Breaking News

अम्बिकापुर@दिसंबर के अंत में सरगुजा संभाग में झमाझम बारिश,कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि

Share

अम्बिकापुर 28 दिसम्बर 2021 (घटती-घटना)। सूरजपुर में तेज आंधी के साथ जमकर बारिश हुई। वहीं आज शाम सूरजपुर जिले के प्रतापपुर के आसपास के अन्य क्षेत्रों में हुई ओलावृष्टि से मार्ग में बर्फ की चादर बिछ गयी जिससे यह जगह किसी हिल स्टेशन की तरह दिखाई दे रहा था। लोगों ने इस ओलावृष्टि के थमने के बाद इसमें खेलने का भी लुत्फ उठाया। मौसम विभाग के पूर्व अनुमान के अनुसार सरगुजा संभाग की शाम तेज गरज के साथ जमकर बारिश हुई। वहीं अविभाजित सुरगुजा के प्रतापपुर के कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि भी हुई है। इससे अंबिकापुर समेत आसपास के इलाकों में कनकनी काफी बढ़ गयी। शाम पाच से छह बजे के बीच में प्रतापपुर के धरमपुर इलाकों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। ओलावृष्टि से सड़क पर वर्क के टुकड़ों का परत सड़क पार जम गया। इससे सड़क पर आने जाने वाले लोगों ने मस्ती करते नजर आए।
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर-पूर्वी राजस्थान के वायुमंडल के निचले क्षोभमंडल तक चक्रवाती परिसंचरण युक्त द्रोणिका आकार पूरी तरह से ले ली है। इसे लेकर मौसम विभाग अंबिकापुर ने पूर्व में ही मौसम खराब रहने की आशंका व्यक्त किया था। लगातार पश्चिमीविक्षोभ विक्षोभों की सक्रियता का प्रभाव उत्तर छत्तीसगढ़ पर सोमवार से ही दिखना शुरू हो गया था। मंगलवार की सुबह से ही आसमान में बादल की सक्रियता रही। इससे धूप नहीं निकली। दोपहर बाद से ही बूंदा बांदी शुरू हो गई थी। वहीं शाम 4 बजे के बाद से ही तेज गरज व हवा शुरू हो गई। इसके बाद शाम 5 बजे ही सरगुजा संभाग के कई क्षेत्रों में झमाझम बारिश हुई। इसके बाद हल्की बारिश देर रात तक होती रही। इससे अंबिकापुर समेत आसपास के इलाकों में कनकनी काफी बढ़ गयी। मौसम विभाग के विज्ञानिक एमएस भट्ट के अनुसार आसमान में बादल की सक्रियता के कारण अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। खान सोमवार का अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस था वहीं मंगलवार को घाट कर 21 डिग्री तक पहुंचा। जबकि न्यूनतम तापमान 11.4 डिग्री सेंटीग्रेड रहा। दिसम्बर के उत्तरार्ध और जनवरी के पूर्वार्ध की अवधि जब सरगुजा सम्भाग में शीत ऋतु अपने परवान पर होती है तब पश्चिमी देशों से आने वाले मौसमी व्यवधान से भले ही ठंड से कुछ राहत मिलती है पर इस व्यवधान में बारिश के साथ ओलावृष्टि हो जाने के मायने यह बताने के लिए पर्याप्त होते हैं कि अभी ठंड का सरगुजिहा तेवर गया नहीं है। जब तक आसमान में पछुआ के बादलों की उपस्थिति है तब तक मौसम के सुहाना होने का अहसास है, परन्तु इन बादलों के पूर्व दिशा की ओर प्रस्थान करते ही जब उत्तरी हवाओं को अवरोध विहीन रास्ता मिलेगा तब राजस्थान, हरियाणा, पंजाब के मुहाने हिमालय की चोटियों से टकराई हुई शुष्क बर्फीली हवाएं 2 3 तारीख के दरमियान छत्तीसगढ़ के उत्तरी पठार की हड्डियों को हिलाने आ धमकेंगी। अभी जो न्यूनतम 11 – 12 डिग्री सेल्सियस तक गर्म रह रहा है वह एक बार फिर से इन वादियों में 3- 4 तक औंधे मुंह गिरने को बेताब रहेगा।
30 दिसंबर के बाद तेज
ठंड की आशंका
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के कारण आसमान में बादल छाए हुए है। बादल की सक्रियता के कारण ठंड में कुछ कमी है पर आसमान से बादल की सक्रियता 30 दिसंबर तक हटने की अनुमान है। बादल की सक्रियता खत्म होते ही सरगुजा संभाग में कड़ाके की ठंड पडऩे की उम्मीद है। सरगुजा पूरी तरह शीतलहर की चपेट में रहेगा। बादल छंटने के बाद घने कोहरे के साथ-साथ न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।


Share

Check Also

कोरिया@ अगर जुलूस ही न्याय है तो अदालतों की जरूरत क्या?

Share जब भीड़ ताली बजाए और पुलिस जुलूस निकाले — तब संविधान चुप क्यों हो …

Leave a Reply