कोरोना से त्रस्त व ऑक्सीजन के लिए परेशान रहे लोग,कोरोना से बचने टीकाकरण की लम्बी लाइन,जिले का विभाजन मुद्दा कहीं खुशी कहीं उदासी से रहा भरा
नगरी निकाय चुनाव रहा कांग्रेस हित में भाजपा दिखी पीछे,महंगाई ने भी तोड़ी लोगों की कमर,वहीं कोरोना भी बनी महंगाई की वजह
रवि सिंह-
बैकुण्ठपुर 31 दिसम्बर 2021 (घटती-घटना)। अलविदा 2021, कोरोना के कहर से साल भर परेशान रहा जिला, कोरोना से त्रस्त व ऑक्सीजन के लिए परेशान रहे लोग, कोरोना से बचने टीकाकरण की लम्बी लाइन, वैश्विक महामारी से बचने के लिए वैक्सीन लगवाने में बीता 2021, नगरी निकाय चुनाव रहा कांग्रेस हित में भाजपा दिखी पीछे, एक तरफ ऑक्सीजन की कमी से परेशान रहे लोग दूसरी तरफ टीकाकरण का रहा जोर, महंगाई ने भी तोड़ी लोगों की कमर, वहीं कोरोना भी बनी महंगाई की वजह, जिले का विभाजन मुद्दा कहीं खुशी कहीं उदासी से रहा भरा, सत्ताधारी कांग्रेस के लिए बेहतर रहा वर्ष 2021, जिले की दोनों नगरपालिकाओं पर हुआ कब्जा, जिला विभाजन के मुद्दे से नाराज जिले की दोनों नगरीय निकायों में जनता ने चुनाव में कांग्रेस का दिया साथ, भाजपा के लिए बहोत बेहतर नहीं रह वर्ष 2021, जिले की दोनों नगरपालिकाओं में हार का देखना पड़ा मुंह, विद्यार्थियों सहित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों के लिए भी बेहतर नहीं रह वर्ष 2021।
कोरोना कहर से त्रस्त रहा जिला, ऑक्सीजन के लिए परेशान रहे लोग हम 2021 की विदाई व 2022 के स्वागत की तैयारी में जुटे हैं। महज तीन दिन बाद 21 वीं सदी का 22वां सफर शुरू हो जाएगा। हालांकि, वर्ष 2021 की खट्टी-मिट्ठी यादें हमें हमेशा एक टीस देंगी। लेकिन, वर्ष 2022 में बहुत कुछ अच्छा होने की संभावना हमें थोड़ी राहत अवश्य देगी। वर्ष 2021 अब बीत चुका और नए वर्ष 2022 का स्वागत सभी उत्साह से करने की तैयारी में हैं और इन सभी के बीच वर्ष 2021 कैसा रहा इसपर भी विचार करें तो पायेंगे कि वर्ष 2021 जिले के हिसाब से जहां बहोत अच्छा नहीं रहा वहीं जिले के लोग कोरोना महामारी सहित रोजगार के अवसरों के हिसाब से भी परेशान रहे और महंगाई ने भी लोगों की कमर तोड़े रखी। राजनितिक दलों और जिले की राजनीति के हिसाब से भी जहां किसी को फायदा किसी को नुकसान हुआ वर्ष 2021 में वहीं यदि विद्यालयीन छात्र छात्राओं सहित शिक्षा के हिसाब से भी वर्ष 2021 का आंकलन किया जाय तो वर्ष 2021 बहोत बेहतर नहीं रहा उनके लिए भी जो अध्ययन रत रहे या जिन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी रोजगार के हिसाब से की और प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन नहीं होने से वे रोजगार के लिए होने वाली परीक्षाओं के आयोजन को लेकर प्रतिक्षरत बने रहे। वर्ष 2021 ने जिले को जिले का विभाजन भी दिया और जिले के विभाजन की कहीं उदासी देखी गई और कहीं खुशी भी देखी गई। कुल मिलाकर वर्ष 2021 की यादें सभी के लिए संजोकर रखने वाली हैं अधिकांश के लिए उदासी का वर्ष रहा परेशानियों का वर्ष रहा और बहोत ही कम लोगों के लिए बेहतर भी रहा है।
कोरोना महामारी की वजह से परेशान रहे जिलेवासी
जिलेवासी वर्ष 2021 में कोरोना महामारी की वजह से परेशान रहे, लॉक डाउन की वजह से लोगों को लगातार घरों में कैद रहना पड़ा, जिले में कोरोना से मौतों का आंकड़ा भी बढ़कर सामने आया और जिलेवासी कोरोना महामारी के भय के साये में घरों में कैद होकर किसी तरह संक्रमण के काल की समाप्ति और संक्रमण के समाप्त होने की प्रार्थना करते रहे और जीवन यापन करते रहे।
कोरोना संक्रमितों के लिए ऑक्सिजन की भी किल्लत से जूझता रहा जिला
