बैकुण्ठपुर@ड्रामे के बीच बैकुंठपुर में भाजपा का अध्यक्ष,शिवपुर चरचा में कांग्रेस का अध्यक्ष

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लॉटरी से बनीं नमिता शिवहरे अध्यक्ष,किस्मत ने नमिता का दिया साथ,कांग्रेस पूर्ण बहुमत के बावजूद नहीं बना सकी बैकुंठपुर नपा में अपना अध्यक्ष

बैकुंठपुर विधायक अपने ही गृह नगरपालिका मे नहीं बना सकीं नगर सरकार,शिवपुर चरचा में वरिष्ठ कांग्रेसी योगेश की रणनीति में कांग्रेस का अध्यक्ष,कांग्रेस को उपाध्यक्ष पद से ही करना पड़ा संतोष

रवि सिंह-
बैकुण्ठपुर 1 जनवरी 2022 (घटती-घटना)। ड्रामे के बीच बैकुंठपुर में भाजपा का अध्यक्ष, शिवपुर चरचा में कांग्रेस का अध्यक्ष। लाटरी से बनीं नमिता शिवहरे अध्यक्ष, किस्मत ने नमिता का दिया साथ। कांग्रेस पूर्ण बहुमत के बावजूद नहीं बना सकी बैकुंठपुर नपा में अपना अध्यक्ष। बैकुंठपुर विधायक अपने ही गृह नगरपालिका मे नहीं बना सकीं नगर सरकार। शिवपुर चरचा में वरिष्ठ कांग्रेसी योगेश की रणनीति में कांग्रेस का अध्यक्ष। शिवपुर चरचा में भारी वोटों से कांग्रेस की लालमुनी यादव बनी अध्यक्ष। बैकुंठपुर नपा में अध्यक्ष पद के लिए टाई हुआ मामला, लाटरी में नमिता के सर सजा अध्यक्ष का ताज। बैकुंठपुर में अध्यक्ष पद के लिए हुई वोटिंग में कांग्रेस भाजपा को मिले थे समान मत। बैकुंठपुर नगरपालिका में कांग्रेस को उपाध्यक्ष पद से ही करना पड़ा संतोष। कांग्रेस के आशीष यादव लल्ला को मिले 20 में से 12 पार्षदों के मत। शिवपुर चरचा में भाजपा के राजेश सिंह बने उपाध्यक्ष, मिले 15 में से 8 मत। सत्ताधारी कांग्रेस की जिले की दोनों पालिकाओं में हुई नैतिक हार। कहीं अध्यक्ष बनाने से चूके कहीं उपाध्यक्ष भी नहीं बना, जबकि था पूर्ण बहुमत। पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष शैलेश शिवहरे का किस्मत ने भी दिया साथ, पत्नी बनी अध्यक्ष। शैलेश शिवहरे का बढ़ा कद, भाजपा के विधानसभा उम्मीदवार के लिए भी उनका नाम अब आया सबसे ऊपर। कांग्रेस सत्ता में रहकर भी बहुमत के बावजूद नहीं रोक सकी क्रास वोटिंग। कांग्रेस की अंतर्कलह खुलकर सामने भी आई जिलाध्यक्ष के खिलाफ जमकर नारे भी लगे। पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष भाजपा के शैलेश शिवहरे का धैर्य भी आया काम। बैकुंठपुर के नगरसेवक होने पर लगी मुहर भी, अब शैलेश शिवहरे भाजपा का बड़ा नाम। शैलेश शिवहरे ने साबित किया, वह हैं बाजीगर, किस्मत ने भी नमिता का दिया साथ।
कोरिया जिले कि दोनों नगरपालिकाओं में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव 1 जनवरी 2022 को भारी गहमा गहमी के बीच संपन्न हो गया। बैकुंठपुर व शिवपुर चरचा नगरपालिका में 20 दिसम्बर 2021 को हुए पार्षद पद के मतदान के बाद 23 दिसम्बर 2021 को हुई मतगणना में दोनों ही नगरपालिकाओं में सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी के सबसे ज्यादा पार्षद चुनाव जीतकर आये थे और कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत मिला था उसके बावजूद भी बैकुंठपुर जिला मुख्यालय के अध्यक्ष पद को ही कांग्रेस अपनी झोली में डाल पाने असमर्थ साबित हुई, पार्षदों ने कांग्रेस के ही क्रास वोटिंग कर दिया और बैकुंठपुर में अध्यक्ष पद का मामला कांग्रेस व भाजपा दोनो को 10-10 मत मिले और मामला बराबर वाला हो गया और जब लाटरी से निर्णय हुआ किस्मत के मामले में भाजपा सौभाग्यशाली साबित हुई और बैकुंठपुर नगरपालिका अध्यक्ष पद पर भाजपा की नमिता शिवहरे अध्यक्ष निर्वाचित हो गईं। उपाध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस को बैकुंठपुर में पूरे पार्षदों एक मत प्राप्त हुआ और आशीष यादव लल्ला कांग्रेस से वार्ड क्रमांक 06 के पार्षद उपाध्यक्ष बन गए। शिवपुर चरचा में भी कांग्रेस पूर्ण बहुमत की स्थिति में थी वहीं 15 वार्डों में से 8 वार्डों में कांग्रेस के पार्षद चुनाव जीतकर आये वहीं 1 अन्य निर्दलीय भी कांग्रेस के ही पक्ष में बना रहा इस तरह कुल 9 मत कांग्रेस के पास थे और अध्यक्ष के लिए लालमुनी यादव को 9 की जगह 10 मत मिले और वह अध्यक्ष बन गईं, वहीं उपाध्यक्ष पद पर शिवपुर चरचा में भी कांग्रेस धोखा खा गई और भाजपा के पार्षद पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष राजेश सिंह क्रास वोटिंग के सहारे उपाध्यक्ष बन गए।

