की मशीन डंपिंग यार्ड कचरे के ढेर में पड़ी हुई है। इस मामले को लेकर अंबिकापुर नगर निगम के विपक्ष के नेता कई बार उक्त मशीन खरीदी में कमीशन खोरी का आरोप भी लगा चुके हैं।गौरतलब है कि स्व‘छता सर्वेक्षण में सबसे अधिक अंक कचरे के निष्पादन पर मिलता है। इस उद्देश्य से अंबिकापुर नगर निगम वर्ष 2017 में निविदा जारी कर ३5 लाख रुपए की लागत से ऑर्गेनिक वेस्ट कंपोस्ट मशीन की खरीदी की गई थी। इस मशीन को जबलपुर के सप्लायर से खरीदा गया था। निविदा की शर्तों के अनुसार मशीन की कैपेसिटी ३0 हजार किलो ग्राम गीला कचरा डालने पर 15 दिन में 2000 किलो खाद बन कर तैयार किया जाना था। भाजपा पार्षद मधुसूदन शुक्ला ने आरोप लगाया है कि नगर निगम ने कमीशन के चक्कर ३5 लाख रुपए में ऑर्गेनिक वेस्ट कंपोस्ट मशीन की जगह दूसरी मशीन खरीदी है, जिसकी क्षमता काफी कम है। इस मशीन से केवल कचरा पीसने का ही काम किया जाता है। जबकि ऑर्गेनिक वेस्ट मशीन से 15 दिन में कचरे से खाद बन कर तैयार हो जाता है। इस मशीन से मात्र 1 वर्ष ही गीले कचरे से खाद बनाने का काम किया गया। इसके बाद से ३5 लाख की मशीन डंपिंग यार्ड में कचरे के बीच कबाड़ पड़ी हुई है।
संधारण व संचालन में भी गड़बड़ी
भाजपा नेता व पार्षद मधुसूदन शुक्ला ने आरोप लगाया है कि ऑर्गेनिक वेस्ट कंपोस्ट मशीन के नाम पर पहले नगर निगम ने ३5 लाख में खरीदी की। इसमें कमीशन कम आने के बाद उक्त मशीन के संधारण व संचालन के नाम पर भी 15 लाख रुपए की कमाई की गई। मशीन के संचालन व संधारण पर 15 लाख रुपए का खर्च बताया गया है।
काफी छोटी है मशीन
ऑर्गेनिक वेस्ट कंपोस्ट मशीन काफी बड़ी साइज की होती है, इसके संचालन के लिए एक बड़े कमरे की आवश्यकता पड़ती है। लेकिन नगर निगम ने ऑर्गेनिस्ट कंपोस्ट मशीन के नाम पर ३5 लाख रुपए में केवल कचरे की पिसाई करने वाली मशीन खरीदी की थी। इस मशीन से कचरे से पिसाई करने के बाद खुले में डंप करने के बाद खाद तैयार किया जाता है। जबकि ऑर्गेनिक वेस्ट कंपोस्ट मशीन से ऑटोमेटिक गीले कचरे से खाद तैयार होकर निकलता है।
ऑर्गेनिक वेस्ट कंपोस्ट मशीन भिट्टी डंपिंग यार्ड में रखा गया है। खराब नहीं हुआ है। उसके लिए शेड की आवश्यकता है। कोरोना काल में शेड निर्माण नहीं हो सका है। शुरूआत में मशीन ३5 लाख की थी। मांग बढऩे के कारण इसका दाम कम हो गया है।
डॉ. अजय तिर्की, महापौर नगर निगम
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