वर्ष 2021 ऐसा वर्ष रहा जिसमे कोरोना संक्रमित मरीजों को ऑक्सिजन की कमी की वजह से भी परेशान देखा गया, जिले के स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोरोना संक्रमित मरीजों को ऑक्सीजन की कमी से निजात दिला पाने में जहां असफल देखा गया वहीं स्वास्थ्य विभाग भी जिले का कोरोना संक्रमित मरीजों को सुविधा दे पाने में पूरी तरह सफल नहीं देखा गया और लगातार स्वास्थ्य विभाग की आलोचना सामने भी आती रही। स्वास्थ्य विभाग के सीएमएचओ की सबस ज्यादा आलोचना हुई और विभागीय कर्मचारियों ने भी उनपर कोरोना संबंधी सुरक्षा सामग्रियों के क्रय को लेकर आरोप लगाये यह भी वर्ष 2021 में देखा गया।
महंगाई से त्रस्त रहे जिलेवासी
जिलेवासी एक तरफ कोरोना महामारी की वजह से घरों में कैद रहे वहीं इस दौरान मंहगाई ने भी जिलेवासियों की कमर तोड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी। एक तरफ रोजगार जाने की वजह से अर्थ की परेशानी दूसरी तरफ आवश्यक जीवन यापन की सामग्रियों की बढ़ती कीमतों की वजह से जिलेवासियों ने किसी तरह वर्ष 2021 का समय व्यतीत किया जो उनको उनकी परेशानियों की वजह से याद रहेगा।
बेरोजगारी ने भी लोगों को खूब सताया
वर्ष 2021 में लोगों को बेरोजगारी ने भी खूब सताया, लोग सरकार की तरफ से जारी लॉक डाउन की वजह से रोजगार से विहीन हुए और लोगों को रोजगार के अभाव में जीवन यापन के लिए संसाधनों की कमी से जूझते देखा गया। सबसे ज्यादा समस्या उन लोगों को वर्ष 2021 में उठानी पड़ी जिनके पास रोजगार का साधन छोटा मोटा व्यवस्या था या फिर मजदूरी उनकी रोजी रोटी थी।\
सरकारी कर्मचारियों के लिए बेहतर रहा आय के हिसाब से वर्ष 2021
शासकीय कर्मचारियों के हिसाब से कोरोना और वर्ष 2021 दोनों ज्यादा कुछ असरकारक नहीं रहे जिसकी वजह से उनको कोई दिक्कत ज्यादा हुई हो जो देखने को मिली हो। शासकीय कर्मचारियों को समय पर वेतन भत्तों का भुगतान होता रहा और उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ा,वेतन समय पर मिलता रहा।
विद्यार्थियों सहित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों के लिए नहीं अच्छा रहा वर्ष 2021
वर्ष 2021 विद्यार्थियों सहित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों के लिए बहोत बेहतर नहीं रहा विद्यालय बंद रहे, छोटे बच्चों की पढ़ाई जहां शून्य रही वहीं बड़े छात्र छात्राओं को भी ऑनलाइन पढ़ाई करनी पड़ी जो विद्यार्थियों के हिसाब से उनकी शिक्षा के हिसाब से सही नहीं रही वहीं घरों पर ही परीक्षा हुई और परिणाम जो विद्यार्थियों का आया उससे आपसी प्रतियोगी भावना जो छात्र छात्राओं में विद्यार्थी जीवन का उत्साह होता है उसका ह्रास हुआ। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे लोगों लिए भी वर्ष 2021 बिल्कुल ठीक नहीं रहा प्रतियोगी परीक्षाएं कम हुईं और कई परीक्षाएं स्थगित हुईं जिसकी वजह से प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे प्रतियोगियों के मन मे उदासी देखी गई।
जिले का विभाजन हुआ कहीं खुशी कहीं उदासी छाई
वर्ष 2021 में ही कोरिया जिले का विभाजन हुआ,एक तरफ जहां इससे बैकुंठपुर वासी और कोरिया जिलेवासियों के मन मे जिला विभाजन की पीड़ा देखी गई वहीं जिले से अलग होकर नवीन गठित होने जा रहे एमसीबी जिले में इसका उत्साह रहा जिले की घोषणा की खुसी रही। वैसे नवीन एमसीबी जिले में ही शामिल होने जा रहे चिरमिरी नगर निगम में भी जिला मुख्यालय चिरमिरी को नहीं बनाए जाने को लेकर उदासी देखी गई जो अभी भी कायम है।
कांग्रेस के लिए उपलब्धियों वाला रहा वर्ष 2021
