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अम्बिकापुर@बर्फीली हवाओं से कांपा पूरा सरगुजा

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अंबिकापुर का तापमान में भरी गिरावट,मैनपाट का पारा 3 डिग्री

अम्बिकापुर 19 दिसम्बर 2021 (घटती-घटना)। बर्फीली हवाओं के कारण ठिठुरन बढ़ा दी है। अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान 24 घंटे के अंदर साढ़े चार डिग्री की तेज गिरावट दर्ज की गई है। जहां रविवार को अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान 10.5 डिग्री था वहीं सोमवार को यह तापमान गिर करर 6 डिग्री पहुंच गया है। वहीं छत्तीसगढ़ के शिमला कहे जाने वाले मैनपाट का न्यूनतम तापमान 3 डिग्री तक पहुंच गया है। इस लिए मैनपाट के कई स्थानों पर ओस की बूंदे जमनी शुरू हो गई है। वहीं बलरामपुर जिले का तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। बलरामपुर का न्यूनतम तापमान 2.4 डिग्री सेल्सियस रहा है। लगातार तापमान में गिरावट दर्ज होने से सरगुजा संभाग पूरी तरह से सिहर चुका है। ठंड ने पूरी तरहर से लोगों को हिला कर रख दिया है। जबकि अंबिकापुर का न्यूनतम सामान्य से 2.7 डिग्री सेल्सियस औरर अधिकतम 2.1 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा है।
सरगुजा जिले में 10 से 12 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही ठंड अवाओं से ठिठुरन बढ़ा दिया है। अंबिकापुर मुख्यालय के अलावा मैदानी इलाकों में जबरदस्त ठंड पड़ रही है। ठंड से बचने के लिए लोग अलावा का सहरा ले रहे हैं। वहीं मैनपाट में रविवार की सुबह बाहर खड़ी कार के शीशे, पुआल व घासों पर ओस की बूंदे जम चुकी है। ठंड से लोगों को घर से निकलनाा मुश्किल हो चुका है। शाम होते ही शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसर चुका। ठंड से बचने लोग अपने-अपने घरों ही रहे। उत्तर भारत की ओर से आने वाली बर्फीली हवाओं ने सरगुजा में ठिठुरन बढ़ा दी है। पिछले कुछ दिनों से ठंड ने अपना कहर बरपाराना शुरू कर दिया है। आसमान से बादल छंटने व उत्तर भारत की ओर से आने वाली बर्फीली हवाओं से शनिवार को पूरे दिन ठंड का असर देखा गया। लोग दिन में भी गर्म कपड़ों में नजर आए। वहीं पिछले कुछ दिनों से उत्तर भारत में मौसम साफ होने और आसमान से बादल छंटते ही बर्फीली हवा आने से सगुजा में ठंड बढ़ी है। रविवार को पूरे दिन ठंड का असर देखा गया। लोग दिन में भी गर्म कपड़ों में नजर आए। पूरी तरह से धूप न निकलने का कारण लोग आसामान में बादल होना मान रहे थे पर मौसम वैज्ञानिक के अनुसार आसमान में बादल नहीं हैं। पूरे दिन हल्का कोहरा होने के कारण पूरी धूप नहीं दिकल पाई इसलिए ठंड का एहसास ज्यादा हुआ। आसमान में हेजी स्काई था।


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