अपने गृह नगर में अपना नगर अध्यक्ष नहीं बना सकीं विधायक

बैकुंठपुर नगरपालिका जिला मुख्यालय की नगरपालिका है और बैकुंठपुर विधायक का गृह नगर भी है, बैकुंठपुर विधायक अपने गृह नगरपालिका में कांग्रेस का नगरपालिका अध्यक्ष बना पाने में असफल साबित हुईं और वार्ड पार्षद चुनावों में मिले पूर्ण बहुमत के बावजूद बहुमत से भी ज्यादा पार्षदों के होने के बावजूद बैकुंठपुर नगरपालिका में सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी अपना अध्यक्ष नहीं बना सकी और बैकुंठपुर में भाजपा अपना अध्यक्ष बना ले गई। बैकुंठपुर नगरपालिका में अध्यक्ष पद के लिए हुए मतदान में कांग्रेस के तीन पार्षदों ने खुलकर भाजपा उम्मीदवार को मतदान कर दिया और वह भी खुलेआम ऐलान करते हुए उन्होंने ने ऐसा किया। बैकुंठपुर विधायक गृह नगर में असफल साबित हुईं।

विजेता पार्षदों को 8 दिनों अज्ञातवाश में रखकर भी एकमत नहीं कर सकीं विधायक

बैकुंठपुर विधायक बैकुंठपुर सहित शिवपुर नगरपालिका चुनावों में जीते हुए कांग्रेसी पार्षदों के साथ विगत 8 दिनों से अज्ञातवाश में थीं और वह लगातार बैकुंठपुर सहित शिवपुर चरचा नगरपालिका के अध्यक्ष उपाध्यक्ष पद के लिए पार्षदों के बीच एक आम राय बनाने का प्रयास कर रहीं थीं, उसके बावजूद जब नौवें दिन अध्यक्ष पद के लिए मतदान हुआ तो बैकुंठपुर नगरपालिका अध्यक्ष पद पर भाजपा का बिना बहुमत कब्जा दर्ज हो गया वहीं शिवपुर चरचा में भाजपा उपाध्यक्ष बनाने में भी कामयाब रही। कुल मिलाकर बैकुंठपुर विधायक पार्षदों को अपने साथ रखकर भी एक नाम पर सहमति बनाने में असफल रहीं और कहीं न कहीं हार की वजह भी यही बनी।

शिवपुर चरचा में योगेश की रणनीति में कांग्रेस का लगतार दूसरी बार अध्यक्ष

जिले की शिवपुर चरचा नगरपालिका अध्यक्ष पद चुनाव में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता योगेश शुक्ला की रणनीति काम आई और अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस की लालमुनी यादव को 10 पार्षदों के मत प्राप्त हो सके जबकि कांग्रेस के 8 ही पार्षद जीतकर आये थे, वैसे उपाध्यक्ष पद पर भाजपा ने कब्जा जमाने मे सफलता प्राप्त कर ली लेकिन अध्यक्ष कांग्रेस का बन सका और यह योगेश शुक्ला के कुशल सामंजस्य स्थापित करने की वजह से संभव हो सका। लगातार दो पंचवर्षीय नगर पालिका चुनाव में शिवपुर चरचा की कमान संभालने वाले योगेश शुक्ला ने कांग्रेस को दोनों बार अध्यक्ष बना कर दिया जो उनकी कुशल को दर्शाता है।

