अंबिकापुर@ओमिक्रोन के बढ़ते खतरे के बीच जिले में तैयार किया गया मॉनिटरिंग सेल

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अंबिकापुर 30 दिसम्बर 2021 (घटती-घटना)। ओमिक्रोन का खतरा बढ़ता जा रहा है। वहीं सरगुजा जिले में प्रशासन कोरोना के संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए तैयार हो गया है। स्वास्थ्य सुविधा को चाक-चौबंद किया जा रहा है साथ ही कोविड कंट्रोल रूम की स्थापना कर हेल्पलाइन नंबर भी प्रशासन द्वारा जारी किया गया। ताकि वैश्विक महामारी से समय रहते हैं निपटा जा सके।
कोरोना की संभावित तीसरी लहर ओमिक्रोन का खतरा अब देश के कई राज्यों में असर दिखाने लगा है। ओमिक्रोन के बढ़ते मामले को देखनते कई राज्यों में नाईट कर्फ्यू लगा दिया गया है। वहीं सरगुजा जिले के बात करे तो आज के समय में स्थिति अभी सामान्य है। जिले में कोरोना के एक्टिव केश ना के बराबर है। जबकि ओमिक्रोन के अबतक एक भी मरीज नहीं मिले है। लेकिन बीते त्यौहार और नए वर्ष के मौके पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को देखते हुए जिला प्रशासन अभी से सतर्क हो गया है। या यूं कहें कि दूसरी लहर के दौरान मचे कोहराम से सीख लेते हुए संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए प्रशासन ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी है। इसी कड़ी में कलेक्ट्रेट कार्यालय के कंपोजिट बिल्डिंग के एक रूम को कोविड कंट्रोल रूम के तौर पर तैयार किया गया है। कोविड कंट्रोल रूम के माध्यम से जिला प्रशासन कोरोना के नए वेरियंट ओमिक्रोन की गतिविधियों पर नजऱ रखेगा। साथ ही प्रशासन द्वारा हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया जा रहा है। इस हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से कोई भी व्यक्ति कोरोना संबंधित जानकारी ले सकता है। वहीं कलेक्टर संजीव कुमार जहां ने बताया कि विपरीत आपदा से निपटने के लिए अस्पतालों में पर्यापत व्यवस्था की गई है। साथ ट्रेकिंग और होम आइसोलेशन की सुविधा पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि टेस्टिंग की संख्या को बढ़ाने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
हजार लीटर प्रति घंटा
की क्षमता वाला ऑक्सीजन
मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 50 प्रतिशत बेड की संख्या बढ़ चुकी है। वहीं गंभीर मरीजों के लिए आईसीयू बेड भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल में स्थापित किए गए हजार लीटर प्रति घंटा की क्षमता वाला ऑक्सीजन प्लांट भी फंक्शनल हो चुका है। बहरहाल नए वेरिएंट ओमिक्रोन से निपटने के लिए प्रशासन ने अपने स्तर पर पूरी तैयारियां कर ली है, लेकिन सबसे जरूरी जागरूकता है। जबतक लोगों के बीच जागरूकता नहीं आयेगी और नागरिक कोविड बिहेवियर का पालन नहीं करेंगे कोरोना के नये वेरियंट से बचना नामुमकिन होगा।
मॉनेटरिंग सेल का सरगुज़ा कलेक्टर संजीव झा ने व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए हर बिंदु पर सतत निगरानी के निर्देश दिये। साथ ही निगरानी के लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्त कर दिये है जिनमे अपर कलेक्टर अमृत लाल ध्रुव को कोविड केयर सेंटर तथा डेडिकेटेड कोविड अस्तपाल के कार्य डिप्टी कलेक्टर नीलम टोप्पो को कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग एवं होम आइसोलेशन हेतु कंट्रोल रूम प्रभारी के कार्य एवं डिप्टी कलेक्टर प्रवीण भगत को सैम्पलिग एवं टेस्टिंग के कार्य हेतु नोडल नियुक्त किये गए हैं।


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