वर्ष 2021 जिले में सत्ताधारी कांग्रेस के लिए उपलब्धियों वाला रहा, जिले की दो नगरपालिकाओं में हुए नगरीय चुनाव में दोनों ही पालिकाओं में कांग्रेस ने बहुमत प्राप्त किया जो वर्ष 2021 के जाते जाते कांग्रेस के लिए किसी उपलब्धि से कम नहीं रहा, जिला विभाजन के मुद्दे को भूलकर और कांग्रेस को इसका दोषी नहीं मानते हुए जिले की दो नगरपालिकाओं की जनता ने कांग्रेस की झोली में जिले की दोनों नगरपालिकाओं को डालकर यह भी बता दिया कि अभी प्रदेश के मुख्यमंत्री पर जिलेवासियों को विश्वास है और वह उनके साथ है।
आंदोलन और धरना प्रदर्शन भी जारी रहे जिला विभाजन को लेकर जिले में
जिले में वर्ष 2021 में जिला विभाजन को लेकर आंदोलन भी होते देखे गए, आंदोलन तो कई और हुए लेकिन यह एक ऐसा आंदोलन रहा जिसमें नवीन जिले कोरिया से अलग होकर बनने जा रहे एमसीबी के चिरमिरी नगरनिगम में भी आंदोलन होते देखे गए क्योंकि उनकी मांग जिला मुख्यालय चिरमिरी नगरनिगम क्षेत्र में स्थापित किये जाने की मांग रही वहीं आंदोलन शेष रह जा रहे कोरिया जिले में भी क्षेत्र परिसीमन के तहत खड़गवां विकासखण्ड को कोरिया जिले में शामिल किये जाने को लेकर जारी रहा।
चिरमिरी से पदयात्रियों का दल चिरमिरी को जिला मुख्यालय बनाने की मांग को लेकर पैदल रायपुर पहुंचा और भले ही उन्हें आस्वासन नहीं मिला यह भी वर्ष 2021 में देखने को मिला।
भाजपा के लिए नहीं रहा वर्ष 2021 बढि़या
15 साल प्रदेश की सत्ता की बागडोर सम्हालने वाली भाजपा वर्ष 2021 में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर सकी और जिला विभाजन का भी दोष सत्ता धारी दल पर लगाने के बावजूद नाराज जिलेवासियों को अपनी ओर कर पाने में भी भाजपा असफल रही, जिले कि दोनों पालिकाओं में भाजपा बहुमत से दूर रही चुनावों में।
जिले के तीनों विधायकों को लेकर वर्ष 2021
कोरिया जिले में वर्तमान में अविभाजित स्थिति में तीन विधानसभा की स्थितियों पर यदि नजर डाली जाय तो तीनों ही विधानसभाओं में सत्ताधारी कांग्रेस के विधायक ही निर्वाचित हैं और वह अपने अपने अनुसार अपने अपने क्षेत्र और विधानसभा के मतदाताओं के लिए कार्य कर रहें हैं। विधानसभा क्रमांक 01 भरतपुर सोनहत के विधायक गुलाब कमरों वर्ष 2021 में अपने क्षेत्र सहित अपनी विधानसभा की जनता के लिए ज्यादा ही कुछ कर पाए उनका कार्यकाल 2021 में बेमिसाल रहा।एक तरफ नवीन एमसीबी जिले की घोषणा सहित उसके गठन को लेकर उनका प्रयास कारगर रहा जो उनके विधानसभा सहित उनके क्षेत्र की जनता के लिए सौगात रहा वहीं भरतपुर सोनहत क्षेत्र में विकास कार्यों की अनगिनत सौगात देकर भी उन्होंने वर्ष 2021 को अपने लिए बेमिसाल बनाया। विधानसभा क्रमांक 02 मनेंद्रगढ़ के लिए कुछ खास नहीं रहा वर्ष 2021 वहीं चिरमिरी नगरनिगम क्षेत्र की जनता चिरमिरी नगरनिगम क्षेत्र को जिला मुख्यालय बनाये जाने की मांग करती रही पैदल राजधानी मार्च भी किया लेकिन विधायक जी ट्विन सिटी कहने के अलावा कुछ ज्यादा नहीं कह सके वहीं उनके समर्थकों में से कुछ की वजह से वह आलोचनाओं से भी घीरे जो उनके लिए वर्ष 2021 को बहोत बेहतर नहीं कर सका। विधानसभा क्रमांक 03 की विधायक के लिए भी वर्ष 2021 बेहतर ज्यादा नहीं रहा जिला विभाजन की भी अकोचनाएँ हुईं लेकिन जाते जाते उन्हें वर्ष 2021 दो नगरपालिकाओं का उपहार दे गया।
राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्षों के हिसाब से वर्ष 2021
कांग्रेस जिलाध्यक्ष वर्ष 2021 में भी अपनी कमजोर संगठनात्मक नीतियों को लेकर अकोचनाएँ झेलते रहे लेकिन उनको भी जाते जाते वर्ष 2021 सौगात के तौर पर जिले की दो नगरपालिका सरकार दे गया वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष के हिसाब से देखा जाय तो वर्ष 2021 में उनकी उपलब्धियां कुछ नहीं रहीं लेकिन संगठन गुटबाजी का शिकार हुआ और अंततः नगरपालिका चुनावों में करारी हार का उन्हें सामना करना पड़ा।
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