दोनों नगरपालिका के 4 कांग्रेसी पार्षदों ने किया कांग्रेस के ही प्रत्यासी के खिलाफ मतदान

कोरिया जिले की दो नगरपालिकाओं में बैकुंठपुर व शिवपुर चरचा में सम्पन्न हुए नगरपालिका पार्षद चुनावों में कांग्रेस कुल 35 वार्डों के चुनाव में 19 वार्डों में अपने पार्षदों को जीत दिला ले जाने में सफल हुई थी और वहीं दोनों ही नगरपालिकाओं में 2 निर्दलीय भी शुरू से ही कांग्रेस के साथ बने हुए थे इस तरह 35 में से 21 पार्षद कांग्रेसी खेमे में होने के बावजूद कांग्रेस एक नगरपालिका में अध्यक्ष पद से हांथ धो बैठी और एक नगरपालिका में उपाध्यक्ष पद से और इसके पीछे का कारण पार्षदों की क्रास वोटिंग रही जो कांग्रेस के हार का कारण बनी। कांग्रेस के 4 पार्षदों ने क्रास वोटिंग की जिसमें बैकुंठपुर में 3 पार्षदों के क्रास वोटिंग से कांग्रेस को अध्यक्ष पद से हांथ धोना पड़ा और वहीं शिवपुर चरचा में 1 पार्षद के क्रास वोटिंग से उपाध्यक्ष पद से कांग्रेस को हांथ धोना पड़ा। कांग्रेस बैकुंठपुर के तीन कांग्रेसी पार्षदों को लेकर तो जान चुकी है कि किसने क्रास वोटिंग की जिनमें से दो पार्षदों की तरफ से स्पष्ट विरोध करते हुए कांग्रेस छोड़ते हुए क्रास वोटिंग की गई वहीं एक अन्य का भी अंदाजा सत्ताधारी दल लगा चुकी है।

नमिता शिवहरे की जीत पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष शैलेश शिवहरे के धैर्य की जीत

बैकुंठपुर नगरपालिका चुनाव में अध्यक्ष के लिए हुए चुनाव में भाजपा की पार्षद नमिता शिवहरे अध्यक्ष चुन ली गईं, 20 पार्षदों में से उन्हें 10 पार्षदों ने अपना मत प्रदान किया और कांग्रेस की साधना जायसवाल को भी 10 ही मत प्राप्त हुए,दोनों दलों के अध्यक्ष पद उम्मीदवारों को समान मत मिलने के उपरांत पर्ची में नाम लिखकर अध्यक्ष पद का चुनाव लाटरी पद्धति से की गई जिसमें नमिता शिवहरे की किस्मत ने उनका साथ दिया और वह अध्यक्ष चुनी गईं। बैकुंठपुर नगरपालिका में नमिता शिवहरे का अध्यक्ष बनना शैलेश शिवहरे के धैर्य की जीत के रूप में माना जा रहा है जो बैकुंठपुर वासियों को भी गदगद करने वाली खबर बन गई जिसे कई लोगों द्वारा कहते सुना भी गया कि पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष को नगर की सेवा और सतत रूप से नगर हित में किये जा रहे अच्छे कामों का परिणाम मिला उनके धैर्य को इनाम मिला और उनकी धर्मपत्नी अध्यक्ष निर्वाचित हो गईं।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष की जमकर हुई आलोचना, जमकर विरोध में लगे नारे

नगरपालिका बैकुंठपुर अध्यक्ष पद के चुनाव के पूर्व और चुनाव के बाद भाजपा का अध्यक्ष कांग्रेस के पास स्पष्ट बहुमत के बावजूद बन जाने को लेकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष के खिलाफ जमकर नारे लगे और उनकी जमकर आलोचना भी हुई। जिलाध्यक्ष पर कांग्रेस के ही दो वार्डों से दो पार्षदों के साथ पहुंचे पार्षदों के परिजनों और वार्डवासियों ने वार्ड पार्षद मुसर्रत जहां को अध्यक्ष पद का कांग्रेस की ओर से दावेदार नहीं बनाए जाने को लेकर जिलाध्यक्ष कांग्रेस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जमकर आलोचना भी की वहीं अध्यक्ष पद पर भाजपा का कब्जा दर्ज होने के बाद भी उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई और जिलाध्यक्ष पर ही पूरे हार का ठीकरा फोड़ते कांग्रेसी नजर आए।

