ओलावृष्टि की संभावना,सेहत के लिए खतरनाक है ये ठंड में बारिश,चल रही हवा से बढ़ी ठंड

अम्बिकापुर 9 जनवरी 2022 (घटती-घटना)। उत्तरी छत्तीसगढ़ में एक बार फिर ओलावृष्टि होने की संभावना बनी हुई है। जिसका असर सरगुजा संभाग में देखने को मिल सकता है। रविवार की सुबह से ही सरगुजा जिले में घने बादल छाए हुए हैं और शुष्क हवा चल रही है। शाम को बूंदा बांदी भी हुई। इस कारण ठंडा एहसास ज्यादा हुआ। मौसम विभाग ने संभावना जताई है कि आने वाले 2 से 3 दिनों में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हो सकती है। दरअसल मौसम विभाग के वैज्ञानिकों का कहना है कि लगातार दो ताकतवर पश्चिमी विक्षोभ भारत में सक्रिय है। एक 3 जनवरी को सक्रिय हुआ था दूसरा 6 जनवरी से सक्रिय है। जिस वजह से लगातार मौसम में बदलाव हो रहा है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की वजह से राजस्थान से अरब सागर तक विस्तृत हो रहा है। जिस वजह से अरब सागर की ओर से लगातार नम युक्त हवाये आ रही हैं। इधर दक्षिण बंगाल सागर की ओर से भी नमयुक्त हवाएं आ रही है। वहीं दोनों ओर से आ रही हवाएं मध्य भारत में टकरा रही है। जिस वजह से संभावना बनी हुई है कि मध्य भारत सहित उत्तरी छत्तीसगढ़ में दो-तीन दिनों तक मौसम खराब रहेगा। वहीं मौसम विभाग ने संभावना जताई है कि आने वाले 2 से 3 दिनों में भारी बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हो सकती है। वहीं 2 से 3 दिनों बाद पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पडऩे के साथ एक बार फिर कड़ाके की ठंड पड़ेगी वहीं बादल छटते ही शीतलहर पडऩे की भी संभावना जताई जा रही है।
सेहत के लिए खतरनाक है ये ठंड में बारिश
एक्सपर्ट का मानना है कि इस ठंड में होने वाली बारिश में लापरवाही करने की जरूरत नहीं है। ये बारिश व ठंड नुकसान भी पहुंचा सकती है। ठंडी हवाओं के साथ साथ मौसम में गलन महसूस की जा रही है जो कि स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। डॉक्टर का कहना है कि इस मौसम में शरीर को गर्म रखने की जरूरत है जिसके लिए पर्याप्त मात्रा में गर्म कपड़े पहनने चाहिए वहीं खान-पान का भी खास ध्यान रखना चाहिए।
चल रही हवा से बढ़ी ठंड
मौसम ने करवट ली है। दिनभर छाए बादलों औरबी हवा ठंड बढ़ गई है। निचले इलाकों में ठंड के असर से बचने के लिए लोग सुबह से ही अलाव का सहारा लेते दिखे। ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी भी हुई है। रविवार को मौसम विज्ञान के पूर्वानुमान में जिले में बारिश और बर्फबारी की आशंका जताई है।
धान को बारिश से बचने प्रशासन अलर्ट
बारिश की संभावना को देखते हुए उपार्जन केंद्रों में समर्थन मूल्य में खरीदे गए धान को भीगने से बचाने के लिए सभी केंद्रों में पर्याप्त मात्रा में तिरपाल और कैप कव्हर की समुचित व्यवस्था प्रशासन द्वारा की गई है। सभी उपार्जन केंद्रों में धान को अच्छी तरह तिरपाल से ढका गया है एवं ड्रेनेज भी बनाये गए है । इन व्यवस्थाओं के चलते समर्थन मूल्य में खरीदे गए धान उपार्जन केन्द्रों में सुरक्षित रहेंगे। कलेक्टर संजीव कुमार झा द्वारा मौसम के पूर्वानुमान के आधार पर जिले में बारिश होने पर उपार्जन केंद्रों के धान को भीगने से बचाने के लिए अधिकारियों को पहले से ही अलर्ट रहने तथा धान को उपयुक्त रीति से ढक कर रखने के निर्देश दिए गए । हर उपार्जन केंद्र का निरीक्षण कर सतत मॉनिटरिंग के भी निर्देश प्रशासनिक अधिकारियों को दिए गए ।समर्थन मूल्य में खरीदे जा रहे धान को बारिश से बचाने जिला प्रशासन युद्ध स्तर पर जुटा हुआ है। अनुभाग एवं समितिवार निगरानी दल लगातार उपार्जन केंद्रों में व्यवस्थाओं पर डटे है। धान खरीदी एवं धान के सुरक्षित रख-रखाव की निगरानी समितियों में नियमित भ्रमण तथा प्रतिदिन वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सुनिश्चित की जा रही है।
खाद्य अधिकारी रविन्द्र सोनी ने बताया है कि जिले में 46 उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी प्रारंभ होने के पूर्व ही खरीदी के साथ धान को सुरक्षित रख रखाव हेतु आवश्यक व्यवस्था कर ली गई है। उन्होंने बताया कि आकस्मिक वर्षा से धान को सुरक्षित रखे जाने का प्रमाणपत्र जिला सहकारी बैंक व धान खरीदी प्रभारियों से लिया जाएगा।
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