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बैकुण्ठपुर@मंदिर पहुंचे श्रद्धालु पर पुजारी व बेटे ने लोहे के रॉड से किया हमला

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पुजारी व उसके बेटे पर पुलिस ने मामला किया पंजीबद्ध

बैकुण्ठपुर 22 जनवरी 2022 (घटती-घटना)। ग्राम पटना स्थित दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर पहुंचे श्रद्धालु पर मंदिर के पुजारी व उसके बेटे ने रॉड से हमला कर दिया और श्रद्धालु को गंभीर चोंटे आईं जिसकी वजह से श्रद्धालु अखिलेश गुप्ता निवासी ग्राम पटना का एक पैर भी टूट गया और उसको कई टांके लगवाने की भी नौबत से गुजरना पड़ा ऐसी शिकायत ग्राम पटना निवासी अखिलेश गुप्ता की तरफ से उनके पिता मोतीलाल गुप्ता ने पुलिस थाना पटना में दर्ज कराई है।
श्रद्धालु अखिलेश गुप्ता की तरफ से उनके पिता द्वारा पुलिस थाना पटना में जो प्राथमिकी दर्ज कराई गई है उसमें मंदिर के पुजारी व उसके बेटे पर अखिलेश गुप्ता के साथ मारपीट करने सहित रॉड से हमला करने का आरोप लगाया गया है और पुलिस ने सूचना के आधार पर धारा 294, 506, 323, 34 आईपीसी के तहत मामला पंजीबद्ध कर लिया है वहीं अब मारपीट में घायल श्रद्धालु अखिलेश गुप्ता ने पुलिस अधीक्षक कोरिया से गुहार लगाई है कि उसके साथ हुई मारपीट की घटना की जो प्राथमिकी पटना पुलिस ने दर्ज की है वह गंभीर प्रवृत्ति के अपराध के रूप में दर्ज प्राथमिकी है जबकि उसके साथ हुई मारपीट की घटना अति गंभीर घटना है और उसमें अति गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किए जाने की जरूरत है जो आरोपियों द्वारा सांठगांठ कर लिए जाने के कारण दर्ज नहीं किया जा रहा है। मारपीट में घायल श्रद्धालु का कहना है कि इस मारपीट में उसका पैर टूट गया है और उसको कई टांके भी पैर में लगे हैं और ऐसे में इस घटना लेकर पुलिस को अति गंभीर धाराएं लगाकर आरोपियों पर कार्यवाही करने की जरूरत है जिससे उसे न्याय मिल सके। पूरी घटना के संदर्भ में श्रद्धालु अखिलेश गुप्ता ने यह भी बताया है कि उसके साथ जो मारपीट हुई वह मंदिर में हुई और उसके प्रत्यक्षदर्शी भी हैं जिन्होंने घटना को होते देखा, पुलिस को जांच कर और धाराएं जोड़ने की जरूरत है यह अखिलेश गुप्ता ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है।

गंभीर धारा लगाने से आखिर पुलिस क्यों बच रही

पुजारी व उनके बेटे ने श्रद्धालु अखिलेश गुप्ता पर मंदिर प्रांगण में किया प्राणघाती हमला, जिसमें अखिलेश गुप्ता को काफी गंभीर चोटें आई है पर पुलिस को जिस गंभीर धारा के तहत अपराध पंजीबद्ध करना चाहिए था वह धारा लगाने से पुलिस बच रही है यह आरोप पीडç¸त अखिलेश गुप्ता का है पर सवाल यह है कि जब मेडिकल रिपोर्ट तक पुलिस को मिली है जिसमें डॉक्टर ने भी लिखा है गंभीर चोट फिर धारा गंभीर लगाने से क्यों बच रहे, किस के प्रभाव में गंभीर धारे लगाने से पुलिस बज रही है।


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