बैकुंठपुर अध्यक्ष पद को लेकर कांग्रेस में जमकर मचा मतदान पूर्व घमासान

बैकुंठपुर नगरपालिका अध्यक्ष पद के मतदान पूर्व जैसे ही कांग्रेस के सभी पार्षदों को यह बताया गया कि कांग्रेस की तरफ से साधना जायसवाल का नाम तय किया जा चुका है और उन्हें ही सभी कांग्रेसी पार्षद अपना मतदान कर अध्यक्ष बनाएंगे वैसे ही कांग्रेस के दो पार्षदों की तरफ से उनके परिवार के सदस्य ने विरोध दर्ज कर दिया और अपने परिवार के दोनों पार्षदों को लेकर वह अपने घर चले गए। वार्ड क्रमांक 10 और 11 के पार्षद जो कांग्रेस की टिकट पर जीतकर आये थे दोनों की तरफ से उनके परिवारजन आफ़ताब अहमद ने यह विरोध दर्ज किया और खुद की धर्मपत्नी को अध्यक्ष नहीं बनाए जाने की स्थिति में मतदान का विरोध करने की उन्होंने चेतावनी भी कांग्रेस के सभी चुनाव प्रभारियों व स्थानीय विधायक के समक्ष दे डाली। चेतावनी देते हुए आफ़ताब अहमद ने अपनी धर्मपत्नी पार्षद और अपने भतीजे पार्षद के साथ कांग्रेस के बैठक कक्ष से पलायन कर दिया और घोषणा कर दी कि वह कांग्रेस से स्तीफा भी देंगे क्योंकि वह खुद कांग्रेस पदाधिकारी हैं और उनके साथ उनकी धर्मपत्नी व उनके भतीजे का भी स्तीफा भेजेंगे और मतदान में भी भाग नहीं लेंगे। आफ़ताब अहमद की चेतावनी और उनके कांग्रेस की चल रही बैठक से अपने दोनों पार्षदों को लेकर पलायन करते ही कांग्रेस में भी अफरातफरी मच गई और मानमनौव्वल का दौर भी शुरू हुआ। मतदान हेतु मतदान कक्ष में पहुंचने के तय समय से विलंब से आफ़ताब अहमद की धर्मपत्नी व उनका भतीजा मतदान करने जरूर पहुंचे लेकिन उन्होंने बाहर ही घोसित कर दिया कि दोनों का मत कांग्रेस को नहीं मिलेगा और वही हुआ भी और अंततः एक अपने की कार्यकर्ता की नाराजगी दूर नहीं कर पाने की वजह से कांग्रेस अध्यक्ष पद से हांथ धो बैठी।

कांग्रेस के नगरपालिका चुनाव प्रभारियों की यह नैतिक हार

बैकुंठपुर व शिवपुर चरचा में स्पष्ट बहुमत के बावजूद कांग्रेस एक नगरपालिका में अपना अध्यक्ष नही बना सकी और एक नगरपालिका में उपाध्यक्ष पद से कांग्रेस को हांथ धोना पड़ा। बैकुंठपुर नगरपालिका में बहुमत से भी ज्यादा मत होने के बावजूद हुई हार वह भी अध्यक्ष पद के चुनाव में हार कांग्रेस के चुनाव प्रभारियों की नैतिक हार है और उन्हें इसका जिम्मा लेकर अपने पदों से स्तीफा देना होगा यह अब कांग्रेस कार्यकर्ता मांग कर रहें हैं। कांग्रेस में पार्टी पदाधिकारियों सहित निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने चुनाव संचालन किया था कांग्रेस के अब पार्टी पदाधिकारी तो स्तीफा दे भी दें लेकिन निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के स्तीफा कैसे संभव होगा यह भी कांग्रेस के अंदरखाने चिंतन जारी है, वैसे कार्यकर्ताओं सहित कांग्रेसियों का मामना है नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

वरिष्ठ कांग्रेसियों की उपेक्षा बनी हार की वजह

बैकुंठपुर नगरपालिका चुनाव में अध्यक्ष पद के चुनाव में कांग्रेस को मिले बहुमत के बावजूद कांग्रेस का अध्यक्ष नहीं बन पाना कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारियों की उपेक्षा के कारण मिला परिणाम है यह कांग्रेस के ही कार्यकर्ताओं का कहना है। कार्यकर्ताओं का कहना है जनता ने जिला मुख्यालय में कांग्रेस को चुना किसी व्यक्ति को नहीं लेकिन व्यक्तिवाद और खुद को किंग मेकर साबित करने की चाह में अध्यक्ष पद कांग्रेस ने गवां दिया जो वरिष्ठ कांग्रसियों की उपेक्षा के कारण मिला परिणाम है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि कांग्रेस में जिले में वरिष्ठ पदाधिकारियों और कर्मठ कार्यकर्ताओ से राय मशविरा नहीं किया जाना भी एक कारण हार का रहा। खुद को श्रेष्ठ मानकर चलने की वजह से यह परिणाम सामने है और यह दम्भ की हार है जो साबित हुआ यह कार्यकर्ताओं का कहना है।

शैलेश शिवहरे बने बैकुंठपुर भाजपा के नायक

बैकुंठपुर विधानसभा सहित बैकुंठपुर शहर के भाजपा के हिसाब से अब शैलेश शिवहरे नायक साबित हो गए। बैकुंठपुर नगरपालिका अध्यक्ष पद पर उनकी धर्मपत्नी के निर्वाचित होते ही उनके विलुप्त होने जा रहे राजनीतिक सफर को एक ऐसी दिशा मिली कि अब वह खुद को साबित तो कर ही ले गए कि उनके पास राजनीतिक सूझबूझ भी है और राजनीति का हर ककहरा भी वह जानते हैं इसलिए ही आज बाजीगर बन गए लेकिन उन्होंने भाजपा की भी इज्जत बचाई और जिला मुख्यालय जैसे महत्वपूर्ण नगरपालिका में अध्यक्ष पद पर कब्जा दर्ज किया। नगरपालिका बैकुंठपुर अध्यक्ष पद पर शैलेश शिवहरे की धर्मपत्नी नमिता शिवहरे के निर्वाचित होते ही शैलेश शिवहरे बैकुंठपुर भाजपा बैकुंठपुर विधानसभा भाजपा के नायक बनकर उभर सके और आज वह कोरिया भाजपा के भी नायक बन गए। नमिता शिवहरे के अध्यक्ष बनते ही शैलेश शिवहरे का भी बैकुंठपुर विधानसभा को लेकर भाजपा की तरफ से दावा मजबूत हुआ है।

भाजपा को शिवपुर चरचा में भी मिली सफलता

भाजपा को बिना बहुमत शिवपुर चरचा नगरपालिका में भी सफलता मिली और भाजपा उपाध्यक्ष पद पर कब्जा कर ले गई। भाजपा के पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष राजेश सिंह नगरपालिका उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए और जिससे भाजपा खेमे में उत्साह का संचार हुआ।

कांग्रेस लगातार करती रही गलती…हुई हार

कांग्रेस के ही अंदरखाने यह बात चल रही है कि अपनी ही गलतियों से कांग्रेस की हार हुई है खासकर बैकुंठपुर नगरपालिका में तो अध्यक्ष पद स भी हांथ धोना पड़ा। कांग्रेस के ही लोगों का कहना है कि कांग्रेस के जीते हुए पार्षदों को अज्ञातवाश में ले जाना भी कांग्रेस की बड़ी भूल रही और कांग्रेस खुद को आश्वस्त करने की चाहत में यह भूल गई कि अज्ञातवाश की बजाय सामंजस्य और पार्षदों को एकमत एकराय किया गया होता तो परिणाम सुखद रहे होते। कुल मिलाकर ज्यादा सुरक्षित होकर चलने की वजह से हार हुई यह कांग्रेस में ही कांग्रेसियों की राय।

मंत्री बैठे रहे हो गई हार

बैकुंठपुर नगरपालिका चुनाव प्रभारी नगरीय प्रशासन मंत्री शिव डहरिया बैकुंठपुर में बैठे रहे और बैकुंठपुर नगरपालिका में ही कांग्रेस के अध्यक्ष उम्मीदवार की हार हो गई। चुनाव प्रभारी मंत्री आस्वस्त थे कि उनकी जीत होगी लेकिन हार मिली और वह हार रोक नहीं सके।


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